MP News: मधुमक्खी पालन से मालामाल किसान, कैसे हुआ लाखों का फायदा, जानिए
मध्य प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा शुक्रवार को ग्राम चाचा खेड़ी में मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।जिसमें 28-30 किसानों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य किसान कृषि कार्य के साथ-साथ मधुमक्खी पालन कर अपनी आय का बढ़ा सकें। प्रशिक्षण में प्रशिक्षक ईश्वर सिंह द्वारा किसानों को मधुमक्खियों एवं मधुमक्खी पेटियों के बारे में, उनकी कार्य पद्धति, जीवन शैली, शहद निकालने की प्रक्रिया, शहद प्रोसेस आदि के बारे में जानकारी दी गई। शहद उत्पादन पैकेजिंग ब्रांड के बारे में बताया गया।

खादी ग्रामोद्योग बोर्ड की ओर से जिला प्रबंधक आगर मालवा नलिनी चौहान द्वारा वित्त योजना के बारे में जानकारी दी गई।इन प्रशिक्षण प्राप्त लोगों को यथाशीघ्र मधुमक्खी पालन व्यवसाय से जोड़ा जा सकेगा। इस अवसर पर प्रबंधक अजीत कुमार प्रजापति द्वारा मधुमक्खी पालन से उत्पादित शहद के व्यवसाय पैकेजिंग ब्राण्ड व विक्रय के लिए विन्ध्यावैली ब्रांड से जुड़ने की योजना बताई गई।
औषधीय खेती के लिए स्वसहायता समूहों को प्रशिक्षण दें- कलेक्टर
कृषि विज्ञान केन्द्र स्वसहायता समूहों के सदस्यों को औषधीय पौधों की खेती करने के लिए प्रशिक्षण दें। उक्त निर्देश कलेक्टर ऋजु बाफना ने खरीफ-2025 की तैयारियों की समीक्षा के दौरान दिये। कलेक्टर बाफना ने कहा कि जिले में पड़त शासकीय बंजर भूमि को औषधीय पौधों की खेती के लिए स्वसहायता समूहों को दी जा सकती है। इससे स्वसहायता समूहों की आमदनी बढ़ेगी और औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा मिलेगा।
बैठक में कलेक्टर ने उपसंचालक कृषि को निर्देश दिये कि नरवाई जलाने से रोकने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार करें। फसल काटने आने वाले हार्वेस्टर्स का रजिस्ट्रेशन करवाएं और फसल काटने के दौरान हार्वेस्टर में स्ट्रॉरिपर होना अनिवार्य करें। इस अवसर पर कलेक्टर ने उर्वरक मांग एवं आपूर्ति, अग्रिम भण्डार की समीक्षा की। कृषि विभाग की समीक्षा में कलेक्टर ने मिट्टी परीक्षण रिपोर्ट, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन अंतर्गत दलहल, तिलहन एवं बीज ग्राम, प्रमाणित बीज वितरण के कार्य की भी समीक्षा की।
कृषि प्रोद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) के प्रदर्शन प्लाट्स एवं किसानों के प्रशिक्षण, उद्यानिकी विभाग के क्षेत्राच्छादन में बढ़ोतरी, प्रशिक्षण, मसाला, पुष्पक्षेत्र विस्तार, उद्यानिकी फसलों का विस्तार, औषधीय फसल जैसे कि चिया, किनोवा के उत्पादन की समीक्षा की है। इस मौके पर मछली पालन, पशुपालन विभाग के कार्यों की भी कलेक्टर ने विस्तार से समीक्षा की है।
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