Elon Musk के आगे Twitter ने कैसे टेके घुटने, कौन लोग चाहते थे, मस्क नहीं खरीदें ट्वीटर? जानिए पूरी कहानी
कई लोग चाहते थे, कि एलन मस्क ट्वीटर नहीं खरीदे और इसमें सबसे आगे खुद मौजूदा अमेरिका का बाइडेन प्रशासन है। सिर्फ बाइडेन प्रशासन ही नहीं... बल्कि, फ्री स्पीच की बात करने वाले भी कई लोग इस लिस्ट में हैं...
वॉशिंगटन, अप्रैल 26: एलन मस्क ट्वीटर क्यों खरीदना चाहते थे और वो कौन लोग थे, जो चाहते थे, कि किसी भी हाल में ट्वीटर को एलन मस्क नहीं खरीद पाए? ये बहुत दिलचस्प कहानी है और ये कहानी दिलचस्प इसलिए है, क्योंकि, ये सिर्फ पैसों की 'लड़ाई' नहीं है, बल्कि ये विचारधारा की लड़ाई है, जिसके लिए सदियों से इंसान लड़ता आया है और जिसके लिए सदियों तक इंसान लड़ता रहेगा।
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क्यों है विचारधारा की लड़ाई?
इंसान, समाज और देश...ट्वीटर का प्रभाव इनपर कितना विशालकाय है और ट्वीटर कैसे किसी समाज के सोच को बदल सकता है, ये सौ कहें या हजार... साबित हो चुका है और ट्वीटर जैसा प्लेटफॉर्म सरकार की सोच तक को प्रभावित करने या उसे बदलने की ताकत रखता है, जो इस प्लेटफॉर्म की असली शक्ति को बताता है और भला इस दुनिया में कौन ऐसा होगा, जो अपनी हाथों में अथाह शक्ति को थामना नहीं चाहता हो? लेकिन, ट्वीटर की विचारधारा क्या थी? ट्वीटर सार्वजनिक तौर पर स्वीकार कर चुका था, कि उसका झुकाव वामपंथ की तरफ है, लिहाजा, जिन देशों में भी दक्षिणपंथी विचारधारा मजबूत थी, उन-उन देशों में ट्वीटर को मुश्किलों का सामना करना पड़ता था और डोनाल्ड ट्रंप को ट्वीटर पर प्रतिबंधित करना और तालिबान के नेताओं द्वारा खुलेआम ट्वीटर पर अपना प्रोपेगेंडा चलाना इसका साक्षात उदाहरण है। इसीलिए एलन मस्क जब कहते हैं, कि अगर उनके सिर पर कोई बंदूक लगा दे, उसके बाद ही वो ट्वीटर से रूस को ब्लॉक करेंगे, तो साफ जाहिर होता है, असली कहानी विचारधारा की है, पैसे तो बस विचारधारा को अपने काबू में करने का एक टूल है।

कौन नहीं चाहते थे मस्क ट्वीटर खरीदे?
जब ये लड़ाई विचारधारा की थी, तो कई लोग चाहते थे, कि एलन मस्क ट्वीटर नहीं खरीदे और इसमें सबसे आगे खुद मौजूदा अमेरिका का बाइडेन प्रशासन है, जिसे इस बात का डर है, कि डोनाल्ड ट्रंप फिर से ट्वीटर पर एक्टिव हो जाएंगे, जिन्होंने अमेरिकी लोकतंत्र को बंधक बनाने की कोशिश की थी। वहींही, ट्वीटर बोर्ड ने पहले एलन मस्क के हाथों अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को जाने से बचाने के लिए ‘प्वाइजन पिल्स' तरीके का भी इस्तेमाल कर लिया। वहीं, ये विचारधारा की लड़ाई किस स्तर तक की, इसे सबसे आसान शब्दों में आप ऐसे समझ सकते हैं, कि जब एलन मस्क ने धमकी दी थी, कि उनके पास ट्वीटर का 9 प्रतिशत से ज्यादा शेयर्स हैं वो इसको लेकर ट्वीटर में तहलका मचा सकते हैं, तो संयुक्त अरब अमीरात के प्रिंस अलवलीद बिन तलाली सामने आ गये और उन्होंने खुला ऐलान कर दिया, कि अगर एलन मस्क अपने सभी शेयर्स एक झटके में बेचते हैं, तो वो पूरे शेयर्स खरीद लेंगे। इसके साथ ही उन्होंने एलन मस्क के ट्वीटर खरीदने का खुलेआम विरोध भी किया। तो फिर सवाल ये उठता है, कि आखिर यूएई के प्रिंस को भला एलन मस्क के ट्वीटर खरीदने से क्या आपत्ति हो सकती है?

