Rajasthan Flood : हवाई जायजे में यूं दिखा 'तबाही' का मंजर, पूर्व CM राजे ने शेयर की तस्वीरें
Rajasthan: हवाई जायजे में यूं नजर आए बाढ़ प्रभावित इलाके, पूर्व CM वसुंधरा राजे ने शेयर की तस्वीरें
जयपुर, 24 अगस्त। चारों तरफ पानी ही पानी। फसलें बर्बाद। रास्ते बंद। सड़कें गायब। नदी किनारे पानी से घिरे गांव-ढाणियां। कुछ ऐसे ही नजर आया हाड़ौती क्षेत्र में जब राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया ने बुधवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई जायजा लिया। राजे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर हवाई सर्वेक्षण की नौ तस्वीरें भी शेयर की हैं, जिनसे स्थिति का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है। उनके साथ बारां-झालावाड़ सांसद उनके बेटे दुष्यंत सिंह भी हेलीकॉप्टर में मौजूद रहे।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर संपर्क टूट चुके गांवों की समीक्षा की
पूर्व सीएम राजे ने फेसबुक पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा कि 'हाड़ौती क्षेत्र में भारी बारिश के कारण उपजे बाढ़ के हालातों को लेकर आज कोटा, झालावाड़-बारां सहित चम्बल नदी के आस-पास के क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर संपर्क टूट चुके गांवों की समीक्षा की।

संक्षिप्त रिपोर्ट भी तैयार की
हवाई सर्वेक्षण के दौरान कापरेन, अंता, सीसवाली, बारां, अकलेरा, अटरु, छबड़ा, रायपुर, पाटन, झालावाड़ सहित विभिन्न गांवों में जलभराव के कारण हुए नुकसान का निरीक्षण कर प्रभावित क्षेत्रों में शीघ्र सहायता पहुंचाने के संबंध में एक संक्षिप्त रिपोर्ट भी तैयार की।

राजस्थान में औसत से 51 प्रतिशत से ज्यादा पानी बरस चुका
बता दें कि बीते तीन चार दिन में राजस्थान में भारी बारिश हुई है। 23 अगस्त तक पूरे राजस्थान में औसत से 51 प्रतिशत से ज्यादा पानी बरस चुका है। कोटा व उदयपुर संभाग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। कोटा में सुखनी नदी में डूबने से एक बच्चे की मौत भी हो गई।

इटावा का कोटा मुख्यालय से सड़क सम्पर्क भी टूट गया
बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण कालीसिंध नदी उफान पर है। कोटा जिले का इटावा कस्बा पूरी तरह जलमग्न हो गया है। करीब 300-400 घरों में पानी घुसने की खबरें हैं। इटावा का कोटा मुख्यालय से सड़क सम्पर्क भी टूट गया है।

सीकर की सड़कों पर नाव चलती नजर आई
बता दें कि भारी बारिश के कारण राजस्थान में कोटा और सीकर की सड़कों पर नाव चलती नजर आई है। कीरपुरा, मदनपुरा व रघुनाथपुरा पूरी तरह जलमग्न है। राजस्थान में भारी बारिश के कारण कई जगहों पर भारतीय सेना के जवानों की मदद लेनी पड़ी है। एसडीआरएफ की टीमें भी बचाव कार्यों में जुटी हैं।

14 से ज्यादा जिलों में सर्वाधिक बारिश
मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार बंगाल की खाड़ी से सक्रिय हुआ नया वेदर सिस्टम झारखंड और मध्य प्रदेश के बाद बीते दो-तीन दिन से राजस्थान में आफत बनकर बरसा है। हाड़ौती व मेवाड़ अंचल समेत राजस्थान के 14 से ज्यादा जिलों में सर्वाधिक बारिश हुई है। चंबल नदी का पानी बीते 26 साल का रिकॉर्ड तोड़ने का है। धौलपुर में चंबल नदी का लेवल 142 मीटर के ऊपर पहुंच गया है, जो कि खतरे के निशान से करीब 12 मीटर अधिक है।
राजस्थान में 22 बड़े डैम हैं
बता दें कि राजस्थान में 22 बड़े डैम हैं। इनमें से बांसवाड़ा का हारो, टोंक का गलवा और प्रतापगढ़ का जाखम बांध तो 100 फीसदी भर चुके हैं। अब इन डैम का पानी आस-पास के शहर-कस्बों के लिए संकट बन सकता है। चित्तौड़गढ़ के राणा प्रताप सागर बांध में 93.68%, कोटा बैराज में 95.38 और बूंदी के गुढ़ा डैम में 97.18% पानी की आवक हुई है। बीते 24 घंटे में सबसे बारिश झालावाड़ में 11.3 इंच रिकॉर्ड की गई। इन दो दिनों में ही प्रदेश के छह बड़े बांधों के गेट खोले गए हैं। प्रदेश के 33 में से 26 जिलों में अब तक औसत से करीब 20% ज्यादा बारिश हो चुकी है।












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