चीन की कंपनियां का गढ़ बनेगा यूपी
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) राम और कृष्ण के उत्तर प्रदेश को लेकर चीन की कंपनियां बहुत उत्साहित हैं। वे उत्तर प्रदेश में मैन्यूफैक्चिरंग यूनिट लगाने को लेकर भी खासी दिलचस्पी दिखा रही हैं। अगर इन्हें इनके मन की जमीन मिलती है तो अकेले उत्तर में एक लाख करोड़ रुपये का चीनी निवेश आ सकता है आने वाले सालों के दौरान।
उत्तर प्रदेश सरकार के सूत्रों के मुताबिक, करीब दो दर्जन से ज्यादा चीनी कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में अपनी यूनिट चालू करने में दिलचस्पी दिखाई है। ये कंपनियां भारत के उद्योग और वाणिज्य परिसंघों जैसे फिक्की और सीआईआई के माध्यम से राज्य सरकार के संपर्क में है।
सीआईआई के सूत्रों ने बताया कि कुछ समय पहले चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की सफल भारत यात्रा के बाद बहुत सी चीनी कंपनियों ने भारत में निवेश को लेकर गहरी दिलचस्पी दिखाई है। राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खुद भी निकट भविष्य में चीन का दौरा कर सकते हैं ताकि वे चीनी कंपनियों के सीईओज से सीधे मिल सके।
उत्तर प्रदेश सरकार की चाहत है कि चीनी कंपनियां बुंदेलखंड क्षेत्र में निवेश करेँ। उस स्थिति में इन्हें अधिक से अधिक इनसेंटिव मिलेगा। बुंदेलखंड राज्य का बेहद पिछड़ा क्षेत्र है।
इस बीच, राजधानी में चीनी मूल के भारतीय जार्ज च्यू ने कहा कि चीनी कंपनियों को अगर उत्तर प्रदेश में उनके मन की लैंड मिलने लगे तो वे यहां पर तगड़ा निवेश करने लगेंगी।
बता दें कि चीन की कंपनियों ने गुजरात में भी तगड़ा निवेश किया हुआ है। जिसमें चीन की बड़ी एनर्जी क्षेत्र की कंपनी टीबीईए का400 मिलियन डालर का निवेश शामिल है।













Click it and Unblock the Notifications