मुस्लिमों से इतनी नफरत क्यों करते हैं गीर्ट वाइल्डर्स, नीदरलैंड चुनाव में मिली है बंपर जीत, बनेंगे पीएम?

यूरोपियन यूनियन को बेकार और इस्लाम के खिलाफ प्रचार करने वाले डच नेता गीर्ट वाइल्डर्स अब नीदरलैंड के पीएम भी बन सकते हैं। चुनाव में उनकी पार्टी एक बड़ी जीत की तरफ बढ़ रही है।

गीर्ट को अक्सर तुलना अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से की जाती है। लेकिन उनके बयानों पर गौर करें तो वे ट्रम्प से कहीं अधिक मारक बातें कहते हैं। यही वजह है कि इस्लाम को 'मंदबुद्धि संस्कृति की एक विचारधारा' बताने से लेकर मुस्लिमों को 'गंदगी' कहकर चिढ़ाने वाले गीर्ट वाइल्डर्स की जीत से पूरी यूरोप में खलबली मच गई है।

Why Geert Wilders hate islam

गीर्ट वाइल्डर्स का जन्म साल 1963 में जर्मन सीमा के करीब हुआ। वे एक मिडिल क्साल परिवार में अपने भाई और दो बहनों के साथ पले बढ़े। बड़े होने के बाद लगभग 1981-83 के बीच वह इजराइल चले गए और फिर मिडिल ईस्ट के देशों में भ्रमण किया।

यही वो दौर था जब उनके विचार इस्लाम विरोधी बनने शुरू हुए। वहां से जब वापस आए तो नीदरलैंड्स में हेल्थ इंश्योरेंस इंडस्ट्री में काम शुरू किया। फिर साल 1997 में लिबरल पीपल्स पार्टी फॉर फ्रीडम एंड डेमोक्रेसी (VVD) के सदस्य के रूप में राजनीति में प्रवेश किया।

वे पार्टी की तरफ से उट्रेच शहर की काउंसिल के मेंबर बन गए। लेकिन उन्होंने इस्लाम विरोधी रुख और आप्रवासन नीतियों के मुद्दे पर पार्टी से इस्तीफा दे दिया। ये वही दौर था जब नीदरलैंड में पहली बार एंटी इस्लामिक लहर शुरू हुई।

दरअसल साल 2004 में नीदरलैंड्स के एक फिल्मकार थियो वैन गॉग और उनके साथी हिर्सी अली की एक फिल्म सबमिशन आई थी। इस फिल्म में मुस्लिम समाज में महिलाओं की स्थिति की आलोचना की गई थी। लेकिन इस आलोचना से नाराज होकर मोहम्मद बौएरी नामक के एक मुस्लिम कट्टरपंथी ने वैन गॉग की हत्या कर दी।

इससे ठीक 2 साल पहले 2002 में देश में एक और नेता पिम फोर्टुइन की हत्या कर दी गई थी। ऐसे में नीदरलैंड्स के लोगों में कट्टरपंथियों के खिलाफ गुस्सा भर गया। गीर्ट ने इस मुद्दे को भुनाना शुरू किया और जल्द ही देश में मुस्लिम कट्टरपंथियों के खिलाफ एक चेहरा बन गए।

गीर्ट ने इस्लाम को फासीवादी विचारधारा बताया। नीदरलैंड्स में मुस्लिमों के आने पर प्रतिबंध लगाने की बात कही। लोगों को गीर्ट की बातें पसंद आने लगीं और जल्द ही वे देश के लोकप्रिय नेता बन गए। उन्होंने 2006 में एक फ्रीडम पार्टी (पीवीवी) की स्थापना की।

साल 2008 में गीर्ट वाइल्डर्स ने मुस्लिमों के खिलाफ एक विवादास्पद शॉर्ट फिल्म बनाई। इसका नाम 'फितना' था। इस फिल्म में इस्लामिक आतंकी घटनाओं को कुरान से जोड़कर दिखाने की कोशिश की गई है।

चूंकि ये फिल्म बेहद विवादित थी इसलिए इसे कोई ढंग का डिस्ट्रीब्यूटर नहीं मिल पा रहा था। निराश होकर गीर्ट ने इसे इंटरनेट पर रिलीज कर दिया। गीर्ट वाइल्डर्स पाकिस्तान को इस्लामिक आतंकवादी देश और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को 'इस्लामिक चरमपंथी' बता चुके हैं।

गीर्ट वाइल्डर्स और उनका परिवार साल 2004 से ही पुलिस सुरक्षा में है। उन्होंने एक बार कुरान की तुलना एडॉल्फ हिटलर के मीन काम्फ से की थी। वे हिजाब को उत्पीड़न का प्रतीक मानते हैं और इसे पहनने पर टैक्स लगाने की वकालत करते हैं।

हालांकि इस बार के चुनाव प्रचारों के दौरान ग्रीट वाइल्डर्स पहले की तुलना में काफी नरम नजर आ रहे हैं। उन्हें डर है कि अन्य पार्टियां उन्हें समर्थन देने से इनकार कर सकती है। ऐसे में यह 60 वर्षीय नेता संभल कर बयान दे रहा है।

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