एलन मस्क ने कैसे खरीदा ट्वीटर?
4 अप्रैल की रात जब भारत में लोग सो रहे थे, तो ट्वीटर पर एलन मस्क नाम ट्रेंड कर रहा था, इसलिए नहीं कि दुनिया के सबसे अमीर, सबसे अधिक फॉलो किए जाने वाले कारोबारी ने अपनी भविष्य की कंपनियों के साथ हलचल मचाई थी, बल्कि इसलिए कि उन्होंने एक प्रमुख खुलासा किया था ट्विटर इंक में उन्होंने हिस्सेदारी खरीद ली है। अचानक, एलन मस्क ट्वीटर के सबसे बड़े शेयरधारक बन चुके थे और उनके पास कंपनी के 9 प्रतिशत से ज्यादा शेयर्स थे। जिसके बाद से अटकलें लगाई जाने लगीं, कि अब एलन मस्क इस सोशल मीडिया नेटवर्क के भविष्य को कैसे प्रभावित कर सकते हैं? वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में सुधार के लिए अक्सर ट्वीट करते रहते थे। पिछले हफ्ते, एलन मस्क ने ट्वीटर बोर्ड में शामिल होने से इनकार कर सबको चौंका दिया, लेकिन उसके पीछे असल वजह ये थी, कि नियमों के मुताबिक, ट्वीटर बोर्ड में शामिल होकर एलन मस्क 15 प्रतिशत से ज्यादा शेयर्स नहीं खरीद सकते थे और एलन मस्क ऐसा हरगिज नहीं चाहते थे।

25 अप्रैल को एग्रीमेंट
25 अप्रैल को अचानक खबरें आनी शुरू होती हैं, कि ट्वीटर बोर्ड एलन मस्क के ट्वीटर खरीदने के प्रस्ताव को स्वीकार करने वाला है और 25 अप्रैल को रात 9 बजे तक ट्विटर और मस्क ने कहा कि, वे अरबपति के लिए कंपनी का अधिग्रहण करने और इसे निजी लेने के लिए एक समझौते पर पहुंच गए हैं। उन्हें उम्मीद है कि सौदा साल के अंत तक पूरा हो जाएगा।

31 जनवरी से शुरू हुआ था सफर
एलन मस्क ने 31 जनवरी को चुपचाप ट्वीटर शेयर खरीदना शुरू कर दिया था और 14 मार्च तक एलन मस्क ने 5% से अधिक हिस्सेदारी जमा कर ली थी। जिसके बाद उन्हें सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन और ट्वीटर में अपनी हिसेदारी के बारे में सार्वजनिक एलान 10 दिनों के अंदर करना था और ऐसा नहीं करने पर उन्हें एक लाख डॉलर का जुर्माना देना होता। लेकिन, एलन मस्क ने इसका खुलासा नहीं किया। एलन मस्क ने ऐसा सिर्फ इसलिए नहीं किया, क्योंकि वो नहीं चाहते थे, कि अचानक ट्वीटर्स के शेयर्स का वैल्यू बढ़ जाए। उन्होंने काफी दिनों के बाद ट्वीटर्स के शेयर्स खरीदने की सार्वजनिक घोषणा की।
24 मार्च: शुरू की ट्वीटर की आलोचना
एलन मस्क ने जनवरी महीने से ट्वीटर्स के शेयर्स खरीदने शुरू कर दिए थे, लेकन मार्च महीने तक उन्होंने अपनी हिस्सेदारी का सार्वजनिक ऐलान नहीं किया था। उल्टा उन्होंने 24 मार्च से ट्वीटर की आलोचना करनी शुरू कर दी थी। एलन मस्क ने 24 मार्च को ट्वीट करते हुए ट्वीटर एल्गोरिथम को लेकर चिंता जताई। इसके अलावा उन्होंने 25 मार्च को फिर से एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लोगों से ओपिनियन पोल करवा लिया और सवाल पूछा, ‘एक कार्यशील लोकतंत्र के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता आवश्यक है। क्या आप मानते हैं कि ट्विटर इस सिद्धांत का सख्ती से पालन करता है? इसके साथ ही 26 मार्च को एलन मस्क ने फिर से एक नया सवाल पूछा, कि ‘क्या ट्वीटर जैसे एक नये प्लेटफॉर्म को आना चाहिए? फिर उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि, ‘इस पर गंभीरता से विचार जारी है'। हालांकि, जो लोग एलन मस्क को लगातार फॉलो करते हैं, उन्हें इस बात का पूर्वानुमान होने लगा, कि एलन मस्क कोई बड़ा गेम करने वाले हैं!

