झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए CPI(M) ने जारी किया घोषणा पत्र, किसान-मजदूरों पर फोकस
Jharkhand Assembly Election 2024: झारखंड विधानसभा चुनावों के लिए सीपीआई(एम) ने शनिवार (09 नवंबर) को रांची में अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी के घोषणा पत्र में किसानों और मजदूरों पर फोकस किया गया है।
सीपीआई(एम) के घोषणा पत्र जारी करते वक्त सीपीआई(एम) की पोलित ब्यूरो सदस्य सह पूर्व सांसद वृंदा करात सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। पत्रकारों को संबोधित करते हुए वृंदा करात ने कहा कि झारखंड विधानसभा चुनाव में मजदूर किसानों और जनता से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर सीपीएम अपने प्रत्याशी मैदान में उतरे हैं। हमारे घोषणा पत्र में भी इन्ही को फोकस किया गया है।

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वृंदा करात ने कहा, ''सीपीआई(एम) के उम्मीदवार गरीबी और असमानता के मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं। यहां के किसानों, मजदूरों, छोटे व्यवसायियों की स्थिति खराब है। अभी धान की कटाई शुरू हो रही है, लेकिन यहां के किसान अभी से ही चिंतित हैं कि उन्हें अपना धान बहुत ही कम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर होना पडेगा, क्योंकि धान की सरकारी खरीद की केवल घोषणा होती है खरीद नहीं होती।''
वृंदा करात ने भाजपा पर साधा निशाना
वृंदा करात ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट का खुले आम उल्लंघन करते हुए आदिवासियों की बुनियादी मांगों को दरकिनार करते हुए जाति और संप्रदाय की राजनीति कर रही है एवं चुनावी फायदे के लिए केंद्रीय एजेंसी का दुरुपयोग भी कर रही है।
पार्टी के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने कहा कि तमाड़ सीट पर सीपीआई (एम) की जीत सुनिश्चित है। तमाड़ के मतदाताओं ने इस बार सीपीआई (एम) की जीत सुनिश्चित किए जाने का मन बना लिया है।
पार्टी प्रत्याशी सुरेश मुंडा ने कहा कि तमाड़ क्षेत्र में मतदाताओं को प्रभावित किए जाने के लिए भृष्ट तौर तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। निर्वाचन आयोग को इस पर निगरानी रखते हुए कार्रवाई करनी चाहिए।
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हेमंत सोरेन के सहयोगी सुनील श्रीवास्तव के घर हुई छापेमारी पर क्या बोलीं वृंदा करात
सीपीआई(एम) की पोलित ब्यूरो सदस्य सह पूर्व सांसद वृंदा करात ने सीएम हेमंत सोरेन के सहयोगी सुनील श्रीवास्तव के ठिकानों पर आयकर विभाग के छापे पर कहा, "हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं, यह बेहद गलत है। चुनाव में अभी 4 दिन बाकी हैं। 13 तारीख को चुनाव है और इस दौरान मुख्यमंत्री के सचिव या अधिकारियों पर छापेमारी करना बेहद अनुचित है। इससे पता चलता है कि भाजपा कितनी हताश हो गई है।"












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