'फेक PMO अधिकारी किरण पटेल के कमरे के बाहर सिफारिश पहुंचाने के लिए लगती थी लाइन', सरकार पर भड़के उमर अब्दुल्ला
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि एक फर्जी पीएमओ अधिकारी को यहां सबकुछ मिल जाता है। लेकिन यहां बहुत सारे लोग हैं, जो सरकार में भी रहे हैं, उन्हें कोई गाड़ी नहीं मिलती।

Omar Abdullah: नेशनल कांफ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को फर्जी पीएमओ अधिकारी को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन की यह बहुत बड़ी चूक है। उन्होंने कहा कि यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि यहां चुनी हुई सरकार नहीं है। थोपी हुई सरकार इसी तरह से काम करती है। पूर्व मुख्यमंत्री ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आपने देखा होगा कि एक आदमी (किरण पटेल) यहां आया और यहां की सरकार से कहा कि वह पीएमओ में काम करता है।
कहा कि उन्होंने पता तक लगाने की कोशिश नहीं की कि ये आदमी कौन है। कहां से आया है। आज कल तो सबके पास में मोबाइल फोन है। गूगल में ही डाल देते और पता लगा लेते। उसका हिसाब-किताब आपको मिल जाता। इतना कहते ही कि मैं पीएमओ से आया हूं, सब उसके कदमों में लेट गए। कहा जो चाहिए आप ले लो।
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उन्होंने कहा कि हमारे एक साथी रहे हैं, जिनके खिलाफ हमले हुए हैं। ये अगर हाथ जोड़कर भी गाड़ी मांगे तो उन्हें एस्कॉर्ट गाड़ी नहीं मिलती। बुलेट प्रूफ गाड़ी तो दूर की बात है। लेकिन वो बंदा (किरण पटेल) आया, जिसके आगे भी एस्कोर्ट, पीछे भी एस्कोर्ट, सायरन बुलेट प्रूफ गाड़ी। इसके अलावा फाइव स्टार होटल में कमरा। लाइन ऑफ कंट्रोल पर इंस्पेक्शन कराया। रोज शाम उनके कमरों के बाहर हमारे अधिकारियों की लाइन लगती थी। किसी तरह उस फर्जी अधिकारी के सामने सजदा करें और उसकी सिफारिश पीएमओ तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि यही अंतर होता है एक चुनी हुई सरकार में और ऊपर से थोपी हुई सरकार में। हम एक ऐसी सरकार से कैसे उम्मीद कर सकते हैं जो हमारे वास्तविक मुद्दों को हल करने के लिए पीएमओ में एक वास्तविक अधिकारी और एक ढोंगी के बीच अंतर नहीं जानती है?
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