Vatican: रोमन कैथोलिक चर्च को मिले नए पोप, चिमनी से निकला सफेद धुंआ, बजी घंटियां
Vatican City: गुरुवार को वैटिकन सिटी की रोमन कैथोलिक चर्च को अपना नया पोप मिल चुका है। पोप का चुनाव 1.4 बिलियन सदस्यों का नेतृत्व में चुना गया। नया पोप चुने जाने की जानकारी पारंपरिक रूप से सार्वजनिक की गई। नया पोप चुने जाने के बाद वेटिकन सिटी में स्थित रोमन कैथोलिक चर्च के सिस्टिन चैपल से सफेद रंग का धुंआ निकलता दिखा और सेंट पीटर्स की घंटियां बजने लगी।
कार्डिनलों ने पोप फ्रांसिस के स्थान पर रॉबर्ट प्रीवोस्ट को नया पोप चुना गया है। रॉबर्ट प्रीवोस्ट पहले अमेरिकी पोप बने और उन्हें पोप लियो XIV के नाम से जाना जाएगा, जो रोमन कैथोलिक चर्च का प्रभार संभालेंगे।
नए पोप का चुनाव के लिए 133 कार्डिनल इलेक्टर्स बुधवार को एकत्र हुए थे लेकिन नया पोप ना चुने जाने के कारण चर्च में लगी चिमनी से काला धुंआ निकला था। लेकिन आज नए पोप का चुनाव हो चुका है।

नए पोप चुने जाने की खबर मिलते ही सेंट पीटर्स स्क्वायर में एकत्रित लोगों ने खुशियां मनाते हुए तालियां बजाईं। सेंट पीटर्स बेसिलिका की सेंट्रल बालकनी से नए पोप का ऐलान किया गया। इस बालकनी से उनके नाम की घोषणा होने से पहले ही, नीचे मौजूद भीड़ "विवा इल पापा" पोप अमर रहें, लोग नारे लगे। यहां पर नए पोप से लोगों ने आर्शीवाद लिया।
कौन हैं नए पोप रॉबर्ट प्रीवोस्ट कौन हैं?
नए पोप रॉबर्ट प्रीवोस्ट की उम्र 69 वर्ष है। ये सेंट पीटर की गद्दी के 267वें पोप होंगे और उन्हें लियो XIV के नाम से जाना जाएगा। पोप की भाूमिका में आने वाले ये पहले पोप हैं।
कैसे अमेरिकी को बनाया गया नया पोप?
1955 में शिकागो में स्पेनिश और फ्रेंको-इटैलियन वाले माता-पिता के घर जन्मे प्रीवोस्ट शुरूआत से ही धर्म से जुड़े रहे। उन्होंने बहुत कम उम्र से सेवा की और 1982 में उन्हें पादरी नियुक्त किया गया। हालांकि वे तीन साल बाद पेरू चले गए, लेकिन वे अपने गृह शहर में पादरी और पादरी के रूप में सेवा करने के लिए सदा के लिए अमेरिका लौट आए। इन्होंने बिशप बनने से पहले कई साल पेरू में मिशनरी में बिताए थे इसलिए इन्हें लैटिन अमेरिका से कार्डिनल भी माना जाता है
पोप फ्रांसिस के निधन के बाद चुने गए नए पोप
बता दें नया पोप चुनने की प्रकिया पोप फ्रांसिस की मृत्यु के बाद उनके उत्तराधिकारी के चयन के लिए शुरू हुई थी। पोप फ्रांसिस का 21 अप्रैल को किडनी की बीमारी के कारण निधन हो गया था। 12 साल के कार्यकाल में पोप पोप फ्रांसिस चर्च को अत्याआधुनिक बनाने, सुधारों की वकालत करने, LGBT कैथोलिकों को शामिल करने जैसे विवादास्पद विषयों के कारण सुर्खियों में बने रहे।
पोप पद कौन-कौन थे उम्मीदवार?
बता दें रोमन कैथोलिक चर्च के नए पोप के रुप में कई दावोदार हैं। "पापाबिली" - इतालवी में संभावित पोप उम्मीदवार थे, फ्रांस के जीन-मार्क एवेलिन, हंगरी के पीटर एर्डो, अमेरिकी रॉबर्ट प्रीवोस्ट, इटली के पियरबेटिस्टा पिज़्ज़ाबल्ला और फिलिपिनो पाब्लो वर्जिलियो डेविड थे। जिसमें रॉबर्ट प्रीवोस्ट नए पोप चुन लिए गए हैं।
रोमन कैथोलिक चर्च के सबसे पहले पोप कौन थे?
रोमन कैथोलिक चर्च में शुरूआत से लेकर 2025 तक कुल 267 पोप ये कुर्सी संभाल चुके है। इस चर्च के पहले पोप पीटर को बताया जाता है।
पूर्व के पांच पोप कौन-कौन थे?
पोप फ्रांसिस (Pope Francis)
- असली नाम: जोर्ज मारियो बर्गोलियो
- कार्यकाल: 2013 - 2025
- विशेषता: पहले लैटिन अमेरिकी और पहले जेसुइट पोप
पोप बेनेडिक्ट सोलहवें (Pope Benedict XVI)
- असली नाम: जोसेफ रैटज़िंगर
- कार्यकाल: 2005 - 2013
- विशेषता: 600 वर्षों में पहले पोप जिन्होंने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया
- निधन: 31 दिसंबर 2022
पोप जॉन पॉल द्वितीय (Pope John Paul II)
- असली नाम: करोल योज़ेफ वॉइटिवा
- कार्यकाल: 1978 - 2005
- विशेषता: 20वीं सदी के सबसे लंबे कार्यकाल वाले पोप
- संत घोषित: 2014
पोप जॉन पॉल प्रथम (Pope John Paul I)
- असली नाम: एल्बिनो लुसियानी
- कार्यकाल: अगस्त - सितंबर 1978 (केवल 33 दिन)
- विशेषता: सबसे कम समय तक रहने वाले पोपों में से एक
पोप पॉल षष्ठम (Pope Paul VI)
- असली नाम: जियोवानी बातिस्ता मोंतिनी
- कार्यकाल: 1963 - 1978
- विशेषता: द्वितीय वेटिकन काउंसिल को पूरा किया
- पोप कब बने : 2018












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