MP News: LAC देशों के बीच एमपी बना निवेश का केंद्र, सीएम मोहन यादव बोले—परंपराओं में है समानता
मध्य प्रदेश ने इंदौर में आयोजित भारत-लैटिन अमेरिकी और कैरिबियाई मंच 2026 के बाद एक प्रमुख निवेश केंद्र के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत किया है, जिसमें फार्मा, ऑटोमोटिव और कपड़ा क्षेत्रों में बी2बी और बी2जी बैठकें बढ़ी हैं। राज्य ने 2025-26 में लैटिन अमेरिका को 3,835 करोड़ रुपये का निर्यात दर्ज किया, जो 19 प्रतिशत अधिक है, और हरित ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल प्रौद्योगिकी के अवसरों पर जोर दिया।
मध्यप्रदेश ने वैश्विक व्यापार और निवेश के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाते हुए लैटिन अमेरिका और कैरिबियन (LAC) देशों के बीच खुद को एक मजबूत निवेश केंद्र के रूप में स्थापित किया है। इंदौर में आयोजित ‘इंडिया-लैटिन अमेरिकन एंड कैरिबियन ट्रेड एंड इंवेस्टमेंट फोरम-2026’ में 15 देशों के प्रतिनिधियों सहित 350 से अधिक निवेशकों, अधिकारियों और उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में व्यापार और निवेश के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर प्रदेश की आर्थिक राजधानी है और यह आयोजन नई आर्थिक संभावनाओं का सेतु बनेगा।
फोरम के दौरान मध्यप्रदेश ने फार्मास्युटिकल, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण और सेवा क्षेत्रों में लैटिन अमेरिकी देशों के साथ साझेदारी बढ़ाने के प्रयास किए। प्रदेश की 50 से अधिक कंपनियों और विदेशी प्रतिनिधियों के बीच बी-टू-बी और बी-टू-जी बैठकें आयोजित की गईं, जिससे प्रत्यक्ष व्यापार के नए अवसर सामने आए।
एमपी पर बढ़ता वैश्विक भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश ‘फूड बास्केट’ के रूप में अपनी पहचान रखता है और कृषि व फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में लैटिन अमेरिकी देशों के साथ प्रदेश का निर्यात लगभग 3,835 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो 19 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि ब्राजील, मैक्सिको, अर्जेंटीना, पेरू और कोलंबिया जैसे देशों के साथ निर्यात गतिविधियों में तेजी आई है और ग्रीन एनर्जी, लॉजिस्टिक्स, डिजिटल टेक्नोलॉजी तथा माइनिंग जैसे क्षेत्रों में नए अवसर बन रहे हैं।
इंदौर-पीथमपुर बना औद्योगिक हब
सीएम ने बताया कि इंदौर और पीथमपुर फार्मास्युटिकल और ऑटोमोबाइल सेक्टर के वैश्विक हब के रूप में उभर रहे हैं। राज्य में 5 लाख किलोमीटर से अधिक सड़क नेटवर्क, 31 हजार मेगावाट से अधिक बिजली क्षमता और मजबूत लॉजिस्टिक्स व्यवस्था निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करती है। आगामी पांच वर्षों में प्रदेश में छह प्रमुख औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे।
महिला उद्यमिता और स्टार्टअप में आगे एमपी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 45 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप महिलाओं द्वारा संचालित हैं, जो प्रदेश की आर्थिक प्रगति का संकेत है। मध्यप्रदेश में कुशल श्रमिकों की उपलब्धता, बेहतर कानून-व्यवस्था और निवेश अनुकूल नीतियां उद्योगों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं।
‘एमपी आए तो यहीं बस जाए’—सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अपनी संस्कृति और आतिथ्य के लिए जाना जाता है। यहां आने वाला हर व्यक्ति अपनेपन का अनुभव करता है। बाबा महाकाल की कृपा से प्रदेश वैश्विक व्यापार को नए आयाम देने के लिए प्रतिबद्ध है।
ग्लोबल मंच पर एमपी की बढ़ती भूमिका
ग्लोबल इंडिया बिजनेस फोरम के प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश को निवेश के लिए एक डायनामिक राज्य बताते हुए कहा कि यहां औद्योगिक विकास, मैन्युफैक्चरिंग, कृषि और सेवा क्षेत्र में तेजी से प्रगति हो रही है। वहीं, उरुग्वे के राजदूत ने भारत और मध्यप्रदेश के साथ बढ़ते व्यापारिक संबंधों की सराहना की। इस फोरम के जरिए मध्यप्रदेश ने वैश्विक निवेशकों के बीच अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराते हुए अंतरराष्ट्रीय व्यापार और औद्योगिक विकास के नए द्वार खोल दिए हैं।












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