4 अप्रैल को हिस्सेदारी का ऐलान
एलन मस्क ने ट्वीटर में अपनी 9 प्रतिशत शेयर्स होने की घोषणा करने में 2 महीने से ज्यादा का वक्त लिया और उन्होंने 4 अप्रैल को ट्वीटर में अपनी हिस्सेदारी होने का ऐलान किया, जिसके बाद ट्वीटर बोर्ड की तरफ से उन्हें ट्वीटर बोर्ड में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया। इतना होने के बाद एलन मस्क ने एक और ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने यूजर्स से पूछा, कि क्या आपको लगता है, कि ट्वीटर में ‘एडिट' का ऑप्शन होना चाहिए? जिसके बाद ट्वीटर के सीईओ पराग अग्रवाल ने ट्वीटर यूजर्स से पोल पर "सावधानीपूर्वक मतदान" करने का आग्रह किया और कहा, कि "इस चुनाव के परिणाम महत्वपूर्ण होंगे।" वहीं, एलन मस्क ने बोर्ड में शामिल होने का ऑफर ठुकरा दिया, क्योंकि उसके बाद वो नियमों में बंध जाते और 14.9% से ज्यादा स्टॉक नहीं खरीद सकते थे।

5 अप्रैल: मस्क बना सक्रिय निवेशक
5 अप्रैल की सुबह में ट्विटर के बोर्ड के कई सदस्य एलन मस्क को उनके रैंक में शामिल होने के फैसले पर बधाई देने के लिए मंच पर गए। वहीं, सीईओ पराग अग्रवाल ने ट्वीट किया, कि कंपनी और मस्क के बीच कई हफ्तों से बातचीत हो रही है। अग्रवाल के ट्वीट ने लोगों को यह सवाल करने के लिए प्रेरित किया, कि निदेशक बनने के लिए चर्चा में शामिल कोई व्यक्ति निष्क्रिय निवेशक के रूप में फाइल क्यों करेगा? हालांकि, उसी दिन बाद में एलन मस्क ने खुद को एक सक्रिय निवेशक के रूप में क्लासीफाइड करने के लिए अपनी हिस्सेदारी के खुलासे को फिर से खारिज कर दिया और उन्होंने इस बात के संकेत दिए, कि इन बदलावों के बाद ही वो ट्वीटर बोर्ड में शामिल होंगे।

9 अप्रैल: मस्क ने बोर्ड की सीट ठुकराई
जिस दिन एलन मस्क आधिकारिक रूप से ट्वीटर के बोर्ड में शामिल होने वाले थे, उसी दिन फिर से एलन मस्क ने बोर्ड को बता दिया, कि वो बोर्ड में शामिल नहीं होंगे और फिर ट्वीटर बोर्ड अगले 36 घंटों तक एलन मस्क से बोर्ड में शामिल होने का इंतजार करता रहा। इसी दौरान एलन मस्क ने एक और ट्वीट करते हुए लोगों से पूछा, कि ‘क्या ट्वीटर मर रहा है'? इसके साथ ही एलन मस्क ने नया सुझाव पेश करते हुए कहा, हर एक्टिव सदस्य को ब्लू टिक मिलना चाहिए, जो ट्वीटर का सब्सक्रिप्शन खरीदता है, उसे वेरीफाइड अकाउंट का स्टेटस मिलेगा। इसके साथ ही उन्होंने सुझाव दिया, कि ट्वीटर को अपने सैन फ्रांसिस्को स्थिति मुख्यालय को अनाथाश्रम में बदल देना चाहिए।
14 अप्रैल: मस्क ने की ट्वीटर खरीदने की पेशकश
14 अप्रैल को एलन मस्क ने एक एसईसी फाइलिंग के साथ ट्वीट करते हुए ट्वीटर के सामने पूरे ट्वीटर को ही खरीदने की पेशकश कर दी और उन्होंने करीब 44 अरब डॉलर की बोली लगा दी। एलन मस्क ने बोर्ड के सामने 54.20 डॉलर प्रति शेयर खरीदने का प्रस्ताव रख दिया, जो ट्वीटर के शेयर्स की वास्तविक कीमत से ज्यादा थी। एलन मस्क ने अपने प्रस्ताव को ‘सर्वश्रेष्ठ और अंतिम' बताया।

