New Year 2026: ट्रंप की कुर्सी से लेकर बांग्लादेश, नेपाल के दंगल तक, भारत के इन मित्र देशों में होना है चुनाव

New Year 2026: नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही पूरी दुनिया की नजरें उन चुनावी मैदानों पर टिक गई हैं, जो वैश्विक राजनीति की दिशा बदलने वाले हैं। साल 2025 में दर्जनों देशों में हुए मतदान के बाद, अब 2026 का कैलेंडर उन बड़े बदलावों की ओर इशारा कर रहा है जिनका सीधा असर भारत की सुरक्षा, व्यापार और कूटनीति पर पड़ेगा।

पड़ोसी मुल्कों में मची सियासी हलचल से लेकर महाशक्तियों के आंतरिक समीकरणों तक, यह साल लोकतंत्र की सबसे बड़ी परीक्षा साबित होने वाला है। आइए जानते हैं उन 5 बड़े चुनावों के बारे में, जो इस साल पूरी दुनिया का नक्शा बदल सकते हैं।

World Elections 2026
(AI Image)

बांग्लादेश: सत्ता परिवर्तन के बाद का महासंग्राम

बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को होने वाले चुनाव पर पूरी दुनिया की नजर है। अगस्त 2024 के तख्तापलट और शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद यह वहां का पहला आम चुनाव (Bangladesh General Election 2026) होगा। खालिदा जिया के निधन के बाद अब उनके बेटे तारिक रहमान के सामने अपनी जमीन बचाने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ कट्टरपंथी ताकतों का उभार भारत की चिंता बढ़ा रहा है। सीमा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से यह चुनाव दिल्ली के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

नेपाल: काठमांडू की सत्ता और सीमा का सवाल

नेपाल में 5 मार्च 2026 को होने जा रहा चुनाव हिमालयी देश की नई राजनीतिक दिशा तय करेगा (Nepal Election March 2026)। केपी ओली सरकार के पतन और बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद, अब वहां की जनता नई उम्मीदों के साथ मतदान करेगी। भारत के लिए नेपाल का चुनाव इसलिए अहम है क्योंकि वहां की सरकार का रुख ही सीमा विवाद, व्यापारिक समझौतों और चीन के बढ़ते दखल को नियंत्रित करने में मुख्य भूमिका निभाता है।

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अमेरिका: ट्रंप सरकार की पहली 'अग्निपरीक्षा'

3 नवंबर 2026 को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि (Midterm) चुनाव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए किसी जनमत संग्रह से कम नहीं होंगे। ये नतीजे बताएंगे कि अमेरिकी जनता ट्रंप की नीतियों के साथ है या नहीं। ऐतिहासिक रूप से मिडटर्म चुनाव सत्ताधारी पार्टी के लिए मुश्किल रहे हैं। अगर संसद में समीकरण बदलते हैं, तो भारत के साथ होने वाले रक्षा सौदों और व्यापारिक नीतियों पर इसका गहरा प्रभाव पड़ना तय है।

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इजरायल: युद्ध के साये में सत्ता की जंग

इजरायल की 120 सीटों वाली संसद 'नेसेट' के लिए चुनाव 27 अक्टूबर 2026 तक होने की संभावना (Israel Knesset Elections 2026) है। यह चुनाव आधुनिक इजरायल के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। गाजा युद्ध के बाद उपजी सुरक्षा स्थितियों और बेंजामिन नेतन्याहू की नीतियों पर जनता का यह अंतिम फैसला होगा। भारत के लिए यह चुनाव इसलिए अहम है क्योंकि इजरायल हमारा प्रमुख रक्षा साझेदार है। नई सरकार का रुख मध्य-पूर्व में शांति और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) के भविष्य को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा।

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ब्राजील चुनाव: 'ग्लोबल साउथ' की दिशा तय करेगा

ब्रिक्स और वैश्विक आर्थिक समीकरण 4 अक्टूबर 2026 को ब्राजील में होने वाला राष्ट्रपति चुनाव न केवल लैटिन अमेरिका, बल्कि पूरे 'ग्लोबल साउथ' की दिशा तय (Brazil Presidential Election 2026) करेगा। एक प्रमुख ब्रिक्स (BRICS) सदस्य के रूप में ब्राजील का चुनाव भारत के लिए कूटनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। वहां की जनता धीमी आर्थिक वृद्धि और अपराध जैसे मुद्दों पर नई सरकार चुनेगी। भारत और ब्राजील के बीच कृषि, ऊर्जा और व्यापार क्षेत्र में गहरे संबंध हैं। ब्राजील का नया नेतृत्व यह तय करेगा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों और व्यापारिक नीतियों पर भारत को कितना मजबूत साथी मिलता है।

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