ये तस्वीरें क्या कहती हैं..? चीनी नेताओं से मिलते वक्त अमेरिकी विदेश और वित्त मंत्री की कमर डेढ़ी..
China-America News: जियो-पॉलिटिक्स में तस्वीरों का बड़ा महत्व होता है। दो नेताओं के बीच किस तरह से मुलाकात होती है, किस तरह से हाथ मिलाते हैं, किस तरह से बात करते हैं, किस तरह से एक दूसरे का स्वागत करते हैं, इन तमाम बातों का बड़ा महत्व होता है।
चीन से दो तस्वीरें निकलकर सामने आई हैं, एक तस्वीर अमेरिका के विदेश मंत्री एंथनी ब्लिंकन की है, तो दूसरी तस्वीर अमेरिका की वित्त मंत्री जेनेट येलेन की है, लेकिन इन दोनों तस्वीरों में सुपरपावर अमेरिका, झुका हुआ नजर आ रहा है। ये तस्वीरें काफी हैरान करने वाली हैं और क्योंकि, इन तस्वीरों में बराबरी नहीं, सुपरपावर का टशन नहीं, बल्कि एक कमजोर देश के दो मंत्री दिखाई दे रहे हैं।

चीन के सामने क्यों झुका है अमेरिका?
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन को लेकर अकसर कहा जाता है, कि वो अमेरिकी इतिहास के सबसे कमजोर राष्ट्रपति साबित हो रहे हैं और इतिहास गवाह रहा है, कि जब जब अमेरिका की विदेश नीति लचर हुई है, चीन ने तब तब दुनिया को झुकाने की कोशिश की है।
लेकिन, चीन को सबसे बड़ी चुनौती मानने वाले अमेरिका के दो सबसे ताकतवर मंत्री, शी जिनपिंग के सामने झुके नजर आ रहे हैं। तो क्या ये अमेरिका के कमजोर होने के संकेत हैं? क्या ये तस्वीरें गवाह हैं, कि खुद को ताकतवर साबित करने वाला अमेरिका असल में अंदर से कमजोर हो चुका है और क्या अमेरिका के पास, चीन से टकराने की ताकत नहीं बची है।
अमेरिका की वित्त मंत्री जेनेट येलेन चीन के दौरे पर हैं और उस वक्त शी जिनपिंग के मंत्री से मुलाकात करते हुए जेनेट येलेन कमर से झुकी नजर आईं।
डॉ. मिजानपुर ने जेनेट येलेन की इस तस्वीर पर कहा है, कि 'अमेरिकी, जापान की तरह व्यवहार कर रहे हैं, जबकि चीन, अमेरिका की तरह व्यवहार कर रहा है।'
वहीं, मनीष कपूर ने लिखा है, कि "अगर मौका दिया जाए, तो वे शायद पुतिन के सामने भी खुशी-खुशी ऐसा ही करेंगे। चयनात्मक रूप से अहंकारी और अवसरवादी रूप से दास होना, लंबे समय से धूर्त और रीढ़हीन अमेरिकी अधिकारियों की विशेषता यही रही है। बाकी दुनिया को किसी भी चीज़ के बारे में अमेरिकी प्रचार में शामिल होते समय, इसे याद रखना चाहिए।"
वहीं, माइकल काऊ ने इन तस्वीरों को 'भयानक' करार दिया है।
दूसरी तस्वीर अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन की है, जब उन्होंने पिछले महीने चीन का दौरा किया था और उस वक्त चीन ने अमेरिका को ताइवान से दूर रहने की धमकी दी थी। एंटनी ब्लिंकन ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की थी और उस दौरान, एंटनी ब्लिंकन भी शी जिनपिंग के सामने झुके हुए थे।
आपको बता दें, कि अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वार से लेकर सैन्य तनाव भी है और ताइवान पर चीन लगातार दबाव बनाए हुआ है। आशंका है, कि चीन कभी भी ताइवान पर आक्रमण कर सकता है। ताजा रिपोर्ट्स में भी कहा गया है, कि ताइवान को कभी भी घेरने की क्षमता चीन ने हासिल कर ली है।
और चूंकी यूक्रेन पर रूसी आक्रमण को रोकने में अमेरिका पूरी तरह से नाकाम रहा है, इसीलिए सवाल उठ रहे हैं, कि ताइवान पर हमले की स्थिति में क्या फिर से अमेरिका खामोश रहेगा या कुछ एक्शन भी लेगा?












Click it and Unblock the Notifications