झारखंड चुनाव से पहले शिवराज सिंह ने CM हेमंत सोरेन पर लगाया बड़ा आरोप, कहीं JMM पर भारी ना पड़ जाए ये मुद्दा
Jharkhand Chunav 2024: केंद्रीय मंत्री और झारखंड में भाजपा के चुनाव प्रभारी शिवराज सिंह चौहान ने हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि ''झारखंड की बेटियां सुरक्षित नहीं हैं।'' शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार ने महिलाओं और युवाओं के लिए कुछ नहीं किया है।
रांची के मोराबादी मैदान में गुरुवार 14 अक्टूबर को जनसभा को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "राज्य की बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और सरकार कुछ नहीं कर रही है... जनता इस सरकार को उखाड़ फेंकेगी... यह एक भ्रष्ट सरकार है जिसने युवाओं और राज्य के लोगों के लिए कुछ नहीं किया है।''

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'हेमंत सरकार में हर दिन सामने आ रहे हैं पेपर लीक के मामले'
शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "हर दिन पेपर लीक के मामले सामने आ रहे हैं...भाजपा ने पेपर लीक करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का संकल्प लिया है... जिस दिन हमारी सरकार बनेगी, हम यहां के युवाओं को रोजगार देंगे... हेमंत सोरेन सरकार ने यहां की महिलाओं के लिए कुछ नहीं किया है...।''
शिवराज सिंह चौहान बोले- BJP रोटी, बेटी, माटी की रक्षा करेगी
शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "बीजेपी रोटी, बेटी, माटी की रक्षा करेगी...जेएमएम और कांग्रेस का गठबंधन चक्रवात दाना से भी ज्यादा खतरनाक है...।''
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महिला सुरक्षा और रोजगार, हेमंत सोरेन पर सरकार पर भारी पड़ेंगे ये मुद्दे
झारखंड में हेमंत सोरेन की सरकार के लिए महिला सुरक्षा और रोजगार के मुद्दे अब एक बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध और बेरोजगारी की बढ़ती दरें राज्य की सरकार के लिए गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। झारखंड विधानसभा चुनावों में हेमंत सोरेन की सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा और युवाओं को रोजगार देने का मुद्दा भारी पड़ सकता है।
झारखंड में महिला सुरक्षा की बदहाल स्थिति!
राज्य में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बलात्कार, हत्या, और घरेलू हिंसा के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। यह न केवल महिलाओं के लिए एक असुरक्षित वातावरण पैदा कर रहा है, बल्कि राज्य सरकार की सुरक्षा प्रणाली पर भी सवाल उठा रहा है। इस स्थिति को लेकर महिलाओं में आक्रोश और असंतोष बढ़ रहा है, जिससे सरकार की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
झारखंड में महिलाओं की सुरक्षा हाशिए पर है। खासकर आदिवासियों महिलाओं से जुड़े अपराध की खबरें आम हो गई हैं। हेमंत सोरेन की सरकार ने मैया सम्मान योजना के अलावा अपने बीते पांच साल के कार्यकाल में महिलाओं के लिए कोई बड़ी योजना शुरू नहीं की है। मैया सम्मान योजना को लेकर भेजे जा रहे है पैसों की टाइमिंग पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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झारखंड में बेरोजगारी की समस्या
दूसरी ओर झारखंड में बेरोजगारी भी एक गंभीर मुद्दा बन चुकी है। रोजगार के मुद्दे पर भी हेमंत सोरेन की सरकार विफल रही है। हेमंत सोरेन ने हाल ही में आनन-फानन में चुनाव से कुछ महीने पहले कांस्टेबल भर्ती शुरू की थी। लेकिन उसमें भी लापरवाही की वजह से 12 से अधिक युवाओं की मौत हो गई। जिसको लेकर राज्य सरकार को आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा था। ये दोनों मुद्दे इस चुनाव में हेमंत सोरेन की सरकार पर भारी पड़ सकते हैं।
महिला युवाओं को भी रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे हैं। यह स्थिति न केवल आर्थिक विकास को रोक रही है, बल्कि समाज में असंतोष का भी कारण बन रही है। राज्य सरकार ने रोजगार सृजन के लिए कई योजनाएं बनाई हैं, लेकिन उनके प्रभावी कार्यान्वयन में कमी के चलते स्थिति में सुधार नहीं हो पाया है।
इन दोनों मुद्दों का राजनीतिक नतीजा भी काफी गंभीर हो सकता है। तो इसका सीधा असर आगामी चुनावों पर देखने को मिलेगा। विपक्षी दल इन मुद्दों को उठाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है, जिससे सोरेन सरकार की स्थिति कमजोर हो सकती है।












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