Gender Change करवाकर शिक्षिका ने छात्रा से की लव मैरिज, जानिए लिंग परिवर्तन करवाने की पूरी प्रकिया
Gender Change करवाकर शिक्षिका ने छात्रा से की लव मैरिज, जानिए जेंडर चेंज करवाने की पूरी प्रकिया व कानूनी प्रावधान
Gender Change Male to Female in Hindi : राजस्थान के भरतपुर जिले में महिला शिक्षिका द्वारा लिंग परिवर्तन करवाकर छात्रा से शादी करने का मामला देशभर की सुर्खियों में है। भरतपुर के डीग इलाके के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में शारीरिक शिक्षक मीरा कुंतल को अपनी छात्रा कल्पना से प्यार हो गया था तो वह जेंडर चेंज करवाकर मीरा से आरव कुंतल बन गया। फिर आरव दूल्हा बना और कल्पना दुल्हन। दोनों ने देवउठनी एकादशी 2022 को विवाह कर लिया। आरव व कल्पना की अजब प्रेम की इस गजब कहानी कई लोगों के मन में सवाल उठा दिए कि सेक्स रिअसाइन्मेंट सर्जरी या आम बोलचाल की भाषा में कहें तो 'सेक्स चेंज ऑपरेशन' कैसे संभव है और इसके कानूनी प्रावधान क्या हैं?

जेंडर ऑपरेशन की प्रक्रिया क्या है?
बता दें कि भारत के प्रत्येक नागरिक को किसी एक लिंग को चुनने की आजादी है। किसी भी व्यक्ति को लगता है कि उसकी पहचान उसके कुदरती जेंडर से मेल नहीं खाती है तो ऐसी स्थिति में वह लिंग परिवर्तन (सेक्स चेंज) के लिए स्वतंत्र है। वह कानूनी तौर पर ऐसा करवा सकता है। इसके लिए लिंग पुनर्मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया बनी हुई है, जिसके नियम-कायदों के तहत जेंडर बदलवाया जा सकता है। लिंग परिवर्तन की पूरी प्रक्रिया सिर्फ प्लास्टिक सर्जन द्वारा ही पूरी नहीं की जाती, बल्कि इसमें मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक, स्त्री रोग विशेषज्ञ, न्यूरोलॉजिस्ट और वकील भी शामिल होते हैं।

जेंडर चेंज करवाने के लिए सबसे पहले क्या करें?
कानून के जानकार बताते हैं कि जेंडर चेंज करवाने के लिए कानूनी प्रक्रिया के तहत सबसे पहले व्यक्ति को एक हलफनामे के जरिए अपने लिंग परिवर्तन की घोषणा करनी होती है। अपनी मूल पहचान बताते हुए नाम, पिता, स्थायी पता, आयु व लिंग आदि की जानकारी का स्टांप पेपर पर हलफनामा तैयार करवाना होता है। वह नोटरीकृत होना भी जरूरी है। इसके बाद शहर के किसी एक प्रमुख समाचार पत्र में अपना लिंग परिवर्तन से संबंधित विज्ञापन प्रकाशित करवाना होता है। अखबार के विज्ञापन की सामग्री का वर्णन शपथ में भी होना चाहिए।

जेंडर चेंज करवाने की प्रक्रिया का आखिरी चरण
हलफनामा तैयार करवाने और समाचार पत्र में सूचना प्रकाशित करवाने के बाद जेंडर चेंज करवाने के आखिरी चरण में साप्ताहिक राष्ट्रीय राजपत्र में अधिसूचना जारी होना है। इसके लिए निर्धारित सरकारी शुल्क का भी भुगतान करना होता है। फिर पूरा आवेदन संबंधित विभाग जमा करवाना होता है। उसी के आधार पर लिंग परिवर्तन की अधिसूचना 45-60 कार्य दिवस में ई-गजट में प्रकाशित होती है। इसके बाद आवेदक को उसकी ई-मेल पर राजपत्र की एक कॉपी मिल जाती है। खास बात यह है कि विभाग कोई भौतिक प्रमाण पत्र जारी नहीं करता है।

लिंग परिवर्तन आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
1 स्व-सत्यापित पहचान प्रमाण की कॉपी (आधार कार्ड/वोटर आईडी/पासपोर्ट)
2 दो सेल्फ अटेस्टेड पासपोर्ट साइज के फोटो
3 आवेदक और दो प्रमुख गवाहों द्वारा विधिवत हस्ताक्षरित एक नमूना प्रोफार्मा
4 प्राधिकरण को पंजीकरण शुल्क के साथ लिखा हुआ एक अनुरोध पत्र
5 समाचार पत्र में छपवाए लिंग परिवर्तन का विज्ञापन की मूल प्रति

लिंग परिवर्तन से पहले की प्रक्रिया
डॉक्टरों के अनुसार पुरुष से महिला बनने के लिए 18 और महिला से पुरुष बनने के लिए 33 चरणों से गुजरना पड़ता है। जब कोई व्यक्ति अपना सेक्स चेंज करने की सोचता है तो सबसे पहले उसे दो मनोवैज्ञानिकों के पास भेजा जाता है। ये देखने के लिए कि क्या वो वाकई तैयार है? एक बार इस चीज़ का फ़ैसला हो जाए तो उसे 'रोल प्ले' करने के लिए कहा जाता है। मतलब दूसरे जेंडर के इंसान की तरह बिहेव करने को बोला जाता है। ये कम से कम तीन महीने चलता है। ये चीज़ उनको आने वाली परिस्थितियों के लिए तैयार करती है। यह काम व्यक्ति की उम्र 18 साल हो जाने के बाद होता है। उससे पहले शख्स को मानसिक तौर पर तैयार नहीं माना जाता।

