Rajgarh Lok sabha Chunav: दोपहर तक राजगढ़ सीट पर बंपर वोटिंग, कितने मजबूत हैं दिग्विजय सिंह
Madhya Pradesh Lok Sabha Election Voting: मध्य प्रदेश में लोकसभा की हॉट सीट राजगढ़ पर दोपहर तक बंपर वोटिंग हुई बता दे की 1:00 बजे तक लोकसभा क्षेत्र में कुल 52.60% वोटिंग हो चुकी है। इसके अलावा कई क्षेत्रों में मतदान को लेकर बहिष्कार भी देखा गया। वही सारंगपुर में कांग्रेस नेता को नजरबंद किया गया।
राजस्थान से सटे राजगढ़ क्षेत्र इन दिनों तेज गर्मी से बेहाल है। इस गर्मी में भी यहां पर लोकसभा का चुनाव अपने पूरे चरम पर है। इस बार यहां का चुनाव देशभर में चर्चित हो गया है। दरअसल, यहां से पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह चुनाव लड़ रहे हैं।

बता दे दिग्विजय सिंह लोकसभा का पिछला चुनाव भोपाल से 3 लाख से ज्यादा वोटो के अंतर से हार गए थे। अब यह चुनाव उनकी राजनीतिक सांग का चुनाव है यह उनका अंतिम चुनाव भी माना जा रहा है जनता में उनकी पकड़ की परीक्षा का चुनाव भी यह माना जा रहा है।
इस क्षेत्र का तापमान 40 डिग्री से ज्यादा है। भरी गर्मी और उसके बीच 77 साल के दिग्विजय सिंह अपनी जीत को लेकर लगातार धुआंधार चुनाव प्रचार किया। दिग्विजय सिंह ने इतनी मेहनत इसलिए की, क्योंकि उन्हें अपनी पुरानी हार को पटना है, जो करीब सवा चार लाख वोटो से हुई थी। स्थानीय मतदाताओं की माने तो इस बार राजगढ़ लोकसभा सीट पर मुकाबला कांटे का है।

राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र में सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो गया है, जो शाम 6 बजे तक चलेगा। मतदान केंद्रों में सुबह साढ़े 6 बजे से ही मतदाताओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। इस समय तक राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र में कुल 52.60 प्रतिशत वोटिंग हो चुकी है।
कुछ गांवों में, जैसे कि राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र के चांचौड़ा कनका नेहरू गांव, खिलचीपुर के गुनाखेड़ी गांव, और नरसिंहगढ़ के ललोती गांव में, ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर मतदान का बहिष्कार किया है। वे अपनी अलग-अलग मांगों को लेकर नारेबाजी भी की है।

अत्याधिक व्यवस्थापन में उत्तरदायित्व निभाने की जरूरत है। खिलचीपुर विधानसभा के जामुनिया मतदान केंद्र के पीठासीन अधिकारी बाल कृष्ण सिंह चौहान को उच्च अधिकारी ने सस्पेंड कर दिया है, आरोप है कि वे शराब पीकर अभद्र व्यवहार कर रहे थे।
राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र में आठ विधानसभा क्षेत्र हैं, जो हैं - राजगढ़, ब्यावरा, खिलचीपुर, नरसिंहगढ़, सारंगपुर, गुना जिले की राघोगढ़, चाचौड़ा और आगर जिले की सुसनेर। साल 2019 में यहां 74.32% मतदान हुआ था।
दिग्विजय सिंह हार चुके हैं राजगढ़
दिग्विजय सिंह राजगढ़ लोकसभा का एक चुनाव हार चुके हैं बता दें दिग्विजय सिंह ने यहां से पहला लोकसभा चुनाव इंदिरा लहर में 1984 में लड़ा था तब उन्होंने यहां से भाजपा के जमनालाल को 1 लाख 97 हजार मतों से हराया था। इसके बाद 1989 के चुनाव में दिग्विजय सिंह यहां से चुनाव हार गए थे। उन्हें भाजपा के प्यारे लाल खंडेलवाल ने 67,424 वोटो से हरा दिया था। इसके बाद दिग्विजय सिंह यहां से तीसरी बार लोकसभा का चुनाव 1991 में लड़े और जीते। इस चुनाव में भी उनका मुकाबला बीजेपी के प्यारेलाल खंडेलवाल से था। यह चुनाव उन्होंने 1470 वोटो से जीता था। जबकि रोडमल नागर 2014 में मोदी लहर में सवा दो लाख 28737 वोटो से जीते थे। इसी तरह साल 2019 के चुनाव में हुए 4 लाख 31 हजार 19 वोटों से जीते है।












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