कौन हैं Twitter की टॉप लॉयर विजया गाड्डे, जिन्होंने Elon Musk को ट्वीटर खरीदने के लिए ‘उकसाया’
विजया गाड्डे और ट्वीटर पर लगातार वामपंथी एजेंडे को आगे बढ़ाने का आरोप लगता रहा है और खुद एलन मस्क भी कई बार इस तरह इशारा कर चुके हैं।
वॉशिंगटन, अप्रैल 29: विश्व के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क ने 44 अरब डॉलर में ट्वीटर को खरीद लिया है, लेकिन एलन मस्क के ट्वीटर खरीदते ही ट्वीटर की टॉप लॉयर विजया गाड्डे लगातार ट्वीटर पर टॉप ट्रेंड कर रही हैं और चर्चा में हैं। इसकी वजह ये है, कि एलन मस्क ट्वीटर मैनेजमेंट पर गहरी नाराजगी जता चुके हैं, जिसकी प्रमुख जिम्मेदारी विजया गाड्डे पर है, जो ट्वीटर की प्रमुख वकील हैं और जो डोनाल्ड ट्रंप को सजा दिलवाने के लिए जानी जाती हैं।

एलन मस्क बनाम विजया गाड्डे
ट्वीटर खरीदने से पहले एलन मस्क ने एक इंटरव्यू में कहा था, कि उन्हें ट्वीटर के 'मैनेजमेंट में विश्वास नहीं है'। एलन मस्क ने अपनी नाराजगी को और भी स्पष्ट करते हुए सीधे तौर पर ट्वीटर की कानूनी, नीति और ट्रस्ट और सुरक्षा मुद्दों की प्रमुख विजया गाड्डे को निशाने पर लिया था। विजया गाड्डे ट्वीटर की लीगल टीम को हेड करती हैं और जब एलन मस्क ने ट्वीटर का अधिग्रहण कर लिया और जब ट्वीटर मैनेजमेंट अपने कर्मचारियों से बात कर रहा था, उस वक्त मीटिंग के दौरान ही विजया गाड्डे फूट-फूटकर रोने लगीं। जिसके बाद उन्हें ट्वीटर पर काफी ट्रोल किया गया।

एलन मस्क ने क्यों जताई थी नाराजगी?
दरअसल, पिछले एक साल में ट्वीटर ने अपने प्लेटफॉर्म से कई जानी मानी हस्तियों और प्रमुख मीडिया ऑर्गेनाइजेशन को अलग अलग वजहों से बैन किया है, जिसको लेकर एलन मस्क फ्री स्पीच के खिलाफ मानते हैं। विजया गाड्डे ने ही कुछ प्रमुख मीडिया ऑर्गेनाइजेशन के ट्वीटर अकाउंट को ब्लॉक करने के लिए कहा था और इसके पीछे उन्होंने 'प्रोपेगेंडा' फैलाने की वजह को बताया था, जिसमें अमेरिका की एक प्रमुख मीडिया कंपनी भी शामिल है। जिसपर एलन मस्क ने गहरी नाराजगी जाहिर की थी और कहा था, कि सिर्फ विचारधारा का मिलान नहीं होने से भला किसी को भी आप बोलने से कैसे रोक सकते हैं? एलन मस्क ने इस कदम को 'अविश्वसनीय तौर पर अनुचित' कहा था। आपतो बता दें कि, ट्वीटर ने विजया गाड्डे की सिफारिश पर ही 'न्यूयॉर्क पोस्ट' के अकाउंट को बंद कर दिया था, जिसने जो बाइडेन के बेटे हंटर बाइडेन पर एक रिपोर्ट छापी थी।

डोनाल्ड ट्रंप पर लगाया था बैन
भारतीय मूल की विजया गाड्डे ही वो महिला हैं, जिन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ट्वीटर पर बैन कर दिया था। दरअसल, विजया गाड्डे उस टीम का नेतृत्व करती हैं, जो ट्वीटर पर कंटेट की निगरानी करती है और जो कंपनी की सुरक्षा नीति को लेकर जिम्मेदार है। वहीं, टाइम्स ऑफ इंडिया के एक लेख में कहा गया है कि, गाड्डे "ट्वीटर की सबसे शक्तिशाली मीडिया एक्जीक्यूटिव हैं, जिनके बारे में आपने कभी सुना है"। विजया गाड्डे 48 साल की हैं और डोनाल्ड ट्रंप के ट्वीटर अकाउंट पर प्रतिबंध लगाने के साथ साथ वो कई विवादास्पद फैसलों के लिए जानी जाती हैं। खासकर उनपर सबसे बड़ा आरोप ये लगता है, कि वो दक्षिणपंथी नेताओं के खिलाफ काफी आक्रामक रहती हैं। वहीं, कई बार उनसे ये सवाल भी पूछा गया, कि डोनाल्ड ट्रंप को तो बैन कर दिया गया, लेकिन तालिबान के वो नेता कैसे अभी भी ट्वीटर पर हैं, जिन्हें यूएन ने वांटेड आतंकवादी बता रखा है।
बाइडेन, ट्वीटर और विजया गाड्डे
दरअसल, न्यू यॉर्क पोस्ट ने एक खबर प्रकाशित की थी, जिसमें दावा किया गया था, कि जो बाइडेन के बेटे हंटर बाइडेन का यूक्रेन की एक ऊर्जा कंपनी के साथ गैर-कानूनी रिश्ता है। इस रिपोर्ट के छपने के बाद अमेरिका की राजनीति में तूफान मच गया था, लेकिन ट्वीटर ने इस खबर को सेंसर कर दिया। जिससे बड़ा विवाद पैदा हो गया और आरोप लगे, कि डेमोक्रेटिक पार्टी, जो बाइडेन और उनके बेटे हंटर बाइडेन की छवि को धक्का ना पहुंचे, इसके लिए ऐसा कदम उठाया गया है। इस मुद्दे को एलन मस्क ने भी उठाया था और विजया गाड्डे की निंदा की थी।

