मॉब लिंचिंग का LIVE वीडियो, देखें धार में कैसे 2 घंटे तक 200 ग्रामीणों ने 7 लोगों पर बरपाया कहर
धार। मध्य प्रदेश के धार जिले मनावर इलाके में 5 फरवरी 2020 को हुई मॉब लिंचिग में 38 वर्षीय किसान गणेश की मौत हो गई और छह घायल हो गए। मनावर के खरिकिया और बोरलाई में ग्रामीणों ने इन पर बेरहमी से कहर बरपाया। 2 घंटे तक किसान रहम की भीख मांगते रहे, मगर 200 से ज्यादा ग्रामीणों की भीड़ इन्हें बच्चा चोर गिरोह समझकर पीटती रही। लाठी, डंडों और पत्थरों से सातों लोगों को तब तक मारा गया जब पुलिस मौके पर नहीं पहुंची।

वर्ष 2020 में देश में मॉब लिंचिंग का यह पहला मामला मध्य प्रदेश के धार जिले में सामने आया है। धार मॉब लिंचिंग में घायल हुए किसान विनोद मुकाती ने उपचार के दौरान पुलिस पूछताछ में बयां किया ग्रामीण की हैवानियत की सारी हदें पार कर देने वाला वो खौफनाक मंजर जिसे सुनकर पुलिस के भी रौंगटे खड़े हुए। आइए जानते हैं धार मॉब लिंचिंग आंखों देखा हाल खुद किसान विनोद की जुबानी।

5 फरवरी 2020 को मध्य प्रदेश के धार में मॉब लिंचिंग
मध्य प्रदेश इंदौर जिले की सांवेर तहसील के गांव शिवपुर खेड़ा निवासी विनोद पिता तुलसीराम मुकाती बताते हैं उनके यहां खेतों में मजदूरी करवाने वालों को एडवांस रुपए देने की परम्परा है। उसी के तहत विनोद के साथ-साथ उनके ही गांव के अन्य किसान गणेश पिता मनोज, लिम्बा पिपलिया के राधेश्याम पिता लिम्बा, नरेंद्र पिता सुंदरलाल शर्मा, जगदीश पिता राधेश्याम शर्मा व जगदीश पिता पूनमचंद्र ने धार जिले के तिरला ब्लॉक के खिरकिया गांव के मजदूर अवतार, जामसिंह, महेश, राजेश व सुनील को कुल ढाई लाख रुपए एडवांस दिए थे।

रुपए लेने के बाद गुजरात गए मजदूरी करने
पांचों मजदूर प्रत्येक 50-50 हजार एडवांस लेने के बाद भी उनके यहां मजदूरी करने नहीं आए। इसकी बजाय गुजरात चले गए। ऐसे में मजदूरों से सम्पर्क करके उनके एडवांस दिए रुपए मांगे तो उन्होंने रुपए लेने के लिए अपने गांव बुलाया। इस पर किसान विनोद, गणेश, जगदीश पिता राधेश्याम, नरेंद्र, जगदीश पिता पूनमचंद, तथा लिम्बा पिपलिया का रवि पिता शंकरलाल दो कारों में सवार होकर खिरकिया के लिए निकले। आदिवासी बाहुल्य इस इलाके की बारे में जानकारी नहीं थी तो इनके यहां मजदूरी करने आए गांव खिरकिया के ही मुकेश पिता अंतरलाल को भी साथ लिया।

धार मॉब लिंचिंग की शुरुआत रास्ता रोकने से
दो कारों में सवार होकर हम सातों लोग सुबह नौ बजे गांव खिरकिया पहुंचे। वहां पहुंचते ही 15-20 ग्रामीणों ने हमारा रास्ता रोक लिया और पत्थरबाजी शुरू कर दी। हम घबरा गए। जैसे-तैसे कार पलटाकर जान बचाकर भागे। हमने कारों को मनावर रास्ते पर गाड़ी दौड़ा दिया। इसी दौरान खिरकिया के पत्थरबाजों ने आगे के गांवों में मोबाइल के जरिए झूठी सूचना फैला दी कि दो वाहनों में कुछ लोग दो बच्चों का अपहरण कर भागे हैं।

बच्चा चोर समझकर बोरलाई में उन पर टूट पड़े ग्रामीण
खिरकिया के पत्थरबाजों द्वारा फैलाई गई बच्चा चोरी की अफवाह का असर यह रहा कि करीब बीस किलोमीटर दूर गांव बोरलाई पहुंचे तो वहां रास्ते में मोटरसाइकिल लगाकर ग्रामीणों ने कारों को रुकवा लिया। उस वक्त वहां करीब दो सौ लोगों की भीड़ मौजूद थी। सातों किसानों को मजबूरन कार रोकनी पड़ी और वे बचने के लिए कारों से उतरकर एक दुकान में घुस गए। भीड़ उन्हें बच्चा चोर समझकर बेकाबू हो गई और दुकान का दरवाजा तोड़ डाला। फिर उन्हें बाहर निकाला और उन पर कहर बरपाना शुरू किया। लाठी, डंडों और पत्थरों में से जिसके जो हाथ लगा। उसी से पीटने लगे। मारपीट का खेल करीब दो घंटे तक चला। हम सब उनसे छोड़ देने की गुहार लगाते रहे और वे कहर बरपाते रहे।

सूचना पाकर मौके पर पहुंचे सिर्फ दो जवान
इस बीच किसी ने मनावर पुलिस थाने में सूचना कर दी। पुलिस के दो जवान मौके पहुंचे और यहां का मंजर देख उनके भी रौंगटे खड़े हो गए। फिर पुलिस का अतिरिक्त जाब्ता मौके पर आया। मनावर थाना प्रभारी युवराजसिंह चौहान के अनुसार पुलिस ने अश्रु गैस छोड़कर भीड़ को खदेड़ा। घायलों को अस्पताल लाया गया। गंभीर घायल गणेश (38) पिता मनोज को बड़वानी रेफर किया गया था, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही उसकी मौत हो गई। इन कार सवारों के साथ खिरकिया ग्राम का मजदूर मुकेश पिता अंतरलाल भी था, जो गायब है। उसे ढूंढने का प्रयास किया जा रहा है। मामले में आरोपित अवतारसिंह, भुवानसिंह, जामसिंह तथा 40 से 45 लोगों पर हत्या, हत्या का प्रयास व बलवा में प्रकरण दर्ज किया है। वहीं, डॉ. अमित जायसवाल के अनुसार घायल जगदीश पिता राधेश्याम, नरेंद्र पिता सुंदरलाल, जगदीश पिता पूनमचंद्र व राधेश्याम पिता लिम्बा को उपचार उपरांत इंदौर रैफर किया है।

टीआई, एसआई समेत पांच पुलिसकर्मी सस्पेंड
धार पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने बताया कि मध्य प्रदेश मॉब लिंचिंग मामले में पुलिस की स्पेशल टीम ने पांच मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। टीआई, एसआई और तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। गुरुवार सुबह स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट इंदौर में भर्ती घायलों से मिलने पहुंचे। वहीं, सीएम कमलनाथ ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। इसको लेकर एसआईटी का गठन किया जा रहा है, जिसमें एडिशन एसपी, सीएसपी, टीआई और प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे।












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