मध्य प्रदेश ट्रांसमिशन कंपनी का नवाचार, अब ट्रांसमिशन लाइनों की मॉनिटरिंग ड्रोन करेगा
जबलपुर, 26 सितंबर: ट्रांसमिशन लाइनों की मॉनिटरिंग करने अभी तक टेक्निकल कर्मचारी को टॉवर पर चढ़ना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब ट्रांसमिशन लाइनों की मॉनिटरिंग ड्रोन करेगा। यह नवाचार मध्य प्रदेश ट्रांसमिशन कम्पनी करने जा रही है।

दरअसल, यह मॉनिटरिंग टेक्निकल कर्मचारी के भरोसे होती थी। उसे साल में दो बार टॉवर पर चढ़कर और महीने में एक बार जमीन पर चलकर पेट्रोलिंग करना पड़ती है। टॉवर पर चढ़ने के बाद नीचे देखकर उसे नोट करना होता है और फिर नीचे उतरकर उसे नोट करना होता है। इससे कई बार स्पष्ट फॉल्ट दिखाई नहीं देते। इसके अलावा नोट करते वक्त वह कुछ भूल भी सकता है। इसलिए मध्य प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कम्पनी ड्रोन से इसकी मॉनिटरिंग करेगी।
पहली बार ये प्रयोग
मध्य प्रदेश ट्रांसमिशन कम्पनी के के एमडी सुनील तिवारी का कहना है कि पहले इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लिया हैं ड्रोन से 250 टॉवर की पेट्रोलिंग की गई। इसमें सफलता मिलने पर अब अक्टूबर से इस प्रोजेक्ट को शुरू किया जा रहा है। मध्य प्रदेश में 80 हजार टॉवर हैं। पहले चरण में मध्य प्रदेश में क्रियाशील 2850 किलोमीटर लंबी लाइनों के लगभग 10000 टॉवर की पेट्रोलिंग करके डाटा एकत्रित किया जाएगा।इस डाटा का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंट साफ्टवेयर के माध्यम से संग्रहण करके अध्ययन किया जाएगा। ये कार्य अक्टूबर से शुरू करके मार्च 2023 तक पूरा किया जाएगा।
ये है फायदा
ड्रोन से पेट्रोलिंग कराने से दुर्गम से दुर्गम भौगोलिक स्थिति में लगे टावरों की पेट्रोलिंग हो सकेगी। फॉल्ट आने पर ड्रोन से प्राप्त टावरों और लाइन की फोटो और वीडियोग्राफी को देखकर फॉल्ट दूर किया जा सकेगा। मध्य प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कम्पनी 220 केवी अति उच्चदाब लाईनों की पेट्रोलिंग ड्रोन से करावेगी। बाद में 400 केवी और 132 केवी की अति उच्चदाब लाइनों की ड्रोन पेट्रोलिंग की जाएगी। एमडी सुनील तिवारी का कहना है कि इस कार्य के लिए प्राईवेट कम्पनी को 48 लाख में ठेका दिया गया है।












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