एलियंस के मिसाइल हैं विशालकाय ऐस्टरॉइड, पृथ्वी पर हमला करने में करेंगे इस्तेमाल- यूएस वैज्ञानिक
अमेरिका के प्रोफेसर्स ने दावा किया है कि, ऐस्टरॉइड एलियंस के मिसाइल हैं, जिनका इस्तेमाल वो पृथ्वी के खिलाफ जंग में कर सकते हैं।
वॉशिंगटन, जनवरी 05: 19 अक्टूबर 2017 को खगोलविदों ने पृथ्वी से दूर एक अजीब आकृति को देखा तो सब हैरान रह गये। इस आकृति के बारे में जब तक ज्यादा पता लगाया जाता, वो गायब हो चुकी थी और फिर खगोलविदों ने इस आकृति को 'ओउमुआमुआ' नाम दे दिया और इसे एक इंटरस्टेलर ऑब्जेक्ट करार दिया, जो हमारे सौर मंडल का दौरा करने के लिए सबसे पहले जाना जाता है। लेकिन, कोई भी निश्चित नहीं हो सका, कि आसमान में दिखने वाली वो आकृति क्या थी। लेकिन, अमेरिका के एक प्रोफेसर, जो विश्व प्रसिद्ध हॉवर्ड के प्रोफेसर हैं, उन्होंने एक डराने वाला दावा किया है।

हॉवर्ड प्रोफेसर का दावा
हॉवर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एवी लोएब ने दावा किया है कि, एलियंस ऐस्टरॉइड को विनाशकारी हथियार की तरफ पृथ्वी के खिलाफ इस्तेमाल कर सकते हैं और ये ऐस्टरॉइड धरती पर भयानक तबाही मचा सकता है। वैज्ञानिक और एस्ट्रोफिजिसिस्ट एवी लोएब ने दावा किया है कि, एलियंस जिस ऐस्टरॉइड से पृथ्वी पर हमला करेंगे, वो पृथ्वी पर मौजूद तमाम संसाधनों को नष्ट कर सकता है और इंसानों के पास उस ऐस्टरॉइड को रोकने के लिए कोई उपाय नहीं होगा। हॉवर्ड प्रोफेसर एवि लोएब पहले भी एलियंस को लेकर सनसनीखेज दावे कर चुके हैं और कई वैज्ञानिकों के साथ उनकी एक टीम एलियंस को लेकर लंबे वक्त से रिसर्च कर रही है।

कौन हैं वैज्ञानिक एवि लोएब
एवि लोएब हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं और हार्वर्ड के खगोल विज्ञान विभाग के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले अध्यक्ष हैं। एलियंस को लेकर वो एक किताब भी लिख चुके हैं, जिसमें उन्होंने इंसानों को चेतावनी दी है, कि वक्त रहते एलियंस से लड़ने का हथियार बना लेना चाहिए, क्योंकि एलियंस जब पृथ्वी पर हमला करेंगे, तो इंसानों के पास उस तबाही से लड़ने के लिए कोई उपाय नहीं होगा और पृथ्वी तबाह हो जाएगी। 59 साल के हो चुके एवि लोएब काफी ऊर्जा के साथ ब्रह्मांड की दुनिया को समझने के लिए काम कर रहे हैं और फॉक्स न्यूज को दिए गये इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि, 'विज्ञान का कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं होता है और वैज्ञानिकों को सभी से और हर तर्क पर बात करनी चाहिए'।
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प्रोफेसर लोएब के सनसनीखेज दावे
प्रोफेसर लोएब ने कई सालों की मेहनत के बाद कई तरह की रूपरेखा तैयार की है, जिसमें उन्होंने बहुत सारी बातों को शामिल किया है। 2018 की गर्मियों में 'ओउमुआमुआ को देखे जाने के लगभग एक साल बाद उन्होंने एक वैज्ञानिक पेपर पर काम करना शुरू किया था। जिसमें उन्होंने ब्रह्मांड को लेकर कई तरह की थ्योरी का विश्लेषण किया है और कई रहस्यों को समझाने की कोशिश की है। प्रोफेसर लोएब ने दावा किया है कि, ''पृथ्वी पर हमला करने से पहले यूएफओ जासूसी कर सकता है''।

युद्ध का स्वरूप बदलने का दावा
पेंटागन ने पिछले साल जून महीने में एलियंस को लेकर एक रिपोर्ट सार्वजनिक की थी, लेकिन पेंटागन की रिपोर्ट में एलियंस को लेकर अधूरी बातें लिखी हैं और कुल मिलाकर एलियंस को लेकर दावों को खारिज किया गया था, लेकिन अलबामा में यूएस एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज के प्रोफेसर पॉल स्प्रिंगर ने सन ऑनलाइन को दिए इंटरव्यू में बताया है कि, 'आसमान में कुछ ऐसा है, जिसे अमेरिका समझ हीं नहीं सकता है'। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि, 'अगर हमला होता है, तो वो हमला ठीक वैसा ही होगा, जैसा 300 साल पहले यूरोपियों ने अमेरिका पर किया था, जब यूरोप में संसाधनों का अभाव हो गया था और स्वदेशी लोगों का सफाया हो गया था'।

