सुवेंदु अधिकारी एक बार ममता बनर्जी को हरा चुके हैं, अब किसी और को मौका दिया जाएगा- दिलीप घोष
पश्चिम बंगाल उपचुनावों की घोषणा के बाद सत्ताधारी टीएमसी और बीजेपी ने चुनावों के लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। उपचुनावों में सबसे अधिक चर्चा का केंद्र भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र बना हुआ है।
कोलकाता, 7 सितंबर। पश्चिम बंगाल उपचुनावों की घोषणा के बाद सत्ताधारी टीएमसी और बीजेपी ने चुनावों के लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। उपचुनावों में सबसे अधिक चर्चा का केंद्र भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र बना हुआ है, जहां से ममता बनर्जी ने चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। भाजपा अपना पूरा ध्यान इसी सीट पर लगा रही है, भाजपा की कोशिश है कि नंदीग्राम की तरह भवानीपुर सीट पर भी ममता बनर्जी को पटखनी दी जाए। भाजपा इस सीट पर ममता बनर्जी को पटखनी देने के लिए अपने सबसे दमदार उम्मीदवार की तलाश में लग गई है। अटकलें लगाई जा रही थीं कि भाजपा सुवेंदु अधिकारी को भवानीपुर सीट से अपना उम्मीदवार बना सकती है, लेकिन इन अटकलों पर बीजेपी ने विराम लगा दिया है। पश्चिम बंगाल की भाजपा इकाई के प्रमुख दिलीप घोष ने कहा कि हम भवानीपुर सीट पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं, हम चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे। इस सीट पर उम्मीदवार के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा इस विषय पर संसदीय समिति फैसला लेगी। जब उनसे पूछा गया कि क्या सुवेंदु अधिकारी को इस सीट से उम्मीदवार बनाया जा सकता है। तो उन्होंने कहा कि सुवेंदु अधिकारी एक बार ममता बनर्जी को हरा चुके हैं। अब किसी और को मौका दिया जाएगा।

सुवेंदु अधिकारी को गिरफ्तार करने की हो रही साजिश
निजी गार्ड की हत्या के मामले में सीआईडी द्वारा सुवेंदु अधिकारी को तलब किये जाने को लेकर घोष ने कहा, जब सुवेंदु टीएमसी में थे तब उनपर कोई केस नहीं था...उनके भाजपा में शामिल होने के बाद कार्रवाई शुरू कर दी गई है...ऐसा लगता है कि उसे गिरफ्तार करने की साजिश रची जा रही है, यही कारण है कि मुझे लगता है कि अदालत ने उनके लिए अंतरिम सुरक्षा का आदेश दिया है।
Recommended Video
यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल में BJP को एक और झटका, कालियागंज से विधायक सौमेन रॉय TMC में शामिल
बता दें कि कोलकाता हाईकोर्ट ने सुवेंदु अधिकारी को सीआईडी के समन पर राहत दी है। कोर्ट ने कहा कि फिलहाल सीआईडी के समन पर कार्रवाई करने की कोई जरूरत नहीं है। वहीं कोयला घोटाला मामले में ईडी की जांच का सामना कर रहे टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी को लेकर उन्होंने कहा- वह दोषी हैं या नहीं, इसका फैसला कोर्ट करेगा, प्रक्रिया अभी शुरू हुई है...यह हर जगह होता है। कई प्रमुख नेताओं ने ईडी की जांच का सामना किया है और बरी हुए हैं। इसमें डरने की क्या बात है?












Click it and Unblock the Notifications