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Petrol diesel : पंप से गाड़ी में तेल भरवाते वक्त रहे सावधान, जबलपुर के ट्रांसपोर्टर को लगा लाखों का चूना

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रीडिंग में हेराफेरी या फिर वाहनों में कम पेट्रोल-डीजल भरने का धंधा जमकर फलफूल रहा है। जल्दबाजी में गाड़ी में तेल भरवाते पलक झपकते ही यह खेल हो रहा हैं। हो सकता है कि पंप का मीटर रीडिंग सही बताए लेकिन आपकी गाड़ी के टैंक में पेट्रोल या डीजल कम भरे। फिर आप सोचते है कि गाड़ी का एवरेज कम मिल रहा है। दरअसल मप्र के जबलपुर में एक ट्रांसपोर्टर की पुलिस में हुई शिकायत में ऐसी ही गड़बड़ी का खुलासा हैं। उसने लाखों के डीजल चोरी का आरोप लगाया है।

पेट्रोल पंप पर कही आप भी तो नहीं ठग रहे?

पेट्रोल पंप पर कही आप भी तो नहीं ठग रहे?

गाड़ी का फ्यूल मीटर का कांटा जैसे रिजर्व या फिर डाउन होता है तो हम गाड़ी दनदनाते हुए पेट्रोल पंप पहुंच जाते है। ताकि बीच रास्ते में कही ईधन खत्म होने पर गाड़ी घसीटना न पड़े। पंप से गाड़ी में तेल तो भरवाते है और नजर मीटर पर भी रहती है। हमें लगता है कि जितने रुपए का हमने गाड़ी में ईधन भरने कहा पंप कर्मचारी ने पूरा दिया है। लेकिन इसी बीच चल रहे गड़बड़झाले को जानकर आप हैरान रह जाएंगे। हर जगह तो नहीं लेकिन कई पेट्रोल पंप पर तेल भरवाने के दौरान आंखो से काजल चुराने जैसी घटना हो रही हैं।

जबलपुर के ट्रांसपोर्टर ने किया बड़ा खुलासा

जबलपुर के ट्रांसपोर्टर ने किया बड़ा खुलासा

मप्र के जबलपुर के रहने वाले ट्रांसपोर्टर आसिफ खान ने शहर के पेट्रोल पंप पर इस तरह की धांधली का आरोप लगाया है। इस सिलसिले में उसने पुलिस में भी एक लिखित शिकायत दी है, जिसमें उसने बताया है कि शारदा चौक स्थित पेट्रोल पंप में ट्रक-हाईवा में डीजल भरने के दौरान 30 से 40 फीसदी कम रीडिंग का डीजल उसके वाहनों में भरा जाता था। पंप के कर्मचारी कम डीजल भरकर चालाकी से रीडिंग बढ़ा देते है।

कर्मचारियों की ऐसे सामने आई करतूत

कर्मचारियों की ऐसे सामने आई करतूत

आसिफ खान का कहना है कि वह ट्रक और हाईवा संचालन का कार्य करता हैं। नियमित रूप में वह अपने वाहनों में 200 लीटर डीजल भरवाता था। जिसके बिल का भुगतान महीने के आखिरी में करता था। पंप के मीटर में तो रीडिंग 200 ही नजर आती थी, लेकिन गाड़ी के टैंक में डीजल की मात्र में 30 से 40 रीडिंग के डीजल का फर्क रहता था। यह गड़बड़ी तब पकड़ी गई, जब पंप कर्मचारियों के बिल और पंप के मास्टर मीटर की रीडिंग का मिलान हुआ। ड्यूटी ख़त्म करने के बाद संबंधित कर्मचारी की आखिरी रीडिंग, दिन भर गाड़ियों में भरे गए डीजल की कुल मात्रा से मेल ही नहीं खा रहे थे।

6 महीने में लगभग 25 लाख रुपए का हेरफेर

6 महीने में लगभग 25 लाख रुपए का हेरफेर

पुलिस में पेट्रोल पंप कर्मचारियों के खिलाफ की गई शिकायत में बताया गया है कि अप्रैल 2022 से सितंबर 2022 तक लगभग 25 लाख रुपए का डीजल ट्रांसपोर्टर की गाड़ियों में कम भरा गया। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही हैं। पंप मालिक से 6 महीनों का रिकॉर्ड भी मांगा गया है। वही जानकारों का कहना है कि इस तरह गड़बड़ी शहर के अधिकांश पेट्रोल पंप में चल रही हैं। जिसमें पंप मालिक की भी मिली भगत रहती है।

गड़बड़ी जांचने की खाद्य आपूर्ति विभाग की है जिम्मेदारी

गड़बड़ी जांचने की खाद्य आपूर्ति विभाग की है जिम्मेदारी

पेट्रोल पंप में टेम्परिंग कर वाहन चालकों से खुले आम हो रही इस लूट पर जिम्मेदार विभागों का भी कोई नियंत्रण नहीं हैं। नियम मुताबिक पेट्रोल पंप में लगी हर मशीन का औचक निरीक्षण और पेट्रोल-डीजल की गुणवत्ता जांचने के निर्देश है। लेकिन का जबलपुर में संबंधित विभाग महज कागजी खानापूर्ति कर कर्रवाई की इतिश्री कर देते है। निर्माण कार्यों में वाहनों का उपयोग करने वाले ठेकेदार देवेश शर्मा का कहना है कि कुछ पंप में जांच का कार्रवाई की जिम्मेदारी विभाग ने पंप मालिकों को ही दे रखी हैं। वह खुद अपने मनमाफिक सही सैम्पल लेकर विभाग को सौंप देते है।

ये भी पढ़े-Damoh Jail के पंप से 9 लाख का पेट्रोल भाप बनकर उड़ गया, गजब के तर्क दे रहे दोषी पुलिस वाले

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English summary
petrol diesel pump Tempering in filling fuel big Expose by Jabalpur's transporter
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