पितरों को मुक्ति दिलाने पाकिस्तान से भारत आए 45 हिन्दू, अब भगवान जगन्नाथ स्वामी के दर्शन करेंगे
पाकिस्तान से अपने पितरों का तर्पण करने भारत आए हिन्दुओं ने बीते रोज दमोह के चैनपुरा में आनंदकंद दयालु भगवान आश्रम साकेत धाम में साधु-संतों का आर्शीवाद लिया है। गयाजी के बाद अब ये जत्था जगन्नाथपुरी जा रहा है।


पाकिस्तानी हिन्दुओं के दल की अगुवाई कर रहे श्रीकृष्ण किशोरदास ने बताया कि वे पाकिस्तान के कराची में रहते हैं। सनातन और वैष्णव गुरू परंपरा से जुड़े हुए हैं। वे साल 2009 से कराची में भगवान जगन्नाथ स्वामी की रथयात्रा निकालते आ रहे हैं। सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार भी कर रहे हैं। अपने पितरों का तर्पण करने के लिए पितृपक्ष में भारत नहीं आ सके थे। अब हिन्दू परिवारों के 45 महिला-पुरुषों व युवाओं को लेकर पितृ तर्पण करने गयाजी गए थे। दमोह के आनंदकंद दयालु भगवान के साकेतधाम आश्रम के बारे में काफी सुना था, इसलिए जगन्नाथपुरी जाने से पहले वे जत्था लेकर यहां दर्शन करने आए हैं।
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प्रादेशिक बैठक में भी शामिल हुए, संतों-महंतों का आर्शीवाद लिया
दमोह के चैनपुरा क्षेत्र में आनंदकंद दयालु भगवान के आश्रम साकेत धाम में पाकिस्तान से श्रीकृष्ण किशोर दास के साथ 45 श्रद्धालु प्रादेशिक बैठक के कार्यक्रम में सम्मिलित हुए जिसमें सभी साधु-संतों का सम्मान श्रीकृष्ण किशोर दास द्वारा किया गया। इसके अलावा उन्होंने बताया कि विगत 2009 से वे कराची में स्वामी जगन्नाथजी की रथ यात्रा का आयोजन कर रहे हैं। कई भागवत कथाएं भी कर चुके हैं और उनके प्रेरणा स्रोत भारत के कथावाचक डॉ. श्याम सुंदर पाराशर हैं।
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यूट्यूब पर दमोह के आनंदकंद आश्रम की जानकारी ली थी
श्रीकृष्ण किशोर दास ने यूट्यूब पर भारत में दमोह के साकेत धाम के बारे में बहुत सुन रखा था, जिसकी उन्होंने जानकारी ली कि सवा लाख रामायण के पाठ होने वाला यह स्थान दर्शन योग्य है। इसलिए सभी ने अपने वीजा में दमोह को भी भ्रमण के रूप में जुड़वा लिया था। सभी ने गयाजी जाकर अपने पितरों का तर्पण किया और दमोह साकेत धाम पहुंचे। इसके बाद सभी श्रद्धालु जगन्नाथ पुरी की यात्रा के लिए रवाना होंगे। भारत में उन्हें सभी जगह अपनापन मिल रहा है और भगवान की कृपा है कि सब के आशीर्वाद मिलना संभव हो पा रहा है। प्रादेशिक बैठक में षडदर्शन साधुमंडल की तरफ से उन्हें पाकिस्तान का राष्ट्राध्यक्ष भी घोषित किया गया। श्रद्धालुओं के जत्थे में महिलाएं बच्चे व वृद्ध सभी सम्मिलित हैं।












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