लिंग परिवर्तन कैसे किया जाता है
दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट में अपोलो हॉस्पिटल (इंदौर) के डॉ. अश्विनी दास (प्लास्टिक सर्जन) कहते हैं कि अगर कोई इंसान प्राकृतिक अंगों से साथ पैदा हुआ और उनके अनुरूप महसूस नहीं कर पा रहा तो उसे आइडेंटिटी डिसऑर्डर या जेंडर डायसोफोरिया कहा जाता है। ऑपरेशन से लिंग परिवर्तन संभव है, मगर सेक्स चेंज के ऑपरेशन की प्रक्रिया अन्य ऑपरेशन की तुलना में अधिक पीड़ादायी है। इसमें संबंधित व्यक्ति के लिंग के साथ ही उसके चेहरे, बाल, नाखून, हाव-भाव, हार्मोंस, कान का शेप तक को बदल दिया जाता है। यह पूरी प्रक्रिया काफी खर्चीली है।

पुरुष से महिला बनने का ऑपरेशन
डॉक्टरों के अनुसार महिला से पुरुष बनने के मुकाबले पुरुष से महिला बनना आसान होता है। यदि कोई पुरुष से महिला बनता है तो उसके शरीर के भागों से ही सर्जरी के जरिए महिलाओं के अंग बना दिए जाते हैं। इन्हें बनाने में करीब 4 घंटे का समय लगता है। वहीं, ब्रेस्ट के लिए अलग से दो घंटे का ऑपरेशन होता है। ये दोनों ऑपरेशन तीन से चार महीने के अंतराल में किए जाते हैं। ये सारी सर्जरी पुरुष के लिंग को हटा देने भर पर खत्म नहीं होती। इसमें अंडकोषों को भी हटाया जाता है। लिंग के उपरी सिरे को हटाकर क्लिटॉरिस का रूप दिया जाता है। लिंग चेंज होने के बाद भी इंसान अपनी सेक्स लाइफ एन्जॉय कर पाए, इसलिए पुरुष के लिंग को प्राकृतिक तौर पर वजाइना जैसा बनाया जाता है। लेज़र हेयर रिमूवल से शरीर के बाल हटवाए जाते हैं। अंत में सर्जरी से आवाज़ को हल्की या पतली किया जाता है।

महिला से पुरुष बनने का ऑपरेशन
अगर कोई महिला पुरुष बनना चाहे तो उसके लिए भी सर्जरी होती है। इस सर्जरी में 8 घंटे का समय लगता है। साल 2021 जेंडर चेंज करवाकर बिहार में गुड़िया से रुद्राक्ष बनने वाले ने मीडिया से बातचीत में उसे हर महीने हार्मोन्स का इंजेक्शन लगवाना पड़ता है, जो तकरीबन 2 साल तक लगाया गया। इसके बाद वह पूरी तरह से औरत से आदमी बन गई। महिला से पुरुष बनने के ऑपरेशन के बाद विवाह होने पर संतानोत्पत्ति में भी कठिनाई आ सकती है। अगर उस शख्स की शादी किसी सामान्य लड़की से होती है तो चिकित्सक के परामर्श के बाद ही संतान पैदा हो सकती है।

शिक्षिक मीरा (आरव कुंतल) व छात्रा कल्पना की लव स्टोरी
छात्रा कल्पना भी भरतपुर जिले के डीग के गांव नगला मोती की रहने वाली है। कल्पना राजकीय माध्यमिक विद्यालय नगला मोती में दसवीं कक्षा में थी तब वह कबड्डी कोच मीरा कुंतल (अब आरव) के सम्पर्क में आई और उसी निर्देशन में पहली बार राज्य स्तर पर कबड्डी खेली। फिर कल्पना ने कक्षा 11वीं व 12वीं में भी स्टेट लेवल पर खेलने के साथ ग्रेजुएशन के दौरान नेशनल लेवल पर 2021 में महाराष्ट्र में दमखम दिखाया। इस बीच कल्पना व मीरा में प्रेम हो गया। मीरा ने जेंडर चेंज करवाकर 4 नवंबर को कल्पना से शादी कर ली। कल्पना अब जनवरी 2023 में इंटरनेशनल प्रो-कबड्डी में भाग लेने दुबई जाएगी। वहीं, वर्ष 2016 से राजकीय माध्यमिक विद्यालय नगला मोती में शारीरिक शिक्षक मीारा कुंतल भी खेलों का उत्कृष्ट खिलाड़ी रही हैं। मीरा क्रिकेट में नेशनल लेवल पर 3 एवं हॉकी में 4 बार खेल चुकी हैं। अब आरव अपने विद्यालय के विद्यर्थियों को कबड्डी और बॉलीवॉल की कोचिंग देकर उन्हें स्टेट लेवल तक ले जा रहे हैं।

मीरा को दो साल लगे आरव बनने में
इधर, डीग के राजकीय माध्यमिक विद्यालय नगला मोती में शारीरिक शिक्षक ( पीटीआई ) मीरा कुंतल ने साल 2019 जेंडर चेंज करवाने का ऑपरेशन करवाया। इसके बाद अपना नाम आरव कुंतल रख लिया। यूं तो मीरा लड़की के रूप में ही पैदा हुई थी। इनसे बड़ी तीन और बहन हैं। मीरा के हाव-भाव लड़कों जैसे थे। ऐसे में मीरा की जेंडर चेंज सर्जरी करवाई, जो दिल्ली के एक हॉस्पिटल में 25 दिसंबर 2019 से साल 2021 तक चली। औरत से मर्द बनने की सर्जरी के दौरान छात्रा कल्पना ने मीरा का खूब ख्याल रखा।












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