15 अप्रैल: प्वाइजन पिल टेक्निक
एलन मस्क को ट्वीटर खरीदने से रोकने के लिए ट्वीटर बोर्ड ने ‘प्वाइजन पिल' को लागू कर दि.. जो एक अधिकार योजना है, जिसके तहत अगर एलन मस्क और शेयर्स खरीदने की कोशिश करते, तो फिर उन्हें काफी ज्यादा कीमत चुकानी पड़ती। इस प्लान के तहत ट्वीटर अपने शेयर्स को काफी छोटे-छोटे हिस्से में बांट देती, जिससे अरबपति कारोबारी की हिस्सेदारी कम हो जाती। वहीं, एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मामले से परिचित एक व्यक्ति के मुताबिक, ट्वीटर निजी इक्विटी फर्म थोमा ब्रावो सहित अन्य पार्टियों से दिलचस्पी ले रहा है। कंपनी को गोल्डमैन सैक्स ग्रुप इंक. द्वारा सलाह दी जा रही है और जेपी मॉर्गन चेज़ एंड कंपनी ट्विटर के संस्थापक और एलन मस्क के एक मित्र जैक डोर्सी ने एक ट्वीट में स्वीकार किया है, कि एक सार्वजनिक कंपनी के रूप में ट्विटर हमेशा बिक्री के लिए रहा है।

21 अप्रैल: मस्क ने फंडिंग में $46.5 बिलियन की बढ़ोतरी की
एलन मस्क ने ट्वीटर के लिए एक टेंडर ऑफर जारी कहा कि, उन्होंने फंडिंग के तौर पर 46.5 अरब हासिल किए हैं। एसईसी के साथ एक फाइलिंग से पता चलता है कि उसके पास मॉर्गन स्टेनली और अन्य वित्तीय संस्थानों से ऋण वित्तपोषण में $ 25.5 बिलियन है, जिसमें टेस्ला में उनकी इक्विटी हिस्सेदारी द्वारा समर्थित मार्जिन ऋण और खुद से इक्विटी वित्तपोषण में $ 21 बिलियन शामिल हैं। लेकिन क्या अरबपति ट्विटर का अधिग्रहण करने के लिए अपनी एक बेशकीमती कंपनी में अपनी हिस्सेदारी का हिस्सा बेचेंगे या नहीं, यह देखा जाना बाकी है।

24 अप्रैल: बोर्ड ने मस्क के साथ चर्चा की
रविवार को ट्विटर के बोर्ड और मस्क के बीच बातचीत हुई जो अगले दिन भी जारी रही। एक बार जब उन्होंने अपने वित्तपोषण का विवरण प्रस्तुत किया तो बोर्ड ने मस्क के प्रस्ताव को और अधिक गंभीरता से लेना शुरू कर दिया।

25 अप्रैल: एलन मस्क ने खरीदा ट्वीटर
25 अप्रैल को ट्वीटर ने मस्क को 54.20 डॉलर प्रति शेयर की मूल पेशकश के लिए बेचने पर सहमति जता दी और करीब 44 अरब डॉलर का यह सौदा अब तक सारवजनिक रही ट्वीटर कंपनी को अब एलन मस्क की निजी कंपनी बना देगा। एलन मस्क ने कहा कि, वह ट्वीटर पर फ्री स्पीच को बढ़ावा देंगे और ट्वीटर के एल्गोरिदम को ओपन-सोर्स करेंगे, स्पैम को खत्म करेंगे और नई सुविधाओं को जोड़ेंगे। ट्विटर ने कहा कि उसे उम्मीद है कि सौदा 2022 के आखिर तक फाइनल हो जाएगा।












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