मिलिए जम्मू जिले की ई-रिक्शा चलाक Ranjeet Kour से, जो कभी करते थे आलोचना, अब उनसे भी मिल रही है प्रशंसा
E-Rickshaw Driver Ranjeet Kour: पंजाब के गुरदासपुर की रहने वाली रंजीत कौर की शादी जम्मू में हुई थी। शादी के 15 साल बाद रंजीत कौर ने जम्मू की सड़क पर ई-रिक्शा चलाना शुरू कर दिया। आइए जानते हैं रंजीत कौर के बारे में...

E-Rickshaw Driver Ranjeet Kour: जम्मू की पहली ई-रिक्शा चालक सीमा देवी के बाद कुंजवानी की रहने वाली रंजीत कौर भी इन दिनों सोशल मीडिया सेंसेशन बनी हुई है। हर कोई ई-रिक्शा चालक रंजीत कौर (Ranjeet Kour) को पसंद कर रहा है और उनके बारे में जानना चाहता है। दरअसल, सीमा देवी के बाद रंजीत कौर भी जम्मू कश्मीर की महिलाओं के लिए एक मिसाल बन गई है। रंजीत कौर की मानें तो जब उन्होंने ई-रिक्शा चलाना शुरू किया था तो कुछ लोग उनकी आलोचना करते थे। लेकिन, अब मुझे उन लोगों से भी प्रशंसा मिल रही है, जो कभी मेरी आलोचना करते थे। आइए जानते हैं जम्मू की महिला ई-रिक्शा चालक रंजीत कौर के बारे में...
रंजीत कौर, पंजाब के गुरदासपुर जिले की रहने वाली है। जम्मू के कुंजवानी में उनकी शादी हुई है। यहां वह (रंजीत कौर) अपने पति और ससुराल वालों के साथ रहती है। रंजीत कौर के पति ट्रक ड्राइवर है और 12 टायरा ट्रक चलाते है। रंजीत कौर की मानें तो गर्मियों में तो उनके पति के पास काम होता है, लेकिन सर्दियों में उनके पास काम की कमी हो जाती है। तो वहीं, रंजीत कौर के पति जो कुछ कमाते है उससे आज के समय में खर्चा पूरा नहीं पा रहा था। इसलिए पति का हाथ बटाने के लिए रंजीत कौर ने भी ई-रिक्शा चलाना शुरू कर दिया। बता दें, रंजीत कौर का ई-रिक्शा चलाते हुए ज्यादा समय नहीं हुआ है।
रंजीत कौर बताती है कि उन्होंने ई-रिक्शा चलाते हुए महज तीन महीने हुए है। ई-रिक्शा चलान के साथ-साथ रंजीत कौर ट्रक, बुलेट बाइक भी चला लेती है। रंजीत कौर के मुताबिक, जब उन्होंने ई-रिक्शा चलान शुरू किया तो उनके पति और ससुराल वालों की तरफ से उन्हें पूरा सपोर्ट भी मिला। रंजीत कौर बताती है कि उनके दो बच्चे है। बेटा 14 साल का और बेटी 12 साल की है। हालांकि, जब रंजीत कौर ने ई-रिक्शा चलाना शुरू किया तो कुछ लोगों ने उन्हें ताने भी मारे। लेकिन, अब मैं जहा भी जाती हूं तो मुझे उन लोगों से भी प्रशंसा मिल रही है, जो कभी मेरी आलोचना करते थे।
रंजीत कौर ने बताया कि जो भी अब मेरे ई-रिक्शा में बैठता है तो मुझे शाबाशी देकर जाते है। बता दें, रंजीत जम्मू की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं और वह जहां भी जाती हैं एक सम्मानित व्यक्ति के रूप में देखी जाती हैं। रंजीत ने कहा कि वह रोजाना 1000 से 1500 रुपये कमा लेती है। रंजीत कौर ने बताया कि एक महिला के लिए यह महत्वपूर्ण होता है कि उसे पैसे के लिए अपने पिता या पति पर निर्भर न रहना पड़े। जो पैसे कमाती है वो अपने और परिवार के ऊपर खर्च करती है। रंजीत कौर कहती है कि चोरी चक्कारी में बुराई है, लेकिन मेहनत करने में कोई बुराई नहीं है।
रंजीत कौर ने बताया कि मैं केंद्र की उस योजना की बहुत आभारी हूं जिसने मुझे जीविकोपार्जन में मदद की। रंजीत ने बताया कि पति की सहमती मिलने के बाद मैं UMEED समूह में शामिल हो गया, जहां से मुझे ई-रिक्शा के लिए आर्थिक मदद मिली। उन्होंने आगे कहा कि कोई भी काम चुनने में कोई शर्म नहीं है। "जब मैं इस काम से संतुष्ट हूं और अपने परिवार की बहुत अच्छे तरीके से मदद कर पा रहा हूं, तो मैं लोगों के ताने या आलोचना की परवाह क्यों करूं? कहा, 'मेरा मानना है कि कोई भी काम आपके भगवान से कम नहीं होता है, एक बार जब आप इसे पूजा के रूप में लेते हैं, तो यकीन मानिए, हमेशा फल मिलता है।'
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रंजीत कौर ने कहा कि अगर लड़कियों को लगता है कि वे कुछ करना चाहती हैं या कुछ करने में उनकी दिलचस्पी है, तो उन्हें इसे तुरंत करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इसमें शर्म की कोई बात नहीं है जब आप अच्छा पैसा कमा सकते हैं और इसे सम्मान के साथ कमा सकते हैं। कहा कि लड़कियां अपना और अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकती हैं। कहा कि मैं अपना काम हर दिन सम्मान के साथ कर रही हूं और मैं इस काम से खुश हूं।' रंजीत कौर ने कहा कि अगर को महिला ई-रिक्शा चलाना सीखना चाहती है तो उन्हें मैं फ्री में ई-रिक्शा चलाना भी सीखाऊंगी।












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