Jharkhand Election 2024: कौन हैं जयराम महतो? BJP और JMM को क्यों है उनकी पार्टी से खतरा?
Jharkhand Election 2024: झारखंड की 38 सीटों के लिए विधानसभा चुनाव का दूसरा चरण 20 नवंबर को होगा। पहले चरण में 43 सीटों के लिए मतदान 13 नवंबर को हुआ था। झारखंड में इस बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के बीच कांटे की लड़ाई है। कांग्रेस और ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) दूसरे नंबर की पार्टी है।
इसके अलावा इस चुनाव में 30 वर्षीय जयराम महतो की भी चर्चा हो रही है। जयराम महतो की पार्टी झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JKLM) ने इंडिया ब्लॉक बनाम एनडीए की लड़ाई में हलचल पैदा कर रहा है। जेकेएलएम, जो महज तीन महीने पहले अस्तित्व में आई है, राज्य में अपना पहला विधानसभा चुनाव लड़ रही है। पार्टी ने राज्य की 81 सीटों में से 73 पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं।

ये भी पढ़ें- Jharkhand Chunav: कैसे JMM गठबंधन के चुनावी सीन में हेमंत सोरेन के आगे फीका पड़ा राहुल का चेहरा?
जैसे-जैसे दूसरे चरण का मतदान नजदीक आ रहा है, जेकेएलएम नेता जयराम महतो की बढ़ती लोकप्रियता, खासकर कुड़मी महतो समुदाय के बीच, कथित तौर पर मुख्यधारा की पार्टियों के लिए चिंता का विषय बन गई है। ऐसा इसलिए नहीं कि वे उन्हें सीटें जीतते हुए देख रहे हैं, बल्कि इसलिए कि वे उनके वोटों में सेंध लगा सकते हैं।
जोहार गोमिया 🙏 pic.twitter.com/qcorJ8LzJS
— Tiger jairam mahto (@JairamTiger) November 15, 2024
डुमरी और बेरमो से चुनाव लड़ रहे हैं जयराम महतो
जयराम महतो दो विधानसभा क्षेत्रों डुमरी और बेरमो से चुनाव लड़ रहे हैं। जयराम की कुड़मी जाति राज्य में 15 प्रतिशत आबादी रखती है। झारखंड में आदिवासियों के बाद कुड़मी जाति सबसे प्रभावशाली मानी जाती है, जिनकी आबादी 26 प्रतिशत है।
यह पहली बार नहीं है कि जयराम और उनकी पार्टी के साथी चुनाव लड़ रहे हैं। लोकसभा चुनाव में जयराम और कई अन्य उम्मीदवारों ने आठ सीटों पर निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़ा था, क्योंकि पार्टी पंजीकृत नहीं थी। आठों उम्मीदवारों में से कोई भी जीत नहीं सका, लेकिन उन्हें काफी वोट मिले।
ये भी पढ़ें- Jharkhand Chunav: 'घुसपैठियों को भी देंगे 450 रुपए में गैस सिलेंडर', कांग्रेस की घोषणा पर बवाल
जयराम महतो की पार्टी क्यों BJP और JMM के लिए खतरे की घंटी?
टाइगर जयराम महतो के नाम से मशहूर जयराम ने गिरिडीह लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और 3,47,322 वोट हासिल कर भाजपा और झामुमो उम्मीदवारों के बाद तीसरे स्थान पर रहे। रांची में उनके सहयोगी देवेंद्र नाथ महतो भी 1,32,647 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि जेकेएलएम भले ही सीटें न जीत पाए, लेकिन जयराम की बढ़ती लोकप्रियता पुरानी पार्टियों के मौजूदा मतदाता आधार, खासकर कुड़मी महतो मतदाताओं के बीच सेंध लगा सकती है।
टेलीग्राफ के मुताबिक रांची स्थित राजनीतिक स्तंभकार सुधीर पाल ने कहा, "जेकेएलएम बड़ी संख्या में सीटें नहीं जीत सकता है, लेकिन जेएलकेएम अधिक स्थापित पार्टियों भाजपा, झामुमो, आजसू और कांग्रेस के समर्थन आधार में सेंध लगा सकता है, खासकर कुड़मी महतो मतदाताओं के बीच, जो आबादी का लगभग 22 प्रतिशत हिस्सा हैं।"
भगवान बिरसा मुंडा के जयंती पर उन्हें शत शत नमन 🙏🙏🙏 एवम् झारखण्ड के 24 वे स्थापना दिवस की आप सभी झारखण्ड वाशियो को ढेर सारी शुभकामनाएं। pic.twitter.com/hgpK3Hrpa4
— Tiger jairam mahto (@JairamTiger) November 15, 2024
Who is Jairam Mahto? कौन हैं जयराम महतो?
- जयराम महतो का जन्म 1995 में धनबाद जिले के मानतंड गांव में हुआ था। उनके पिता झारखंड को अलग राज्य का दर्जा दिलाने के आंदोलन में सक्रिय सदस्य थे।
- जयराम महतो पहली बार 2022 में राज्य में आंदोलन शुरू करने के लिए चर्चा में आए थे, जब 11 जिलों में राज्य स्तरीय परीक्षाओं के लिए भोजपुरी, मगही और अंगिका जैसी झारखंड से बाहर की मानी जाने वाली भाषाओं को क्षेत्रीय भाषाओं की सूची में शामिल किया गया था।
- उन्होंने इस मांग के साथ विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया कि केवल स्थानीय भाषा को ही बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि झारखंड के मूल निवासियों को राज्य में नौकरियां मिलनी चाहिए और दूसरे राज्यों के किसी भी व्यक्ति को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
- जून 2023 में जयराम और छात्र नेताओं ने इस पर दबाव बनाने के लिए झारखंडी भाषा संघर्ष खतियान समिति का गठन किया। तीनों जिलों में इस फैसले को वापस ले लिया गया। समिति ने यह भी मांग की कि झारखंड में नौकरियों के लिए 1932 के खेतान या भूमि अभिलेखों को आधार बनाया जाए।
- विधानसभा चुनाव से तीन महीने पहले, भारत के चुनाव आयोग ने जयराम महतो की राजनीतिक पार्टी, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) को पंजीकृत किया।
- जयराम महतो की रैली में भारी भीड़ उमड़ती है। अपनी जनसभाओं में जयराम स्थानीय गौरव और झारखंडी पहचान की बात करते हैं। जेएलकेएम के 75-सूत्रीय चुनाव घोषणापत्र में जिला और ब्लॉक स्तर पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो स्थापित करने का वादा किया गया है।
- पार्टी ने अधिवास आधारित रोजगार नीति लागू करने का भी वादा किया है और कहा है कि चुनाव जीतने वाले पार्टी के नेता अपने वेतन का 75 प्रतिशत जनता को दान करेंगे।












Click it and Unblock the Notifications