चीता 'तेजस' गले की चोट से नहीं! किडनी और अंगों के इंफेक्शन से मरा
Kuno's Cheetah Tejas died of infection, not injury: कूनो नेशनल पार्क में चीतों की किडनी और अन्य अंगों में इंफेक्शन हो रहा है। दो दिन पहले दक्षिण अफ्रीकी चीते तेजस की मौत भी गले की चोट की वजह से नहीं, बल्कि उसकी किडनी व अन्य अंगों में इंफेक्शन होने के कारण हुई थी। यह खुलासा शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में हुआ है। हालांकि उसके सैंपल जबलपुर की लैब भेजे गए हैं। बता दें कि करीब 4 महीने पहले मादा चीता साशा और चीता उदय की मौत भी इंफेक्शन की वजह से हुई थी।

इंफेक्शन और चोट के कारण शॉक में मौत संभव
कूनो नेशनल पार्क प्रबंधन के सूत्रों के अनुसार चीता तेजस का पीएम करने वाले डॉक्टरों का मानना है कि चीते के शरीर के अंदरूनी अंगों में इंफेक्शन था, उसे जब गले में चोट लगी तो इससे उसे शॉक लगा होगा और उसकी मौत की वजह बना।
चीता तेजस और मादा नाभा में मेटिंग से पहले फाइट हो गई थी
कूनो नेशनल पार्क में चीता तेजस को वंशवृद्धि के लिए बाड़े में रखा गया था। उसे मेटिंग के लिए मादा चीता नाभा के बाड़े में छोड़ा गया था। तेजस के मेटिंग के प्रयास के दौरान नाभा और तेजस में फाइट हो गई, जिस कारण तेजस के गले में चोट लगी थी। उसके अंगों में पहले से संक्रमण था, जिस कारण वह एकदम से सिक हुआ और जब तक प्रबंधन को इसकी जानकारी मिली और इलाज के प्रयास कि पहले ही उसकी जान निकल गई। हालांकि चोट ऐसी नहीं थी कि उससे चीते की मौत हो जाए। इधर मादा चीता नाभा पर भी नजर रखी जा रही है, हालांकि उसके शरीर पर चोट के निशान नहीं है।

कूनो नेशनल पार्क में बीते साल 16 सितंबर को पहले दौर में 8 चीते नामीबिया से व उसके बाद दूसरे राउंड में 18 फरवरी 2023 को 12 चीते दक्षिण अफ्रीका से लाए गए थे। इनमें से अब तक 4 चीतों की मौत् हो चुकी है। वहीं मादा चीता सियाया जिसे ज्वाला नाम दिया गया था, उसने मार्च के आखिरी सप्ताह में 4 शावकों को जन्म दिया था। उनमें से 3 की मौत हो चुकी है।
सबसे पहले मादा चीता साशा की मौत हुई थी
कूनो नेशनल पार्क में सबसे पहले 27 मार्च 2023 को नामीबिया से लाई गई 4 साल की मादा चीता साशा की मौत हो गई थी। मृत्यु की वजय किडनी इंफेक्शन बताया गया था। बताया गया था कि भारत आने से पहले ही उसके किडनी में इंफेक्शन पाया गया था। 23 अप्रैल को दक्षिण अफ्रीकन नर चीते उदय की मौत हो गई थी। उसकी मौत कार्डियक आर्टरी फेल होने ये बताई गई थी। दक्षिण अफ्रीकी मादा चीता दक्षा की 9 मई को मौत हो गई थी। उसे मेटिंग के दौरान दो नर चीतों ने घायल कर दिया था।
मई में तीन दिन में 3 शावक मृत
कूनो में मादा चीता ज्वाला ने मार्च में जिन शावकों को जन्म दिया था। उनमें से मई महीने में लू के चलते पहले 23 मई को एक शावक व ठीक 2 दिन बाद 25 मई को 2 और शावकों ने दम तोड़ दिया था। इनको मिलाकर अब तक कुल 7 चीतों की मौत हो चुकी है।












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