Jharkhand Chunav: कैसे JMM गठबंधन के चुनावी सीन में हेमंत सोरेन के आगे फीका पड़ा राहुल का चेहरा?
Jharkhand Chunav 2024: झारखंड विधानसभा चुनाव में जेएमएम की अगुवाई वाले सत्ताधारी इंडिया ब्लॉक के नेता सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी केंद्र सरकार की नीतियों पर ही निशाना साध रहे हैं। आमतौर पर प्रदेश बीजेपी के नेता उनके निशाने पर नहीं होते हैं। लेकिन, जब बारी अपने गठबंधन के प्रचार की आती है तो ये पार्टियां पीएम मोदी के मुकाबले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उनके पिता और जेएमएम संस्थापक शिबू सोरेन को प्राथमिकता दे रहे हैं और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी इस चुनावी सीन में उनसे पूरी तरह से पिछड़ चुके हैं।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी केंद्र में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी और इंडिया ब्लॉक की अगुवा पार्टी के अघोषित तौर पर सबसे बड़े नेता हैं। वह लोकसभा में भी विपक्ष के नेता हैं। केंद्र में विपक्षी गठबंधन के अन्य सहयोगी दलों के बीच भी राहुल का ही जलवा नजर आता है। लेकिन, झारखंड में इंडिया ब्लॉक के भीतर सोरेन के सियासी कद के आगे राहुल गांधी पूरी तरह से घुटने टेकते नजर आ रहे हैं।

इंडिया ब्लॉक के अंदर सोरेन के सामने फीका पड़ा राहुल का जलवा
केंद्र में जेएमएम इंडिया ब्लॉक का छोटा सा हिस्सा है। लेकिन, झारखंड विधानसभा चुनाव में पार्टी की प्रचार सामग्री पर छपी तस्वीरों में हेमंत सोरेन और उनके पिता शिबू सोरेन का ही चेहरा चमकता नजर आता है। कांग्रेस या आरजेडी के नेताओं की तस्वीरें मात्र खानापूर्ति की तरह होती हैं।
झारखंड में मोदी बनाम सोरेन करने की कोशिश में इंडिया ब्लॉक
जबकि, राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस खुद को बड़े भाई के तौर पर पेश करती है और राहुल उसके सबसे बड़े चेहरे बने हुए हैं। विपक्ष के तमाम दिग्गज उन्हें प्रधानमंत्री मोदी के मुकाबले में प्रोजेक्ट करने की कोशिशें में जुटे हुए हैं।
सोरेन के गुणगान में लगी है कांग्रेस और राजद
झारखंड में जेएमएम पर इस हद तक निर्भरता का बचाव प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता आरके सिन्हा इस तरह से करते हैं कि सोरेन 'चुनावों में आम चेहरा' होने के अलावा 'गठबंधन का चेहरा' भी हैं। जेएमएम की एक और सहयोगी आरजेडी की ओर से भी लगभग इसी तरह की दलील दी जा रही है।
पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राकेश शर्मा के मुताबिक, 'यहां निश्चित तौर पर मोदी बनाम इंडिया ब्लॉक है। प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार को निशाना बनाना स्वाभाविक है, क्योंकि उन्होंने झारखंड के विकास को नजरअंदाज किया है। वे अभी भी मूलभूत मुद्दों के बारे में नहीं बोल रहे हैं।'
राहुल को गठबंधन में क्यों नहीं मिल रही तरजीह?
झारखंड में सत्ताधारी जेएमएम की ओर से प्रदेश चुनाव को मोदी बनाम सोरेन करने पर जेएमएम के प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य की दलील है, 'हमारे लिए स्थानीय बीजेपी चेहरों को निशाना साधना बेमतलब है, क्योंकि बीजेपी के केंद्रीय नेता और शिवराज सिंह चौहान और हिमंता बिस्वा सरमा जैसे अन्य राज्यों के नेताओं ने बीजेपी के प्रचार को थाम रखा है। जेएमएम दो हेलिकॉप्टरों से प्रचार कर रहा है, लेकिन बीजेपी के नेता 22 हेलिकॉप्टरों से घूम रहे हैं...हम अडानी और अंबानी को भी टारगेट कर रहे हैं। सब जानते हैं कि उन उद्योगपतियों के लिए कौन काम कर रहा है।'
झारखंड में पहले चरण का चुनाव 13 नवंबर को हो चुका है, जिसमें 81 में से 43 सीटों पर वोटिंग हुई थी। बाकी सीटों पर 20 नवंबर को मतदान होना है और 23 नवंबर को वोटों की गिनती होगी।












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