MP: टेंडर घोटाले में तेंदूखेडा की पूर्व नपं अध्यक्ष, सीएमओ सहित चार पर भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध, सजा
सागर, 01 जुलाई। मप्र में दमोह जिले की तेंदूखेडा नगर पंचायत में टेंडर और भ्रष्टाचार से जुडे एक मामले में विशेष कोर्ट ने पूर्व नपं अध्यक्ष, तत्कालीन सीएमओ सहित चार लोगों को सात-सात साल की सजा सुनाते हुए जेल भेजा है। इन सभी पर अलग-अलग आर्थिक दंड भी लगाया गया है। बुंदेलखंड में किसी जनप्रतिधि के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार और घोटाले के मामले में जेल भेजने का यह पहला मामला बताया जा रहा है।

दमोह की विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में प्रस्तुत अभियोजन के अनुसार आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ भोपाल को शिकायतकर्ता शोभाराम नामदेव ने नगर पंचायत तेंदूखेड़ा में 40 केवीए का एक जनरेटर प्लस कार कंपनी का एवं सड़क की साफ सफाई के लिए एक ऑटो रिक्शा मय कंटेनर एवं हाइड्रोक्लोरिक सहित क्रय करने में अनियमितता एवं भ्रष्टाचार के संबंध में शिकायत की गई थी।
करीब 14 लाख रुपए अधिक भुगतान किया गया
शिकायत के जांच व सत्यापन में पाया गया कि नगर पंचायत तेंदूखेड़ा द्वारा 23 फ़रवरी 2010 को एक 40 केवीए का जनरेटर किर्लोस्कर कंपनी का एवं सड़क की साफ सफाई हेतु एक ऑटो रिक्शा में कंटेनर एवं हाइड्रोलिक सहित क्रय करने की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी। जांच के दौरान पाया गया कि मप्र लधु उद्योग निगम की दरें काफी कम थीं। उनकी सूची में शामिल दरों और नगर पंचायत द्वारा भुगतान की गई राशि में काफी अंतर पाया गया है। इससे साफ जाहिर है कि खरीदी में भ्रष्टाचार किया गया। मामले में लगभग 8 लाख 63 हजार 890 रुपए की राशि का अधिक भुगतान जनरेटर क्रय करने के लिए किया था। ऑटो रिक्शा मय कंटेनर हाइड्रोलिक सिस्टम की कीमत के लिए अधिकृत विक्रेता ऑटो रिक्शा आपे, अनमोल ऑटो डीलर जबलपुर से दर प्राप्त की गई थी। जो 2 लाख 83 हज़ार 67 रुपए थी। इस प्रकार नगर पंचायत तेंदूखेड़ा द्वारा 5 लाख 16 हजार 933 रुपए की अधिक राशि अभ्योदय इंटरप्राइजेज भोपाल को ऑटो मय कंटेनर एवं हाइड्रोलिक सिस्टम के लिए भुगतान की गई।
सात-सात की सजा, 2 लाख 20 हजार का दंड
न्यायालय आए साक्ष्य और अभियोजन द्वारा प्रस्तुत तर्को एवं साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट के न्यायाधीश संजय कस्तवार ने आरोपी वर्षा केवट, सीएमओ नित्य नारायण पांडे, इंटरप्राइजेज की प्रोपाइटर नीलम गुप्ता को धारा 468, 471, 409 में 7-7 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2 लाख 20 हजार के अर्थदंड से दंडित किया गया। वहीं कुलवंत ऑटोमोबाइल भोपाल की पार्टनर आरोपी सत्यवीर सिंह को धारा 468, 471 में दो-दो वर्ष का सश्रम कारावास एवं 20 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया। अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक हेमंत पांडे ने की।












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