यूपी में ग्राम रोजगार सेवकों को मिला बकाया मानदेय, योगी सरकार ने खाते में भेजे 225 करोड़ रु
लखनऊ। लॉकडाउन के चलते ग्राम रोजगार सेवकों के बिगड़ते हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें राहत दी है। सीएम ने मंगलवार को खाते में उनके मानदेय की धनराशि ट्रांसफर की। सीएम ने डायरेक्ट बैंक ट्रान्सफर के तहत 225 करोड़ रुपए की धनराशि सीधे अकाउंट में ट्रांसफर की। साथ ही मुख्यामंत्री ने ग्राम सेवकों से अपील की कि वे लोग अपने अपने क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार मुहैया करवाएं। बता दें, यह रोजगार सेवक मनरेगा के काम की मॉनिटरिंग करते हैं।

मानदेय में भी की बढ़ोतरी
सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ में इस दौरान ग्राम्य विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह तथा राज्य मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल तथा सीएम योगी आदित्यनाथ की टीम-11 के अफसर तथा मंत्री थे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से ग्राम रोजगार सेवकों को मानदेय की 225 करोड़ 39 लाख रुपया देने के साथ ही एक दर्जन से अधिक लोगों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बात भी थी। इस दौरान सीएम ने रोजगार सेवकों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की। उन्होंने रोजगार सेवकों का मानदेय छह हजार रुपया महीना कर दिया। इससे पहले इनको 3630 रुपया महीना मानदेय मिलता था। वह भी लम्बे समय से नहीं मिल रहा था।
रोजगार सेवकों को किया प्रोत्याहित
कन्नौज, वाराणसी, अयोध्या, गोरखपुर तथा प्रतापगढ़ के रोगजार सेवकों के साथ वार्ता के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ से उनको प्रोत्साहित किया। इस दौरान वाराणसी की प्रेमलता को एक लाख 35 हजार रुपया तथा कन्नौज, प्रतापगढ़ व गोरखपुर के ग्राम रोजगार सेवकों को 50-50 हजार से अधिक रुपया प्रदान किया गया। सीएम योगी ने सभी रोजगार सेवकों से अधिक से अधिक रोजगार की संभावना तलाशने को कहने के साथ ही उनका हौसला बढ़ाया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मई के अंत तक प्रदेश में हमको 50 लाख लोगों को रोजगार देना है। इन सभी को रोजगार देने में ग्राम रोजगार सेवकों की जिम्मेदारी बढ़ेगी। इसके लिए हम सभी को तैयार रहना होगा।
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