PhonePe जैसे UPI अकाउंट से ट्रेन में रिश्वत , WCR जबलपुर विजलेंस टीम ने TTE को पकड़ा,
रेलवे बिना टिकट यात्रा करने वालों और टीसी द्वारा अवैध वसूली की शिकायतों पर लगाम लगाने कई प्रयास हो रहे हैं। लेकिन अनाधिकृत रूप से यात्रा करने के एवज में वसूलीबाज कुछ TC ने वसूली का हाईटेक ट्रेंड अख्तियार कर लिया हैं।

PhonePe: ट्रेन में बिना टिकट यात्रा या सीट आरक्षण के लिए टीटीई की वसूली का अजब-गजब मामला सामने आया हैं। मुंबई- प्रयागराज दुरंतो एक्सप्रेस में टिकट कंडेक्टर बिना टिकट एक मुसाफिर को यात्रा कराता पकड़ा गया। इसके एवज में यात्री से उसने 13 सौ रुपए रिश्वत ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए, ताकि पकड़ा न जा सकें। जबलपुर रेल मंडल की विजलेंस टीम ने संबंधित टीसी के खिलाफ करवाई शुरू कर दी हैं। जांच टीम का कहना है कि ऐसी स्थितियों से निपटना बड़ी चुनौती हैं।

कहावत है कि 'तू डाल-डाल तो मैं पात-पात'। पैसेंजर्स ट्रेन में अनाधिकृत रूप से पैसे लेकर बिना टिकट यात्रा कराने कुछ टीटीई ने नई तरकीब निकाल ली हैं। नकद के चक्कर पकड़े जाने से बचने अब यूपीआई अकाउंट में रिश्वत ऑनलाइन ली जा रही हैं। इसका खुलासा उस वक्त हुआ जब मुंबई-प्रयागराज दुरंतो एक्सप्रेस ट्रेन में रेलवे की जबलपुर विजलेंस टीम इंस्पेक्टर राजेंद्र रैकवार और संतोष मीना ने धावा बोला। औचक जांच के दौरान मुंबई से बिना टिकट ट्रेन में सफ़र करता हुआ एक यात्री मिला। जो आरक्षित कोच में बर्थ पर सवार था। इसी यात्री के जरिए ट्रेन में टिकट कंडेक्टर की पोल खुल गई।

यात्री ने विजलेंस टीम को बताया कि उसने टीसी को 13 सौ रुपए का ऑनलाइन फोन-पे पर भुगतान किया हैं। बिना रसीद दिए उसने सीट भी अलॉट कर दी। इसके बाद जब संबंधित टीसी को दबोंचा गया और उसकी तलाशी ली गई तो 890 रुपए अतिरिक्त मिले। यात्री द्वारा बताई गई बात भी सही पाई गई। जिसके बाद आरोपी टीसी के खिलाफ केस दर्ज किया गया हैं। वह अपने बचाव में कई तरह की दलीले देता रहा, लेकिन जांच टीम ने एक नहीं सुनी। एसडीजीएम पंकज शर्मा ने बताया कि दुरंतो एक्सप्रेस ट्रेन में प्रारंभ होने वाले स्टेशन से जो जांच दल चलता हैं, वह आखिरी स्टेशन तक जाता हैं। बीच में अन्य दल को टिकट चेक करने का अधिकार नहीं हैं। बावजूद इसके आरोपी टिकट कंडेक्टर ट्रेन में चढ़ा और अवैध वसूली करते हुए भी पकड़ा गया।

पश्चिम मध्य रेल जोन के सीपीआरओ राहुल श्रीवास्तव का कहना कि अनाधिकृत रूप से यात्रा करने वालों पर लगाम लगाने के मकसद से ही स्टाफ को टैब मुहैया कराए हैं। लेकिन टीसी स्टाफ द्वारा किए गए इस कृत्य को विभाग ने गंभीरता से लिया हैं, और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उधर जानकारों का कहना है कि तकनीकी युग में गड़बड़ी करने वाले नियम बनते ही उसका विकल्प तलाश लेते हैं। स्टाफ के उन लोगों को कैसे पकड़ा जाएगा, जो अपने अकाउंट की बजाय रिश्तेदारों या दोस्तों के यूपीआई अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करवाएंगे?
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