Jammu Kashmir: उमर अब्दुल्ला के वाहनों को पुलिस ने रोका, पैदल पहुंचे पार्टी ऑफिस, शहीदों को दी श्रद्धांजलि
Omar Abdullah: जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मेरे वाहनों और मेरी सुरक्षा को रोक दिया। इसके बाद पैदल मुझे ऑफिस जाना पड़ा।
उन्होंने कहा कि पुलिस मुझे 13 जुलाई को शहीदों को श्रद्धांजलि देने से रोकना चाहती थी। मैंने पैदल पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि धारा 370 का मामला पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में है और मैं मुझे यकीन है कि सीजेआई सरकार का पक्ष नहीं लेंगे।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री आज अपने घर से पार्टी मुख्यालय पैदल पहुंचे। इसके बाद पार्टी नेताओं के साथ 1931 में डोगरा शासन में मारे गए शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने लोगों को संबोधित किया। उमर उब्दुल्ला ने कहा कि 13 जुलाई को स्टेट डे और हॉलिडे के तौर पर मनाया जाता था।
उन्होंने इस दौरान उपराज्यपाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शहीद अगर गैर मुस्लिम होते तो उपराज्यपाल सुबह ही श्रद्धांजलि देने पहुंच जाते। लेकिन यहां तो मुस्लिमों की कब्र है, इसलिए हमें मजार पर आने की इजाजत नहीं दी। उमर अब्दु्ल्ला ने कहा कि हमने कभी मजहब के नाम पर सियासत नहीं की।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मुझे और मेरी सुरक्षा को मजार पर जाने से रोक दिया। मजबूरन मुझे पैदल चलकर पार्टी मुख्यालय आना पड़ा। बता दें कि आर्टिकल-370 हटाए जाने के बाद 13 जुलाई को इस मजार पर किसी भी व्यक्ति को यहां जाने की अनुमति नहीं दी जाती है। 1931 में कश्मीर में डोगरा शासन के दौरान आज ही के दिन यानी 13 जुलाई को 22 जवान शहीद हो गए थे।
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