US: डेमोक्रेटिक पार्टी के पास नहीं है बाइडेन का विकल्प, सर्वे में डोनाल्ड ट्रंप से पिछड़े अमेरिकी राष्ट्रपति
माना जा रहा है, कि जो बाइडेन को अपनी पार्टी के अंदर से किसी और बड़े नेता की चुनौती नहीं मिलने वाली है, लिहाजा उनके नामांकन का रास्ता साफ होने की संभावना है।

US President Election 2024: अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपनी दावेदारी की घोषणा कर दी है। बाइडेन को लेकर पिछले कई महीने से संकेत मिल रहे थे, कि वो 81 साल की उम्र में फिर से चुनाव लड़ने का मन बना रहे हैं, लेकिन मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ने सभी शंकाओं को दूर कर दिया।
जो बाइडेन की घोषणा के साथ ही तय हो गया है, कि डेमोक्रेटिक पार्टी के अंदर उन्हें चुनौती देने वाले नेता ज्यादा मजबूत नहीं होंगे, लेकिन डेमोक्रेटिक पार्टी, जो बाइडेन की उम्मीदवारी के साथ दोराहे पर खड़ी हो गई है, कि क्या वो 81 साल के राष्ट्रपति का समर्थन करे या फिर किसी और विकल्प पर ध्यान दे।
लेकिन, डेमोक्रेटिक पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती ये है, कि बाइडेन के अलावा उसके पास कोई ऐसा विकल्प है नहीं, जो रिपब्लिकन पार्टी में फिर से चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके डोनाल्ड ट्रंप को चुनौती दे सके। जो बाइडेन ने 2020 के चुनाव में ट्रंप को हराया था, लेकिन इस बार मुकाबला काफी कड़ा होने वाला है, क्योंकि बाइडेन के चार सालों का कार्यकाल भी उनके साथ होगा, जिसमें विदेशी मोर्चे पर एक के बाद एक, बाइडेन सरकार को मिली कई नाकामयाबियां हैं।
बाइडेन ही सबसे मजबूत दावेदार
अमेरिकी इतिहास में अभी तक ऐसा दुर्लभ ही रहा है, कि अमेरिकी राष्ट्रपतियों को अपनी ही पार्टी के अंदर से किसी और दावेदार से विरोध का सामना करना पड़े और डेमोक्रेटिक पार्टी के अंदर भी अभी तक किसी भी मुख्यधारा के नेता ने ये नहीं कहा है, कि वो बाइडेन को चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं।
अलजजीरा की एक रिपोर्ट में ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन में गवर्नेंस स्टडीज प्रोग्राम के एक वरिष्ठ साथी एलेन कममार्क ने कहा, अब तक डेमोक्रेटिक ब्रास ने भी बाइडेन की उम्र पर चिंताओं को स्वीकार किया है और और पार्टी के ज्यादातर हिस्से ने बाइडेन के लिए एकता दिखाई है।
उन्होंने कहा, कि "लोग कह सकते हैं, कि राष्ट्रपति की उम्र 60 साल होनी चाहिए, 80 साल नहीं, लेकिन इसमें आप कुछ नहीं कर सकते हैं, उनकी उम्र जो है, वो है।" एलेन कममार्क का कहना है, कि "डेमोक्रेट्स ने जिस तरह से शासन किया है, उसे पसंद किया गया है और पार्टी के अंदर बाइडेन को सक्षम और स्थिर नेता के रूप में देखा जाता है, और यह पिछले राष्ट्रपति के मुकाबले एक बड़ा बदलाव है।"

चुनावी सर्वे में काफी कड़ा है मुकाबला
वामपंथी विचारधारा वाले न्यू डेमोक्रेट नेटवर्क थिंक टैंक के अध्यक्ष और संस्थापक साइमन रोसेनबर्ग का मानना है, कि "बाइडेन के पहले कार्यकाल के दौरान उनका ठोस प्रदर्शन, मतदाताओं के बीच एक शक्तिशाली आकर्षण होगा, लिहाजा जो बाइडेन एक अच्छा राष्ट्रपति रहे हैं और उनके पास फिर से चुनाव जीतने के लिए एक मजबूत मामला होगा"।
फिर भी, हाल के हफ्तों में हुए चुनावी सर्वेक्षणों में मुकाबला कांटे का दिखाया गया है। पिछले दिनों एनबीसी न्यूज सर्वेक्षण में दिखाया गया है, कि केवल 26 प्रतिशत अमेरिकियों को लगता है, कि राष्ट्रपति बाइडेन को फिर से व्हाइट हाउस की रेस में उतरना चाहिए। वहीं, 70 प्रतिशत मतदाताओं का मानना है, कि बाइडेन को अब राष्ट्रपति की रेस में नहीं आना चाहिए।

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उसी पोल में ये भी दिखाया गया था, कि 51 प्रतिशत डेमोक्रेट भी बाइडेन के फिर से चुनाव लड़ने के खिलाफ थे, वहीं हाल ही के AP-NORC पोल में दिखाया गया है, कि 47 प्रतिशत डेमोक्रेट्स बाइडेन को फिर से राष्ट्रपति चुनाव की रेस में दौड़ते हुए नहीं देखना चाहते थे।
वहीं, बाइडेन के खिलाफ रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से डोनाल्ड ट्रंप या फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डीसांटिस उम्मीदवार हो सकते हैं और वॉल स्ट्रीट जर्नल के सर्वे में पता चला है, कि लोगों के बीच ये दोनों, बाइडेन से ज्यादा लोकप्रिय हैं। इन दोनों को बाइडेन के 45 प्रतिशत के मुकाबले 48 प्रतिशत लोगों का साथ मिला।
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