Rahul Gandhi News: सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलते ही, विदेशी अखबारों में ब्रेकिंग न्यूज बने राहुल गांधी
Rahul Gandhi in Foreign News Papers: भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मोदी समुदाय के खिलाफ कथित टिप्पणी के लिए मानहानि मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सजा पर रोक लगा दी है, जिसके कारण उन्हें लोकसभा सांसद के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया था।
जस्टिस बीआर गवई, पीएस नरसिम्हा और पीवी संजय कुमार की पीठ ने गुजरात हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली, राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई की, जिसमें सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया गया था, और कहा गया था, कि ट्रायल कोर्ट ने कांग्रेस नेता को दो साल की अधिकतम सजा देने का कारण नहीं बताया था।

राहुल गांधी वापस लौटेंगे संसद
भारत की शीर्ष अदालत ने कहा, कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 498 और 499 के तहत अपराध की सजा अधिकतम दो साल या जुर्माना या दोनों है। इसमें कहा गया है, कि केवल इसलिए अधिकतम सजा सुनाई गई, ताकि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधान लागू हो जाएं और उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा, कि अगर सजा एक दिन कम होती, तो यह प्रावधान लागू नहीं होता।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, कि आदेश के प्रभाव व्यापक हैं और न केवल याचिकाकर्ताओं के सार्वजनिक जीवन में बने रहने के अधिकार को प्रभावित करते हैं, बल्कि उस मतदाता के अधिकार को भी प्रभावित करते हैं, जिसने उन्हें चुना है।
शीर्ष अदालत ने आदेश दिया, कि "इन कारकों को ध्यान में रखते हुए और ट्रायल जज द्वारा अधिकतम सजा देने के लिए कोई कारण नहीं बताया गया है, दोषसिद्धि के आदेश पर अंतिम फैसला आने तक रोक लगाने की जरूरत है।"
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के साथ ही राहुल गांधी के संसद में लौटने का रास्ता साफ हो गया है और सड़के से लेकर संसद तक कांग्रेस पार्टी जोश में भरी नजर आ रही है।
वहीं, विदेशी मीडिया में भी राहुल गांधी को मिली राहत ब्रेकिंन न्यूज बन गई है और दुनियाभर के अखबार में ब्रेकिंग न्यूज लिखकर कहा गया है, कि 'भारत की सर्वोच्च अदालत ने राहुल गांधी को बड़ी राहत दी है।'

विदेशी अखबारों में ब्रेकिंग न्यूज बने राहुल गांधी
राहुल गांधी को सजा मिलने के बाद विदेशी अखबारों में भारतीय लोकतंत्र पर ही सवाल उठाए गये थे और आज जब राहुल को राहत मिली है, तो अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनएन के वेबसाइट पर हेडलाइंस लिखा गया है, कि 'भारत की शीर्ष अदालत ने राहुल गांधी की सजा पर रोक लगा दी, जिससे चुनाव से पहले संसद की वापसी का रास्ता साफ हो गया'
सीएनएन की इस खबर में राहुल गांधी को लेकर रिपोर्ट दी गई है और बताया गया है, कि उनकी सजा पर रोक लगाते हुए इंडियन सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा है।
सीएनएन ने लिखा है, कि भारत के टॉप कोर्ट के फैसले से देश की मुख्य विपक्षी पार्टी के संकटग्रस्त पूर्व अध्यक्ष को महत्वपूर्ण राहत मिली, जिन्हें एक मुकदमे के बाद एक उन्हें संसद से अयोग्य घोषित कर दिया गया था, जबकि राहुल गांधी का कहना था, कि यह राजनीति से प्रेरित था।
सीएनएन ने राहुल गांधी के वकील केसी कौशिक के बयान को कोट किया है और लिखा है, कि उनके वकील ने मांग की है, कि 'जितनी तेजी के साथ राहुल की सदस्यता रद्द की गई थी, उतनी ही तेजी से उनकी सदस्यता बहाल की जाए।'
वहीं, जापान के प्रसिद्ध अखबार निक्केई एशिया की वेबसाइट के भी फ्रंट पेज पर राहुल गांधी हैं और अखबार ने राहुल गांधी की सजा पर लगी रोक को विस्तार से छापा है और सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को भारतीय कांग्रेस के लिए बड़ी राहत बताया है।
निक्केई एशिया ने भी लिखा है, कि अगले साल भारत में लोकसभा चुनाव होने हैं और उससे पहले राहुल गांधी को मिली ये राहत, उनकी कांग्रेस पार्टी के लिए बड़ी जीत है।
वहीं, वामपंथी झुकाव रखने वाले पाकिस्तानी अखबार डॉन के वेबसाइट पर भी राहुल गांधी की रिपोर्ट छापी गई है और कहा गया है, 'भारत के शीर्ष अदालत ने राहुल गांधी को मानहानि केस में मिली सजा को सस्पेंड कर दिया है।' पाकिस्तानी अखबार डॉन ने समाचार एजेसी एएफपी की रिपोर्ट को अपने पन्ने में पब्लिश किया है।

वहीं, अलजजीरा ने भी राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत की खबर को प्रमुखता से छापा है और लिखा है, कि 'राहुल गांधी, भारत के उस परिवार से आते हैं, जिसने भारत को तीन-तीन प्रधानमंत्री दिए हैं, उनकी संसद सदस्यता भारतीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद फिर से बहाल हो जाएगी।'












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