नौकरों के नाम पर बनाईं थी बोगस फर्में, करोड़ों का कारोबार दिखाया, शिकंजा कसा
Forgery in Bullion Firm: मध्य प्रदेश में अपने संस्थानों में काम करने वाले नौकरों के नाम पर फर्जी और बोगस फर्म बनाकर सोने-चांदी (Bullion) का करोड़ों का कारोबार दिखाने का मामला सामने आया है। यह सब जीएसटी चोरी के लिए किया जा रहा था। वाणिज्यिक कर विभाग ने प्रदेश के छतपुर, सतना, जबलपुर और कटनी में छापामार कार्रवाई कर ऐसी फर्मों पर शिकंजा कसा है।

मप्र में फर्जी जीएसटी फर्मों पर की जा रही कार्रवाई के दौरान वाणिज्यिक कर विभाग ने प्रदेश में सोना- चांदी (Bullion) के व्यापार से जुड़ी 7 फर्मों पर कार्रवाई की है। जांच में इन फर्मों के द्वारा 8 महीनों में 375 करोड़ रुपए का व्यापार करना पाया गया, जांच के दौरान पता चला कि फर्मों का कोई अस्तित्व ही नहीं था। बोगस फर्मं टैक्स चोरी और जीएसटी को गुमराह करने के लिए संचालित की जा रहीं थी।
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार वाणिज्यकर विभाग के इंदौर मुख्यालय में लगातार डाटा विश्लेषण में जानकारी मिली थी कि बुलियन (सोना-चांदी) व्यापार में लगे कुछ लोगों ने नौकर और ड्राइवरों के नाम जीएसटी फर्म रजिस्टर करवा रखी हैं। इनके बैंक अकाउंट भी बैंकों में फर्जी नाम से खोले गए हैं। इन बोगस और फर्जी फर्मों से बड़ी मात्रा में स्टॉक खरीदा गया और यह दिखाया गया कि इन्हे छोटे खरीदारों को बेचा गया है।
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जांच के दौरान बुलियन की जगह कपड़े, डिस्पोजल का स्टॉक मिला
वाणिज्यिक कर विभाग के अफसरों को शक होने के बाद सर्च कराई गई। कार्रवाई में सतना, कटनी, जबलपुर और छतरपुर में 6 बोगस फर्म मिलीं। तीन डमी व्यापारियों से फेक बिलिंग स्वीकार कर ली और एक ने पेनल्टी भी जमा कर दी है। सर्च के दौरान शॉप नंबर 4, हनुमान चौक सतना खाली मिली। सराफा बाजार, 750 जबलपुर में कपड़े का स्टॉक मिला। खेड़िया मार्केट, दुकान नंबर 4 कटनी में डिस्पोजल का स्टॉक मिला तो एक फर्म ने अपना लाइसेंस खुद रद्द करा लिया, इसलिए वहां जांच नहीं की गई। विभाग इस मामले में विस्तृत जांच कर रहा है। मामले में अधिकारी कुछ भी डिटेल देने से बच रहे हैं।












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