फेसबुक पोस्ट से खुला हत्या में लखनऊ पुलिस का झूठ
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अपराध किस कदर हावी हो चुका है इस बात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बीच चौराहे पर एक युवक की कुछ बदमाशों ने सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या के बाद पुलिस के झूठ को सामने लाने के लिए सोशल मीडिया पर उठी आवाज

लखनऊ के गोमती नगर इलाके के पास मधुरिमा स्वीट हाउस के पास नमन वर्मा नाम के युवक की बदमाशों ने बीच चौराहे पर गोली मारकर हत्या कर दी है। वहीं पुलिस इस हत्या को सड़क हादसा करार देती रही।

गौर करने वाली बात यह है कि मौके पर पहुंची पुलिस ने हत्या को सड़क हादसा बता कर रफा-दफा कर दिया था। लेकिन नमन के एक दोस्त ने फेसबुक पर नमन को श्रद्धांजली का स्टेटस डाला जहां से इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
फेसबुक पर पोस्ट के बाद हादसे के प्रत्यक्षदर्शी ने कमेंट किया कि वह उस वक्त मौजूद था। जिसके बाद नमन के मित्रों ने प्रत्यक्षदर्शी लड़के से संपर्क करने की कोशिश की जिसके बाद चश्मदीद ने बताया कि उसने नमन की लाश को सड़क के किनारे किया।
चश्मदीद का कहना है कि जिस वक्त वह हादसे की जगह से गुजर रहा था उस वक्त कुछ लोग वहां नमन को गालियां दे रहे थे जबकि वहां लोगों की मौजूद भीड़ मूकदर्शक बनी रही। लोगों के सामने उन युवकों ने हत्या के बाद गोलियां लहराते हुए फरार हो गये।
जिस तरह से पोस्टमार्टम में नमन की हत्या का मामला सामने आया और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नमन को दो गोली लगने की बात की पुष्टि भी हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद नमन के घरवालों ने पुलिस पर मामले की तफ्तीश का दबाव बनाया जिसके बाद पुलिस हरकत में आयी।
वहीं नमन के घरवालों का कहना है कि पुलिस अभी तक मामले को सड़क हादसा बता रही थी लेकिन अभी तक मौके से नमन की बाइक बरामद नहीं हो सकी है। घरवालों का कहना है कि पुलिस पहले यह बताती रही कि नमन की गाड़ी नहीं मिली है लेकिन बाद में पुलिस ने ही सूचना दी कि गाड़ी मिल गयी है।
पुलिस के लगातार बदलते बयानों के बाद भी अभी तक नमन के घरवालों को नमन की बाइक नहीं मिल सकी है। बहरहाल देखने वाली बात यह है कि तफ्तीश में नमन की हत्यारे का खुलासा हो पाता है या नहीं।












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