117 साल की हुईं दुनिया की सबसे उम्रदराज महिला, कहा- सिर्फ जेनेटिक्स नहीं, इस वजह से अब तक हूं जिंदा
दुनिया की सबसे बुजुर्ग जीवित शख्सियत का नाम मारिया ब्रान्यास मोरेरा है। स्पेन की मोरेरा ने 4 मार्च को अपना 117 वां जन्मदिन मनाया। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने अपनी सूची में मोरेरा को जगह दी है।
1907 में जन्मीं मारिया मोरेरा ने दोनों ही विश्व युद्ध का दौर देखा है। मोरेना ने स्पेन का गृहयुद्ध भी देखा है और वह स्पेनिश प्लू और कोविड-19 जैसी दो महामारियों की भी गवाह रही हैं।

मारिया का जन्म 4 मार्च 1907 को सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका में हुआ था। लेकिन जब वह आठ साल की थीं, तब मारिया के पिता ने अपने देश स्पेन जाने का फैसला किया। वह 1915 का समय था, पहला विश्वयुद्ध शुरू हो चुका था, जिसकी वजह से अटलांटिक से होकर गुजरने वाला उनका जहाज मुश्किलों में घिर गया।
इस दौरान एक हादसे में स्पेन पहुंचने से पहले ही मारिया के पिता की मौत हो गई। मारिया ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि मजबूरी में उनके शरीर को समुद्र में फेंकना पड़ा। मारिया और उनकी मां बार्सिलोना में बस गईं।
साल 1931 में मारिया ने एक डॉक्टर जोन मोरेट से विवाह कर लिया। उनके विवाह के पांच वर्ष बाद स्पेन का विश्व प्रसिद्ध गृहयुद्ध शुरू हुआ, जो तकरीबन तीन बरस चला। उनका वैवाहिक जीवन चार दशक का रहा। 1976 में उनके पति की मौत हो गई।
मारिया के तीन बच्चे हुए, जिनमें से एक बेटे की 86 साल की उम्र में एक टैक्टर हादसे में मौत हो चुकी है। उनके 11 पोते-पोतियां और 11 पड़पोते- पड़पोतियां हैं.मोरेरा की सबसे छोटी बेटी 78 वर्ष की हैं।
गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने मारिया के जन्मदिन के मौके पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट भी की है। बता दें कि मारिया ब्रान्या मोरेना पिछले 23 साल से एक ही नर्सिंग होम में रह रही हैं।
जानकारी के अनुसार उनका स्वास्थ्य भी अच्छा बना हुआ है। साल 2020 में मारिया को कोरोना संक्रमण का सामना करना पड़ा था मगर वह कुछ ही सप्ताह में ठीक हो गईं। ऐसा कर वह दुनिया की सबसे उम्रदराज कोविड सर्वाइवर बन गईं।
अपनी बेटी की मदद से एक्स एकाउंट चलाने वाला मारिया ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि "अधिक उम्र एक तरह का संस्कार है। आप अपने सुनने की शक्ति खो देते हैं लेकिन आप अधिक सुनने लगते हैं क्योंकि आप शोर नहीं, बल्कि जीवन को सुनने लगते हैं। मौत की रोशनी में जीवन ज्यादा खास हो जाता है।"
गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से बात करते हुए, मारिया ने बताया कि उनकी लंबी उम्र के पीछे केवल अच्छी किस्मत और बेहतर आनुवंशिकी ही कारक नहीं हैं। बल्कि इसके अलावा भी कई अहम कारक हैं।
मारिया ने कहा है कि उनके जीवन में लंबी उम्र के पीछे शांति, भावनात्मक स्थिरता, कम तनाव, प्रकृति के साथ संपर्क, अच्छे दोस्त, सुखी परिवार, बुरे लोगों से दूरी और काफी सारी सकारात्मकता जैसी चीजें भी रही हैं।
मारिया फिलहाल अच्छी स्थिति में हैं। उन्हें सुनने और चलने-फिरने की समस्या के अलावा उसे कोई शारीरिक या मानसिक समस्या नहीं है। बता दें कि इतिहास में सबसे ज्यादा समय तक जीवित रहने वाली शख्सियत फ्रांस की महिला जीन कालमेंट थीं। उनका निधन 122 साल और 164 दिन की उम्र में हुआ था।












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