Jaipur : 12 आतंकियों को उम्रकैद, गोधरा व गोपालगढ़ दंगों के बदले के लिए रच रहे थे हमले की साजिश
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर की जिला अदालत ने मंगलवार को 12 आतंकियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। एक आरोपी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है। ये सभी आतंकी इंजीनियरिंग के स्टूडेंट थे। आतंकी संगना सिमी से जुड़कर इण्डियन मुजाहिदीन के लिए काम कर रहे थे।

आतंकवादी हमला करने की साजिश रच रहे थे
ये राजस्थान में आतंकी संगठनों के लिए स्लीपिंग सेल के रूप में काम कर रहे थे। गुजरात के गोधरा और राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के गोपालगढ़ में हुए दंगों का बदला लेने के लिए आतंकवादी हमला करने की साजिश रच रहे थे।

2014 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल से मिले इनपुट
ये अपने मंसूबों में कामयाब होते इससे पहले ही साल 2014 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल से मिले इनपुट के बाद राजस्थान ATS और SOG की विशेष टीमों ने जयपुर के झोटवाड़ा व प्रताप नगर व सीकर से आईएम नेटवर्क से जुड़े इन 13 युवकों को पकड़ा था। तब से इनके मामले में सुनवाई चल रही थी।

जयपुर में कुछ लोगों को बम बनाने की ट्रेनिंग दी
राजस्थान स्लीपर सेल केस में सरकार की ओर से पैरवी करने वाले लोक अभियोजक लियाकत खान ने मीडिया से बातचीत में बताया कि साल 2011 में दिल्ली में आतंकी गतिविधियों के खिलाफ एक मामला दर्ज हुआ था। उसमें मोहम्मद वकास से पूछताछ में आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के तहसीन भटकल व यासीन भटकल ने खुलासा किया कि उन्होंने जयपुर में कुछ लोगों को बम बनाने की ट्रेनिंग दी थी। ताकि वो आतंकी घटनाओं को अंजाम दे सके।

एएसपी अनंत कुमार को जांच सौंपी
भटकल के इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद राजस्थान एसओजी ने 22 मार्च 2014 को मुकदमा दर्ज कर एएसपी अनंत कुमार को जांच सौंपी। इस केस में कार्रवाई करते हुए ATS और SOG ने जयपुर व सीकर से इंडियन मुजाहिदीन के नेटवर्क से जुड़े 13 युवकों को पकड़ा गया। जिनमें ज्यादातर इंजीनियरिंग स्टूडेंट थे। इनको बम बनाने की ट्रेनिंग दी जा रही थी।

175 गवाह के बयान करवाए
राजस्थान स्लीपर सेल केस में अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ 175 गवाह के बयान करवाए। 506 से ज्यादा सबूत इकट्ठा कर कोर्ट को सौंपे गए। करीब ढाई महिने से केस में बहस की। इस पर मंगलवार को जिला जज उमाशंकर व्यास ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।












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