Jabalpur News: पेट्रोल डीजल चोर बेनकाब, जबलपुर में एथेनॉल मिलाकर हो रहा था धंधा, आरोपियों का Live Video
मध्य प्रदेश के जबलपुर में फ्यूल डिपो से सप्लाई के लिए निकलने वाले टैंकरों से पेट्रोल-डीजल चोरी का मामला सामने आया हैं। पुलिस ने 5 आरोपियों को अरेस्ट किया, जबकि दो मास्टरमाइंड आरोपी फरार हैं।

Petrol diesel thieves exposed: मध्य प्रदेश के जबलपुर में पेट्रोलियम कंपनी से डिपो से निकलने वाले पेट्रोल-डीजल भरे टैंकरों से चोरी का बड़ा खुलासा हुआ हैं। पुलिस ने मौके से रंगे हाथ ऐसे गिरोह को पकड़ा, जो टैंकर के ड्राइवर क्लीनर के साथ मिलकर ईधन चुराते थे। ख़ास बात यह है कि फ्यूल टैंकरों से माल चुराकर उसमें एथेनॉल भी मिक्स कर दिया जाता था। पुलिस की इस लाइव रेड में 5 आरोपी गिरफ्तार हुए है, जबकि दो मास्टर माइंड की तलाश हैं।

ग्रामीण इलाके में शहपुरा में छापा
जबलपुर के ग्रामीण क्षेत्र शहपुरा के ग्राम खिरकाखेड़ा में लंबे समय से चल रहे पेट्रोल और डीजल टैंकरों से चोरी का भंडाफोड़ किया है। यह खेल पेट्रोल पम्पों में सप्लाई होने के लिए निकलने वाले टैंकरों से चल रहा था। तेल के कटिंग के इस खेल में पुलिस ने मौके से 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस चोरी के खेल के मास्टरमाइंड दो व्यक्तियों के नाम पुलिस के सामने आए हैं। जिनकी तलाश की जा रही है। फिलहाल वह फरार हो गए हैं।

मास्टरमाइंड दो आरोपी फरार, 5 गिरफ्तार
एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा के अनुसार इनसे प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि विनय यादव, वैभव यादव और अन्य इस मामले के मास्टरमाइंड है। उनके कहने पर ही यह पेट्रोल और डीजल की चोरी करते थे। लाइव छापे के दौरान पुलिस ने मौके से 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। जिनमें से एक टेंकर का ड्राइवर जितेंद्र पांडे निवासी सीधी और उस का साथी हेल्पर है। तीन लोग चोर गिरोह के सदस्य हैं।

मिला देते थे एथेनॉल
पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने यह जानकारी दी है कि यह चोरी का खेल लंबे अरसे से चला आ रहा है। पेट्रोल और डीजल के टैंकरों को यहां लाकर बड़ी ही चालाकी से प्रति टैंकर 50-60 लीटर माल चुरा लिया जाता था और उसके बदले चोरी पकड़ में ना आए इसलिए एथेनॉल की मिलावट कर दी जाती थी। पुलिस का अनुमान है कि रोजाना शहपुरा डिपो से भरकर निकलने वाले पेट्रोल डीजल के टैंकरों में से 8-10 टैंकर रोज यहां आते थे जिनसे पेट्रोलियम पदार्थों की चोरी कर उन्हें बाद में सस्ते दामों पर बेच दिया जाता था।

सस्ते दामों पर बेचते थे
पुलिस को जांच पड़ताल के दौरान पूछताछ में इस बात की भी जानकारी मिली है कि चोरी का यह खेल लंबे अरसे से संचालित हो रहा था। चोरी के पेट्रोल और डीजल को सस्ते दामों पर बेचने का काम किया जाता था। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा यह बात भी सामने आई है कि कुछ पेट्रोल पंप पर भी चोरी का माल खपा दिया जाता था। पुलिस सामने आई इन जानकारियों की सत्यता जानने इन बातों की पुष्टि कर रही है। इस पूरे चोरी के खेल में चोर गिरोह के सदस्यों को 15 से 20 रूपये प्रति लीटर का फायदा होता था। चोरी इस माल को 80 से 90 रूपये प्रति लीटर बेचने की जानकारी भी सामने आई है। इस मामले में जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी होगी।
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शहपुरा थाने की भूमिका संदिग्ध
शहपुरा डिपो के आसपास पेट्रोल और डीजल के टेंकरों से चोरी का यह खेल लंबे अरसे से चल रहा है। स्थानीय स्तर पर कई बार पुलिस को सूचना देने के बाद भी जब कार्रवाही नहीं हुई तब फिर यह बात पुलिस अधीक्षक तक पहुंची। यह सवाल भी उठ रहा है कि लंबे अरसे से जारी इस चोरी के खेल की जानकारी जब पुलिस को मिल रही थी तो इस मामले में कार्रवाही क्यों नहीं की गई। ऐसे में शहपुरा पुलिस की भूमिका भी इस मामले में संदेह नजर आ रही है।












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