Venezuela की मदद के लिए भारत ने चलाया ऑपरेशन 'अमिस्ताद', क्या है इसका मतलब और क्या-क्या भेजा भारत ने?
Venezuela Earthquake: वेनेजुएला में आए विनाशकारी दोहरे भूकंप के बाद हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। इस मुश्किल समय में भारत ने एक बार फिर मानवता का परिचय देते हुए राहत ऑपरेशन 'ऑपरेशन अमितस्ताद' (Operation Amistad) शुरू किया है। इस मिशन के तहत इंडियन एयरफोर्स के दो C-17 Globemaster सैन्य विमान राहत सामग्री, मेडीकल इक्विपमेंट्स और एक सैन्य फील्ड हॉस्पिटल यूनिट लेकर वेनेजुएला के लिए रवाना हो चुके हैं।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला की सरकार और वहां के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि भारत राहत और बचाव कार्यों में हरसंभव सहयोग देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

अब तक कितने लोगों की मौत?
वेनेजुएला में आए इस भीषण भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। वहां के स्वास्थ्य मंत्री कार्लोस अल्वाराडो के मुताबिक, अब तक करीब 235 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4,300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। कई इलाकों में सड़कें, अस्पताल और दूसरी जरूरी इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे राहत और इलाज का काम प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा 39,000 लोग अभी भी लापता हैं। इसी स्थिति को देखते हुए भारत ने तुरंत मानवीय सहायता भेजने का फैसला लिया, ताकि प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द इलाज और जरूरी सुविधाएं पहुंचाई जा सकें।
भारतीय सेना का 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल करेगा इलाज
राहत ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना का विशेष चिकित्सा दल हिंडन एयरफोर्स स्टेशन से रवाना हुआ है। इस टीम में सेना की फेमस 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल के 9 सैन्य डॉक्टरों समेत कुल 41 एक्सपर्ट्स शामिल हैं। यह यूनिट युद्ध और प्राकृतिक आपदाओं जैसी कठिन परिस्थितियों में तेजी से अस्पताल स्थापित करने और आपातकालीन इलाज देने के लिए जानी जाती है। वेनेजुएला पहुंचने के बाद यह टीम उन इलाकों में अस्थायी फील्ड हॉस्पिटल बनाएगी, जहां अस्पताल पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। डॉक्टर गंभीर रूप से घायल लोगों की इमरजेंसी सर्जरी, ट्रॉमा केयर और लाइफ सेविंग ट्रीटमेंट जैसी सेवाएं देंगे।
भारत इस ऑपरेशन के तहत 35 टन से ज्यादा राहत सामग्री भेज रहा है। इसमें विदेश मंत्रालय की ओर से भेजी गई करीब 6 टन दवाएं, आधुनिक मेडिकल इक्विपमेंट्स और अन्य राहत सामग्री शामिल हैं। C-17 ग्लोबमास्टर विमान इतनी भारी सामग्री को कम समय में लंबी दूरी तक पहुंचाने में सक्षम हैं।
क्या है 'भीष्म क्यूब', जो बनेगा जीवनरक्षक अस्पताल?
इस मिशन की सबसे खास चीज भारत का स्वदेशी 'भीष्म क्यूब' (BHISHM Cube) है। इसे आरोग्य मैत्री परियोजना के तहत बनाया गया है। यह एक मॉड्यूलर और पोर्टेबल इमरजेंसी मेडिकल सेंटर है, जिसे किसी भी आपदा प्रभावित इलाके में बहुत कम समय में स्थापित किया जा सकता है।
यह आधुनिक यूनिट एक साथ करीब 200 मरीजों का इलाज करने की क्षमता रखती है। इसमें इमरजेंसी सर्जरी, एडवांस ट्रॉमा केयर, ICU सुविधा, पोर्टेबल वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सपोर्ट, पेशेंट मॉनिटर, डायग्नोस्टिक इक्विपमेंट्स और आधुनिक सर्जिकल इंस्ट्रूमेंट्स मौजूद हैं। खास बात यह है कि इसमें अपना स्वतंत्र बिजली और ऊर्जा स्रोत भी है, जिससे बिजली न होने पर भी इलाज लगातार जारी रखा जा सकता है।
भारत बना दुनिया का भरोसेमंद 'फर्स्ट रेस्पॉन्डर'
'ऑपरेशन अमितस्ताद' एक बार फिर दिखाता है कि संकट के समय भारत दुनिया के भरोसेमंद 'फर्स्ट रेस्पॉन्डर' के रूप में तेजी से उभर रहा है। किसी भी देश की भौगोलिक दूरी की परवाह किए बिना भारत मानवीय सहायता और चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने की अपनी नीति पर लगातार काम कर रहा है।
इससे पहले भी तुर्की में आए भूकंप समेत कई अंतरराष्ट्रीय आपदाओं के दौरान भारत ने राहत और बचाव ऑपरेशन चलाकर अपनी जिम्मेदारी निभाई थी। 'वसुधैव कुटुंबकम्' की भावना के साथ भारत ने हमेशा जरूरतमंद देशों तक नौसेना और वायुसेना के जरिए मदद पहुंचाई है।
वेनेजुएला के लिए शुरू किया गया यह मिशन सिर्फ राहत ऑपरेशन नहीं, बल्कि दोनों देशों की दोस्ती और मानवता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का भी मजबूत संदेश है। भारतीय सेना की त्वरित चिकित्सा सहायता और राहत सामग्री इस आपदा से प्रभावित हजारों लोगों के लिए नई उम्मीद लेकर पहुंच रही है।
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