भारत में ‘ब्राह्मणवाद’ पर निशाना
इतना ही नहीं, साल 2018 में ट्वीटर के तत्कालीन सीईओ और संस्थापक जैक डोर्सी ने भारत का दौरा किया था और इस दौरे में उनके साथ विजया गाड्डे भी भारत आईं थीं। लेकिन, इस दौरे को लेकर काफी विवाद हुआ था और ट्वीटर सीईओ जैक डोर्सी को भारत में 'ब्राह्मणवादी पितृसत्ता को नष्ट करो' वाले एक पोस्टर के साथ देखा गया था, जो ट्वीटर पर काफी वायरल हुआ था और इस पोस्टर के लिए भी विजया गाड्डे को ही जिम्मेदार ठहराया गया था। हालांकि, बाद में विजया ने इसके लिए माफी मांगी थी। वहीं, कई जानकारों का कहना है कि, ट्वीटर काफी सोची-समझी रणनीति के तहत वामपंथी एजेंडे को सपोर्ट करता है और इसीलिए ट्वीटर की छवि काफी विवादित हो चुकी है।

ट्वीटर का वामपंथी एजेंडा!
विजया गाड्डे और ट्वीटर पर लगातार वामपंथी एजेंडे को आगे बढ़ाने का आरोप लगता रहा है और खुद एलन मस्क भी कई बार इस तरह इशारा कर चुके हैं। एलन मस्क ने एक ट्वीट में साफ तौर पर लिखा है कि, 'ट्वीटर को जनता के भरोसे के लायक होने के लिए, इसे राजनीतिक रूप से तटस्थ होना चाहिए, जिसका प्रभावी रूप से मतलब है कि वामपंथ और दक्षिणपंथ... किसी का पक्ष नहीं लेते हुए तटस्थ रहना चाहिए'। हालांकि, एलन मस्क के इस ट्वीट के बाद विजया गाड्डे को काफी ट्रोल किया जाने लगा और कुछ लोगों ने उनके खिलाफ जातीय और नस्लीय शब्दों का भी इस्तेमाल किया। वहीं, कुछ ट्रोल्स ने एलन मस्क से विजया को ट्वीटर की नौकरी से भी निकालने की मांग कर डाली, जबकि कई लोगों ने लिखा कि, विजया को खुद ही नौकरी से इस्तीफा दे देना चाहिए।

कौन हैं भारतीय मूल की विजया गाड्डे?
विजया गाड्डे का जन्म भारत के हैदराबाद शहर में हुआ है और जब वो सिर्फ तीन साल की थीं, उसी वक्त उनका परिवार हैदराबाद से अमेरिका शिफ्ट हो गया था और उनकी पढ़ाई लिखाई टेक्सास में हुई और फिर उन्होंने कॉर्नेल यूनिवर्सिटी और न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लॉ से पढ़ाई की। कैलिफोर्निया स्थिति ट्वीटर टीम में शामिल होने से पहले उन्होंने अमेरिका की मल्टीनेशनल कंपनी निगम जुनिपर नेटवर्क्स में सीनियर लीगल डायरेक्टर थीं। वहीं, उन्होंने कैलिफोर्निया स्थित एक कानूनी फर्म, विल्सन सोन्सिनी गुडरिक एंड रोसाती में लगभग एक दशक तक काम किया। अब वह कैंसर को हराने के लिए समर्पित कंपनी गार्डेंट हेल्थ के लिए भी काम करती हैं।

क्या ट्वीटर से टूटेगा नाता?
विजया गाड्डे ने साल 2011 में दिग्गज सोशल मीडिया नेटवर्क ट्वीटर को ज्वाइन किया था और ट्वीटर ने लगातार दावा किया, कि उसका सेंसरशिप प्लेटफॉर्म की पवित्रता को बरकरार रखने के लिए है और इसीलिए कड़े लेकिन, महत्वपूर्ण फैसले लिए गये। लेकिन अब सूत्रों का कहना है कि, एलन मस्क की खरीद पूरी होने के बाद ट्वीटर के सीईओ पराग अग्रवाल की तरह विजया गाड्डे का भी ट्वीटर से नाता टूट सकता है।












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