महामारी से लड़ते-लड़ते हम भले ही थक चुके हैं, लेकिन कोरोना नहीं थका है: डब्ल्यूएचओ चीफ
नई दिल्ली। दुनियाभर में 51 लाख से अधिक लोगों को अब तक अपना शिकार बना चुकी और 12 लाख से अधिक लोगों की जान ले चुकी कोरोना महामारी का कहर अनवरत जारी है, जिससे कई देशों को दोबारा लॉकडाउन की घोषणा करनी पड़ रही है। यही वजह है कि सोमवार को डब्ल्यूएचओ चीफ ने चेतावनी देते हुए कहा है कि हम भले ही महामारी से लड़ते हुए थक चुके हैं, लेकिन जानलेवा वायरस अभी तक हारा नहीं हैं, वह लगातार लोगों को चपेट में ले रहा है।

Recommended Video
डब्ल्यूएचओ की मुख्य वार्षिक सभा को संबोधित करते हुए WHO चीफ ट्रेडोस अधनोम ग्रेबिसियस ने अमेरिका के इलेक्टेड राष्ट्रपति जो बाइडेन का भी समर्थन किया और आशा जताई कि इससे महामारी को समाप्त करने के लिए वैश्विक सहयोग मिलेगा। वहीं, विज्ञान का अनुसरण करने वालों के लिए कहा कि यह महत्वपूर्ण है। वायरस के खतरे से मुंह ना मोड़े, क्योंकि हम भले ही कोरोनावायरस से थक चुके हैं, लेकिन वो हमसे थका नहीं हैं।

कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद आइसोलेशन से बाहर आने के बाद डब्ल्यूएचओ चीफ ने कहा कि वायरस कमजोर लोगों को अपना शिकार बनाता है और हम वायरस के साथ बातचीत नहीं कर सकते हैं और ना ही अपनी आंखें बंद कर सकते हैं और यह आशा करें कि यह दूर हो जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि यह राजनीतिक बयानबाजी या साजिश के सिद्धांतों पर कोई ध्यान नहीं देता है, इसके खिलाफ हमारी एकमात्र आशा विज्ञान, समाधान और एकजुटता है।

ट्रेडोस ने चेतावनी दी कि महामारी ने दुनिया के सामान्य उद्देश्य की भावना को दोबारा हासिल करने की जरूरत को पूरा कर दिया है, जो हाल के वर्षो में गुमराह राष्ट्रवाद और पृथकतावाद के ढुलमुल ज्वार को नष्ट कर दिया गया है और अब उस भावना में हम अमेरिकी राष्ट्रपति इलेक्ट जो बाइडेन और उपराष्ट्रपति इलेक्ट कमला हैरिस को बधाई देते हैं और हम उनके प्रशासन के साथ मिलकर काम करने के लिए तत्पर हैं।

डब्ल्यूएचओ को उम्मीद है कि बाइडेन प्रशासन डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लिए गए फैसले को पलट देंगे। डब्ल्यूएचओ में अमेरिका शीर्ष फंड दाता देशों में एक है, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने उस पर रोक लगा दी थी।












Click it and Unblock the Notifications