MP News: नरवाई जलाने वालों पर 5 से 15 हजार तक का जुर्माना, लिस्ट में इन किसानों का नाम
मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले के अन्तर्गत रबी की फसल जैसे कि गेहूं फसल कटाई उपरान्त फसल अवशेषो को खेतो में जलाएं जाने से पर्यावरण जन स्वास्थ्य एवं जीव जन्तुओं को हानि होने की पूर्ण संभावना है, ऐसी स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए सामान्य जन की सुरक्षा, पर्यावरण, जन स्वास्थ्य एवं जीव जन्तुओं की सुरक्षा को खतरे आदि की संभावनाओं को नियंत्रित करने के लिये प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री ऋजु बाफना ने लोकहित, आम जनता की सुरक्षा, सुरक्षा तथा कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत शाजापुर जिले की सीमा क्षेत्र के लिए आदेश जारी किया है। जिसके अनुसार दो एकड़ से कम भूमिधारित व्यक्ति/निकाय द्वारा अपने खेत/खेतो में फसल कटाई उपरान्त फसल अवशेषो (नरवाई) को जलाने पर 2,500 रूपये प्रति उल्लंघन पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि अधिरोपित कर वसूल की जायेगी।

दो एकड़ या उससे अधिक व पांच एकड़ से कम भूमिधारित व्यक्ति/निकाय द्वारा अपने खेत/खेतो में फसल कटाई उपरान्त फसल अवशेषो (नरवाई) को जलाने पर 5,000 रूपये प्रति उल्लंघन करने पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि अधिरोपित कर वसूल की जायेगी।
पांच एकड़ या उससे अधिक के क्षेत्र में भूमिधारित व्यक्ति/निकाय द्वारा अपने खेत/खेतो मे फसल कटाई उपरान्त फसल अवशेषो (नरवाई) को जलाने पर 15,000 रूपये प्रति उल्लंघन पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि अधिरोपित कर वसूल की जाएगी।
अनुविभागीय दण्डाधिकारी शाजापुर/शुजालपुर एवं गुलाना अपने-अपने अनुभाग अन्तर्गत कार्यवाही कर संबंधित उल्लंघनकर्ता व्यक्ति/निकाय से उक्तानुसार पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि वसूल कर, वसूली गई राशि शासकीय कोष में जमा कराएंगे।
यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 (2) के अंतर्गत एक पक्षीय रूप से पारित किया गया है। यदि कोई व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करेगा तो यह भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत उप संचालक कृषि एवं उनके अधिनस्थ कर्मचारी द्वारा दर्ज कराये जायेगें। यह आदेश 06 मार्च 2025 से आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगा।
कुलमिलाकर, देखा जाए तो मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले के अन्तर्गत रबी की फसल जैसे कि गेहूं फसल कटाई उपरान्त फसल अवशेषो को खेतो में जलाएं जाने से पर्यावरण जन स्वास्थ्य एवं जीव जन्तुओं को हानि होने की पूर्ण संभावना है, ऐसी स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए सामान्य जन की सुरक्षा, पर्यावरण, जन स्वास्थ्य एवं जीव जन्तुओं की सुरक्षा को खतरे आदि की संभावनाओं को नियंत्रित करने के लिये प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है।
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