Israel Election 2026: फिर से PM बनेंगे नेतन्याहू? किसने किया ऐलान और सर्वे में क्या रहा नतीजा?
Israel Election 2026: इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू एक बार फिर देश की सत्ता संभालने की कोशिश करने वाले। ये खबर तब सामने आ रही है जब ट्रंप ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि "मुझे नहीं पता। उनका (नेतन्याहू का) राजनीतिक करियर शानदार रहा है। क्या वह इसे जारी रखना चाहते हैं?"। दरअसल उनकी पार्टी लिकुड (Likud) ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि नेतन्याहू अगले आम चुनाव में हिस्सा लेंगे और एक और कार्यकाल के लिए दावेदारी पेश करेंगे।
हालांकि यह चुनाव उनके लिए आसान नहीं होने वाला है। हालिया सर्वे में बड़ी संख्या में इज़राइली नागरिकों ने कहा है कि वे नहीं चाहते कि नेतन्याहू दोबारा चुनाव लड़ें। इसके अलावा उनके गठबंधन को भी सत्ता में वापसी के लिए कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।

चुनाव कब होंगे?
इज़राइल में अगले आम चुनाव की तारीख अभी तक घोषित नहीं की गई है। लेकिन देश के कानून के मुताबिक चुनाव अक्टूबर तक कराना अनिवार्य है। इस वजह से आने वाले कुछ महीनों में इज़राइल की राजनीति और भी गर्म होने की संभावना है।
7 अक्टूबर हमले के बाद पहला बड़ा चुनाव
आगामी चुनाव कई मायनों में बेहद अहम माने जा रहे हैं क्योंकि यह 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा किए गए हमले के बाद देश का पहला आम चुनाव होगा। उस हमले को इज़राइल के इतिहास की सबसे बड़ी सुरक्षा विफलताओं में से एक माना जाता है। इसी घटना के बाद गाजा में इज़राइल का बड़ा सैन्य अभियान शुरू हुआ था, जो आज भी ग्लोबल पॉलिटिक्स और सुरक्षा बहस का महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है।
नेतन्याहू के सामने क्यों हैं बड़ी चुनौतियां?
बेंजामिन नेतन्याहू दिसंबर 2022 में सत्ता में लौटे थे। वह वर्तमान में इज़राइल के इतिहास के सबसे दक्षिणपंथी गठबंधन का नेतृत्व कर रहे हैं। लेकिन उनकी सरकार शुरुआत से ही विवादों में रही है। गाजा, लेबनान और ईरान से जुड़े संघर्ष शुरू होने से पहले भी उनकी सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। हजारों लोग न्यायिक सुधारों और सरकार की नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतर आए थे। अब युद्ध और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों ने राजनीतिक माहौल को और अधिक जटिल बना दिया है।
सर्वे में क्या कह रही है जनता?
9 जून को यरूशलेम स्थित Israel Democracy Institute द्वारा जारी एक सर्वेक्षण में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। सर्वे के मुताबिक, 61 प्रतिशत इज़राइली नागरिकों का मानना है कि नेतन्याहू को एक और कार्यकाल के लिए चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। यह आंकड़ा दिखाता है कि जनता के एक बड़े वर्ग में उनके नेतृत्व को लेकर असंतोष मौजूद है।
विपक्ष के सामने भी आसान नहीं है रास्ता
हालांकि सर्वेक्षणों में नेतन्याहू की लोकप्रियता पर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन विपक्ष के लिए भी स्थिति बहुत आसान नहीं है। कई सर्वे बताते हैं कि विपक्षी दलों के लिए अरब पार्टियों के समर्थन के बिना संसदीय बहुमत हासिल करना मुश्किल हो सकता है। दिलचस्प बात यह है कि विपक्ष के कुछ नेताओं ने पहले ही अरब दलों के साथ गठबंधन बनाने की संभावना को खारिज कर दिया है। ऐसे में चुनाव के बाद सरकार गठन की प्रक्रिया काफी जटिल हो सकती है।
ट्रंप और नेतन्याहू के रिश्तों में क्या चल रहा है?
बीते कुछ महीनों में ट्रंप और नेतन्याहू के बीच कुछ मुद्दों पर मतभेद सामने आए हैं, लेकिन दोनों देशों के अधिकारी अब भी कहते हैं कि दोनों नेताओं के संबंध मजबूत बने हुए हैं। हाल के हफ्तों में ट्रंप ने इज़राइल पर लेबनान में सैन्य अभियानों को सीमित करने का दबाव बनाया था। उस समय अमेरिका ईरान के साथ संभावित शांति समझौते पर बातचीत की कोशिश कर रहा था। इन मुद्दों पर दोनों नेताओं के बीच कुछ असहमति जरूर दिखी, लेकिन रिश्ते पूरी तरह खराब नहीं हुए।
ट्रंप ने मानी थी नाराजगी
पिछले सप्ताह ट्रंप ने स्वीकार किया था कि एक फोन कॉल के दौरान उन्होंने नेतन्याहू को लेकर नाराजगी जताई थी। हालांकि उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि दोनों नेताओं के बीच संबंध अब भी अच्छे हैं। ट्रंप कई बार सार्वजनिक रूप से यह भी कह चुके हैं कि नेतन्याहू के खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार मामलों में उन्हें माफी दी जानी चाहिए। दूसरी ओर नेतन्याहू लगातार इन आरोपों को गलत बताते रहे हैं
क्या नेतन्याहू बचा पाएंगे अपनी सत्ता?
फिलहाल इज़राइल की राजनीति एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी दिखाई दे रही है। एक तरफ नेतन्याहू देश के सबसे अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं और उनकी पार्टी अब भी मजबूत राजनीतिक ताकत रखती है। दूसरी तरफ 7 अक्टूबर हमले, युद्ध, सुरक्षा मुद्दों और सर्वे में गिरती लोकप्रियता ने उनकी राह मुश्किल बना दी है।
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