Jhansi: PUBG खेलने से मना करने पर माता-पिता की हत्या, पुलिस पहुंची तो मुस्कुरा रहा था कातिल बेटा
उत्तर प्रदेश के झाँसी में एक युवक ने अपने माता-पिता की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि युवक ज्यादा पब्जी खेलने के चलते अपना मानसिक संतुलन खो चुका है। शक है कि पिता द्वारा पब्जी खेलने से मना करने पर इस वारदात को अंजाम दिया गया है। उधर, सूचना पर जब पुलिस मौके पर पहुंची तो कातिल बेटा वहीं आराम से बैठा मिला और पुलिस को देख मुस्कुराने लगा। फिलहाल पुलिस आरोपी बेटे से पूछताछ कर रही है।
बता दें कि झाँसी के नवाबाद थाना क्षेत्र के पिछौर में 58 वर्षीय लक्ष्मी प्रसाद अपनी पत्नी 55 वर्षीय विमला के साथ रहते थे। वह पलरा के सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल थे। आरोपी बेटा 26 वर्षीय अंकित भी साथ रहता था। उनकी तीन बेटियों में बड़ी बेटी नीलम और सुंदरी की शादी हो चुकी थी। नीलम का ससुराल पड़ोस की कॉलोनी में है। छोटी बेटी शिवानी उरई में रहकर पढ़ाई कर रही है।

लाठी से पीट-पीटकर माता पिता की हत्या
घटना 4 अगस्त की देर रात की है। जिसका पता सुबह उस वक्त चला जब सुबह दूध देने पहुंचे शख्स ने देखा कि मकान के अंदर बुजुर्ग दंपत्ति लहू लुहान हालत में जमीन पर पड़े हुए हैं। उसने फौरन कॉलोनी वालों को शोर मचाकर इसकी सूचना दी। जिसके बाद कॉलोनी वालों ने तत्काल ही पुलिस को फोन किया। वहीं मौके पर जब पुलिस पहुंची तो वहां का मंजर देख हैरान रह गई।

पुलिस को देखकर हंसने लगा कातिल बेटा
वहीं, हत्या की सूचना पर जब पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी बेटा एक कमरे में चारपाई पर आराम से बैठा हुआ था। वह पुलिस को देखकर हंसने लगा। इंस्पेक्टर ने पूछा तो पहले कुछ नहीं बोला। फिर बोला- हां, मैंने ही मारा है। उधर, पुलिस ने देखा कि पिता की सांसें थम चुकी थीं जबकि मां विमला कराह रही थीं। पुलिस मां विमला को तुरंत मेडिकल कॉलेज ले गई। वहां इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।

पब्जी ने कर दिया मेंटली डिस्टर्ब
शुरुवाती जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी बेटा अंकित मानसिक रूप से अस्वस्थ्य है। आरोपी की बहन नीलम ने पुलिस को बताया कि कोरोना के वक्त अंकित की जॉब छूट गई थी। वो रेलवे हॉस्पिटल में कंपाउंडर था। लॉकडाउन के दौरान वो घर में रह कर मोबाइल और लैपटॉप पर कई-कई घंटे गेम खेलता था। मां-पिता उसे ज्यादा गेम खेलने से मना करते थे और दोबारा जॉब करने को कहते थे।

6 महीने कमरे बंद रहकर खेला पब्जी
नीलम ने बताया कि माता-पिता के द्वारा गेम खेलने को लेकर मना करने पर उसने कई बार मारपीट भी की थी। उन्होंने बताया कि एक बार तो अंकित छह महीने तक कमरे से ही नहीं निकला था। इसी में वह डिस्टर्ब हो गया था। उसका व्यवहार भी बदल गया था। मम्मी-पापा से मारपीट भी करता था। उससे सभी परेशान थे। इसलिए ऐसा माना जा रहा है कि इसी विवाद में उसने दोनों की हत्या कर दी।

कम्पटीशन की करता था तैयारी
वहीं पीड़ित परिवार के रिश्तेदार विवेक झा ने बताया कि 2018 तक ये विल्कुल ठीक था। कम्पटीशन की तैयारी भी कर रहा था, फिर इसे पब्जी गेम की लत लग गई। वो सारा दिन उसी में घुसा रहता था। इस वजह से वो मेंटली डिस्टर्ब भी हो गया था। उन्होंने कहा कि हम लोग कभी-कभी मिलते थे। आज इसने शायद इसी बात पर पहले पिता की हत्या की और फिर माता जी बचाने आई तो उन्हें भी मार दिया।

माता-पिता की हत्या का कोई अफ़सोस नहीं
इंस्पेक्टर सुधाकर मिश्रा ने बताया कि अंकित को इस हत्या का कोई अफसोस नहीं था। मानसिक तौर पर वह ठीक नहीं लग रहा था। हत्या के बाद उसने भागने की कोशिश नहीं की। जख्मी हालत में मां फर्श पर पड़ी कराहती रही। पुलिस को शक है कि 12 से 2 बजे के बीच उसने हत्या की है। लाशों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।












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