Ram Prakash : जून 2003 में चराते थे बकरियां, साल 2018 में बन गए IAS, मिर्जापुर के युवक की सक्सेस स्टोरी
जयपुर, 6 मई। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के गांव जमुआ बाजार में 15 साल पहले जो लड़का बकरियां चराता नजर आता था वो आज राजस्थान कैडर में आईएएस अधिकारी हैं। नाम है राम प्रकाश। इनकी सक्सेस स्टोरी हर किसी को प्रेरित करने वाली है।

आईएएस राम प्रकाश का इंटरव्यू
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में IAS राम प्रकाश बताते हैं कि उनका जन्म सामान्य परिवार में हुआ। बुलंद हौसलों और कड़ी मेहनत के दम पर यूपीएससी परीक्षा पास की। आईएएस बनने तक की राह में कई रोड़े आए, मगर ना कभी हिम्मत हारी और ना ही कभी लक्ष्य से नजर हटाई।

वाराणसी से की पढ़ाई
आईएएस अधिकारी राम प्रकाश ने श्रद्धानंद सरस्वती इंटरमीडिएट कॉलेज रोहनिया, वाराणसी से पढ़ाई की। साल 2007 में बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण की। गांव में बरियां चराने जाते तब साथ में किताब भी ले जाते थे। वहीं पर पढ़ाई करते।

राम प्रकाश पांच बार हुए फेल
राम प्रकाश राजस्थान कैडर के साल 2018 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। पाली जिला परिषद के सीईओ पद से अब इनका तबादला जयपुर में जलदाय विभाग के संयुक्त सचिव पद पर हुआ है। इन्होंने अपने छठे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा पास की थी।

राम प्रकाश यूपीएससी 2018 रैंक 162
साल 2018 में रामप्रकाश ने अखिल भारतीय स्तर पर 162वीं रैंक प्राप्त की। मुख्य परीक्षा में कुल 2025 में 1014 अंक हासिल किए। साक्षात्कार में इन्हें 275 में से 151 अंक मिले। आईएएस राम प्रकाश ट्विटर पर भी काफी सक्रिय रहते हैं। इन्हें 74 हजार लोग फॉलो करते हैं। बकरियां चराने वाला अपना किस्सा भी खुद आईएएस राम प्रकाश ने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है।
जून 2003: हम 5-6 लोग बकरियां चराने गए थे। वहीं पर आम के पेड़ की डाल पर झूला झूल रहे थे। अचानक से डाल टूट गई। किसी को चोट तो नही लगी लेकिन मार खाने से बचने के लिए हम लोग मिलकर पेड़ की डाल ही उठा लाए थे जिससे पता ही ना चले कि डाल टूटी है या नही। #justsaying #बचपन
— Ram Prakash, IAS (@ramprakash0324) April 3, 2022
आईएएस रामप्रकाश का ट्वीट
आईएएस रामप्रकाश ने तीन अप्रैल को एक ट्वीट कर लिखा कि 'जून 2003: हम 5-6 लोग बकरियां चराने गए थे। वहीं पर आम के पेड़ की डाल पर झूला झूल रहे थे। अचानक से डाल टूट गई। किसी को चोट तो नही लगी लेकिन मार खाने से बचने के लिए हम लोग मिलकर पेड़ की डाल ही उठा लाए थे जिससे पता ही ना चले कि डाल टूटी है या नही'

बकरियां चराना रोज का काम
मीडिया से बातचीत में आईएएस राम प्रकाश ने कहा कि गांव में अक्सर पढ़ाई के बाद बकरियों को चराने जाना भी रोज का काम था। रोज स्कूल के बाद बकरी चराने जाते थे, क्योंकि पढ़ाई और बकरी चराने एक साथ चलते थे। यह सिर्फ एक दिन की बात नहीं थी।

आईएएस राम प्रकाश जीवन परिचय
नाम - राम प्रकाश
गांव - जमुआ, मिर्जापुर, यूपी
जन्मदिन - 8 अगस्त 1989
शिक्षा - बीटेक
बैच - 2018

आईएएस राम प्रकाश का सर्विस रिकॉर्ड
1. संयुक्त सचिव PHED जयपुर
2. सीईओ जिला परिषद पाली
3. एसडीएम ब्यावर अजमेर
4. एसडीएम भवानी मंडी झालावाड़
5. एडीएम (UNDER TRAINING) बांसवाड़ा












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