MP News: चना किसानों के लिए खुशखबरी, फिर से आगे बढ़ी समर्थन मूल्य पर पंजीयन की तारीख
मध्यप्रदेश में रबी वर्ष 2024-25 (विपणन वर्ष 2025-26) में किसानों से समर्थन मूल्य पर चना, मसूर एवं सरसों की फसल के उपार्जन के लिए प्रदेश भर में किसानों की उपज खरीदी हेतु पंजीयन अब 21 मार्च तक करा सकते हैं।
पहले पंजीयन कराने के लिये 17 मार्च की तारीख निर्धारित थी। किसान भाई जिले में निर्धारित 40 पंजीयन केन्द्रों एवं मोबाइल एप के माध्यम से भी अपनी फसल का नि:शुल्क पंजीयन करा सकते हैं।

इसके साथ ही अन्य माध्यम जैसे एमपी ऑनलाइन, सीएससी केन्द्र आदि से सशुल्क भी पंजीयन कराया जा सकता है। संयुक्त संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस वर्ष चने का समर्थन मूल्य 5650 रूपए प्रति क्विंटल, मसूर का 6700 रूपए प्रति क्विंटल एवं सरसों का समर्थन मूल्य 5950 रूपए निर्धारित किया गया है। किसान भाई निर्धारित उपार्जन केन्द्र पर पहुँचकर अपनी उपज विक्रय कर सकेंगे।
पहले यह तारीख तय थी
भारत सरकार की प्राईस सपोर्ट स्कीम अंतर्गत रबी वर्ष 2024-25 (विपणन वर्ष 2025-26) न्यूनतम समर्थन मूल्य पर चना उपार्जन हेतु उपार्जन नीति जारी की गई है। उप संचालक कृषि के.सी. वास्कले ने बताया कि ई-उपार्जन पोर्टल पर 20 फरवरी 2025 से 10 मार्च 2025 तक चना के उपार्जन हेतु पंजीयन किए जाने के निर्देश दिए गए थे।
उन्होंने बताया था कि, चना उपार्जन हेतु जिले में दिनांक तक 5007 किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया था। पिछले वर्ष 11169 किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया था। पिछले वर्ष की तुलना में चना पंजीयन कम हुआ है, जिसके लिए जिले से चना की पंजीयन अवधि बढ़ाने हेतु अनुरोध किया गया था।
उप संचालक कृषि वास्कले ने बताया था कि, कृषक हित को दृष्टिगत रखते हुए शासन द्वारा चना पंजीयन की अवधि 17 मार्च 2025 तक बढाई गई थी। उन्होंने किसान भाइयों से अपील की थी कि, अधिक से अधिक चने का पंजीयन कराकर 5650 रू. प्रति क्विंटल की दर से समर्थन मूल्य का लाभ लेवें।
काबुली चने का प्लांट हुआ स्थापित
मध्यप्रदेश में निमाड़फ्रेश ने 06 मार्च अपने काबुली चना प्रोसेसिंग प्लांट का भव्य शुभारम्भ किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्य अतिथि विधायक बालकृष्ण पाटीदार, कलेक्टर भव्या मित्तल, पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा, एजीएम नाबार्ड विजेंद्र पाटिल एवं जनसेवक संतोष पाटीदार उपस्थित रहे। विशेष अतिथि डीडीए एसएस राजपूत, डीडीएच गिरवाल, केवीके से वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ एसके त्यागी, वरिष्ठ फ़ूड साइंटिस्ट डॉ अनीता शुक्ला एवं अन्य अधिकारीगण भी शामिल हुए।
किसानों से किया वादा हुआ पूरा
निमाड़फ्रेश ने किसानों को वादा किया था कि वह उनके लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करेगा, जिससे उन्हें सीधा लाभ मिले। इस वादे को पूरा करते हुए निमाड़फ्रेश ने काबुली चना प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया है। भविष्य में जब निमाड़फ्रेश के 1000 किसान सदस्य हो जाएंगे, तो संगठन बायो फर्टिलाइज़र प्लांट और कॉमन फैसिलिटी सेंटर जैसे नए प्रोजेक्ट्स पर भी कार्य करेगा।
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