War In Bible: तेल नहीं धर्म की वजह से इजरायल ने शुरू की जंग? ईरान को लेकर क्या लिखा है हिब्रू बाइबल में?
War In Bible: इन दिनों Israel और Iran के बीच जंग चल रही है। लेकिन कई लोग इसे सिर्फ एक सामान्य जियो-पॉलिटिकल युद्ध नहीं मान रहे, बल्कि बाइबिल की भविष्यवाणियों से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, दुनिया का फोकस अक्सर Strait of Hormuz और उसके बंद होने से होने वाले आर्थिक नुकसान पर रहता है, लेकिन कुछ एक्सपर्ट इसे एक बड़े धार्मिक नैरेटिव के साथ मिलाकर लोगों को परोस रहे हैं। क्या वाकई में ऐसा है?
ध्यान भटकाने की कोशिश या असल में धर्म है वजह?
कुछ लोगों का मानना है कि यह जंग अचानक इस तरह बढ़ा ताकि दूसरे बड़े मुद्दों से ध्यान हटाया जा सके। जैसे फिलिस्तीन, लेबनान और ईरान के संकट या फिर Jeffrey Epstein scandal जैसे मामलों से।
हालांकि, Joe Kent (पूर्व अमेरिकी आतंकवाद-रोधी अधिकारी) ने इस्तीफे के समय कहा था कि यह जंग सिर्फ रणनीतिक नहीं, बल्कि हिब्रू धार्मिक कथाओं से प्रेरित एक अंतकाल (End Times) जैसी सोच का हिस्सा भी हो सकता है।

हिब्रू बाइबल में क्या लिखा है?
बाइबिल के Exodus ग्रंथ में "Amalek" नाम का जिक्र आता है। यह एक ऐसा समुदाय था जिसने मिस्र से निकलते वक्त इजरायलियों पर हमला किया था। इस घटना के बाद अमालेकियों को इजरायल और यहूदी भगवान का सबसे बड़ा दुश्मन माना गया। जिस पर इजरायलियों के खिलाफ इतिहास में जुल्म के आरोप लगे हैं।
अमालेक के खिलाफ कठोर आदेश
इजरायली बाइबल के Deuteronomy 25:17-19 में कहा गया है कि अमालेक को कभी नहीं भूलना और उसका नाम पूरी तरह मिटा देना चाहिए। वहीं 1 Samuel 15:3 में और भी कठोर आदेश मिलता है। जिसमें पुरुष, महिलाएं, बच्चे, जानवर... सबको खत्म करने की बात कही गई है। इसे कई लोग सिर्फ पौराणिक कहानी मानते हैं, लेकिन इसका असर आज की सोच पर भी दिखता है।
नेतन्याहू ने क्यों लिया अमालेक का नाम?
अक्टूबर 2023 में जब Israel Defense Forces (IDF) गाजा में घुसी, तब Benjamin Netanyahu ने अमालेक का जिक्र किया था। मार्च 2026 में ईरान को लेकर भी उन्होंने कहा-"याद रखो अमालेक ने तुम्हारे साथ क्या किया था... हम याद रखते हैं और हम कार्रवाई करते हैं।" इससे साफ होता है कि यह कहानी सिर्फ इतिहास नहीं, बल्कि आज की पॉलिसी में भी दिखाई देती है।
सेकेंड कॉलम: एस्थर की कहानी
अब बात आती है Book of Esther की। इसमें बताया गया है कि अमालेकियों का एक वंशज Haman फारसी साम्राज्य में ताकतवर पद पर पहुंच गया था। एस्थर, जो एक यहूदी लड़की थी, बाद में रानी बनती है और अपने लोगों को बचाने के लिए संघर्ष करती है।
साजिश और पलटवार की कहानी
Haman यहूदियों को खत्म करना चाहता था, सिर्फ इसलिए क्योंकि Mordecai ने उसके सामने झुकने से मना कर दिया था। लेकिन कहानी पलटती है और अंत में यहूदी ही अपने दुश्मनों को हरा देते हैं। इसी घटना को आज भी Purim त्योहार के रूप में मनाया जाता है।
क्या इसका कनेक्शन आज के ईरान से है?
कुछ लोग मानते हैं कि यह कहानी आज के ईरान-इजरायल संघर्ष से जोड़ी जाती है। यह भी कहा जाता है कि इजरायल की खुफिया एजेंसियों की ईरान में गहरी पकड़ है, तभी वह तेहरान के खिलाफ इतनी प्रभावी कार्रवाई कर पाता है।
थर्ड कॉलम: गोग और मागोग की भविष्यवाणी
अब आते हैं Book of Ezekiel पर। इसमें Gog and Magog का जिक्र है, जो भविष्य में इजरायल पर हमला करेंगे लेकिन अंत में हार जाएंगे। इसके बाद एक नया मंदिर बनेगा और फरिश्ते का आगमन होगा।
आज कैसे जुड़ती है ये कहानी?
कुछ एक्सपर्ट इस भविष्यवाणी को आज की दुनिया से जोड़ते हैं। उनके मुताबिक, एक तरफ इजरायल और उसके समर्थक (खासकर पश्चिमी देश) हैं, जबकि दूसरी तरफ ईरान, Russia और China जैसे देश खड़े हैं।
धर्म और राजनीति का कॉकटेल
ईरान में ईसाई धर्म, चीन में बौद्ध धर्म और ईरान में इस्लाम के साथ पारसी परंपराएं भी मौजूद हैं। जैसे ईरान का Nowruz त्योहार और यहां तक कि स्ट्रेट होर्मुज का नाम पारसी देवता Hormoz पर रखा गया है। कुछ विश्लेषक इसे "Final Battle" यानी अंतिम युद्ध की सोच से जोड़ते हैं। लेकिन कई देश इन मान्यताओं से किनारा भी करते हैं।
अमेरिकी नेताओं के बयान भी चर्चा में
Pete Hegseth ने इजरायल के गठन को चमत्कार बताया था। वहीं Mike Huckabee ने एक इंटरव्यू में कहा था कि अगर इजरायल सब कुछ ले ले तो भी ठीक है। इसके अलावा वेस्टर्न मीडिया अक्सर ईरान को धर्मतंत्र और इजरायल को मिडिल ईस्ट का एकमात्र लोकतंत्र बताता है। लेकिन कुछ लोग मानते हैं कि असल में इजरायल भी एक तरह का धार्मिक एजेंडा फॉलो कर रहा है लेकिन दिखावा लोकतंत्र का करता है।
तीन बड़े लक्ष्य क्या बताए जाते हैं?
इस नैरेटिव के मुताबिक, इजरायल-अमेरिका की सोच तीन बड़े लक्ष्यों पर टिकी है:
• ग्रेटर इजरायल (नील से यूफ्रेट्स तक)
• तीसरे मंदिर (थर्ड टेंपल) का निर्माण
• मसीहा का आगमन
आखिर सच्चाई क्या है?
कुछ एक्सपर्ट मानते हैं कि भले ही ईरान इस युद्ध में जीत जाए, लेकिन यह धार्मिक सोच खत्म नहीं होगी। इजरायल अपने विरोधियों को गोग और मागोग के रूप में देखता रहेगा।
Disclaimer
ये सभी बातें हिब्रू बाइबल, राजनेताओं के बयान और अलग-अलग एक्सपर्ट को मिलाकर लिखी हैं। इनसे संस्थान या लेखक का कोई संबंध नहीं है।
इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।












Click it and Unblock the Notifications