हमले से बचने के लिए विकल्प?
प्रोफेसर पॉल स्प्रिंगर ने आगे कहा कि, किसी को भी हम पर हमला करने से रोकने के लिए सेना के पास कई विकल्प हैं। लेकिन अगर वही एलियंस हमला करते हैं तो उनकी तकनीक को पकड़ना असंभव है। प्रोफेसर ने दावा करते हुए कहा कि, एलियंस ऐस्टरॉइड को हथियार बनाकर धरती पर हमला कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि, एलियंस अपनी रहस्यमयी चीजों को छिपाने के लिए ग्रहों की जासूसी कर सकते हैं। प्रोफेसर पॉल स्प्रिंगर ने कहा कि, पृथ्वी पर जो परमाणु बम मौजूद हैं, उन्हें एलियंस लेजर हथियार या फिर ऐस्टरॉइड का इस्तेमाल कर खत्म कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि, एलियंस के पास हथियार के तौर पर कई खतरनाक वायरस भी हो सकते हैं, जो पृथ्वी से पूरी इंसानी आबादी को ही खत्म कर सकता है।

इंसानों के अस्तित्व की रक्षा कैसे होगी?
प्रोफेसर पॉल स्प्रिंगर ने इंटर्व्यू के दौरान इस सवाल पर, कि एलियंस के हमलों से कैसे बचा सकता है, कहा कि, इंसानों के पास एलियंस से खुद को बचाने के लिए या अपने अस्तिव की रक्षा करने के लिए जाहिर तौर पर सेना का सहारा लेना पड़ता है और सेना के पास दो प्राथमिकताएं होतीं। पहली प्राथमिकता इंसानों के अस्तित्व की रक्षा करना और दूसरी प्राथमिकता एलियंस के पास जो 'अलौकिक' टेक्नोलॉजी होती, उसे अपने कब्जे में लेना। आपको पता दें कि, नासा ने जानकारी दी है कि, पृथ्वी के करीब से जनवरी महीने में कम से कम पांच ऐस्टरॉइड गुजर रहे हैं और पहला ऐस्टरॉइड 11 जनवरी और दूसरा ऐस्टरॉइड 18 जनवरी को गुजरने वाला है और वैज्ञानिक पॉल का कहना है कि, ये ऐस्टरॉइड एलियंस के संभावित हथियार हो सकते हैं।

वैज्ञानिकों का 'प्रोजेक्ट गैलीलियो'
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के खगोल विज्ञान के प्रोफेसर एवी लोएब के नेतृत्व में गैलीलियो प्रोजेक्ट को लॉन्च किया गया है। जिसके जरिए ये पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि क्या पृथ्वी पर जो कुछ भी हम जानते हैं, क्या उसके अलावा भी अलौकिक शक्तियां वास्तव में मौजूद हैं। प्रोजेक्ट गैलीलियो में टेलीस्कोप ऑब्जर्वेशन किया जाएगा और अंतरिक्ष में कैमरे भेजे जाएंगे। इसके अलावा भी कई तरह के रिसर्च किए जाएंगे।

'प्रोजेक्ट गैलीलियो' का दावा
प्रोजेक्ट गैलीलियो टीम के एक बयान में कहा गया है कि ''पृथ्वी और सूर्य के सिस्टम को लेकर पिछले दिनों कई महत्वपूर्ण खोज की गई हैं, लिहाजा प्रोजेक्ट गैलीलियो इसलिए लॉन्च किया गया है, क्योंकि पृथ्वी के अलावा कई ऐसी चीजों की खोज करना जरूरी है, जिसे हम अब नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं। उन अलौकिक सभ्यताओं को अब किसी भी हाल में अनदेखा नहीं किया जा सकता है''। हॉवर्ड यूनिवर्सिटी का ये प्रोजेक्ट पूरी तरह से एलियंस की खोज के लिए ही है।

एलियंस दोस्त हैं या फिर दुश्मन?
रिपोर्ट के मुताबिक हॉवर्ड यूनिवर्सिटी ने ये प्रोजेक्ट तब लॉन्च किया है, जब 2017 में अमेरिकी सरकार ने यूएफओ और इंटरस्टैलर को लेकर एक ओउमुआमुआ नाम की एक रिपोर्ट तैयार की थी, जिसमें ETC यानि अलौकिक शक्तियों के होने की बात की पुष्टि की गई थी। लेकिन अभी तक ये पता नहीं चल पाया है कि पृथ्वी के बाहर मौजूद ये अलौकिक शक्तियां कहां हैं, किस ग्रह पर रहते हैं, उनका जीवन कैसा है, उनके पास टेक्नोलॉजी क्या हैं, उनका रहन सहन क्या है और सबसे महत्वपूर्ण बात, कि वो इंसानों के दोस्त हैं या फिर दुश्मन?












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