US Strike on Venezuela: ट्रंप की ताकत और मारिया का दिमाग, कैसे एक महिला ने राष्ट्रपति मादुरो को सत्ता से हटाया
Maria Corina Machado Venezuela New President: अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला में 25 साल पुराने 'चाविस्मो' युग का अंत हो गया है। इस तख्तापलट के बाद अब दुनिया की नजरें इस सवाल पर टिकी हैं कि वेनेजुएला की कमान किसके हाथ में होगी?
सत्ता के इस खालीपन के बीच सबसे बड़ा नाम 'मारिया कोरिना मचाडो' का उभर रहा है, जिन्हें वेनेजुएला की 'आयरन लेडी' कहा जाता है। मादुरो की तानाशाही को उखाड़ फेंकने की असली पटकथा मचाडो ने ही लिखी थी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वह खुद सत्ता संभालेंगी या अपने समर्थित उम्मीदवार एडमंडो गोंजालेज को गद्दी पर बैठाएंगी।

तानाशाही की आंखों में आंखें डालकर छीन ली सत्ता
57 वर्षीय मारिया कोरिना मचाडो वेनेजुएला की सबसे निडर और प्रभावशाली नेता हैं। पेशे से इंजीनियर मारिया ने दक्षिणपंथी पार्टी 'वेंटे वेनेजुएला' की स्थापना की और दो दशकों तक मादुरो शासन की आंखों में आंखें डालकर संघर्ष किया। उनकी छवि एक ऐसी अडिग राजनेता की है, जो जेल जाने या देश छोड़ने की धमकियों के बावजूद वेनेजुएला की धरती पर डटी रहीं। उनके इसी अदम्य साहस और लोकतंत्र के प्रति निष्ठा के कारण उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है।
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मारिया पर 15 साल का चुनावी प्रतिबंध
मारिया की बढ़ती लोकप्रियता से निकोलस मादुरो इस कदर डरे हुए थे कि उन्होंने अपनी सत्ता का दुरुपयोग कर मचाडो को 15 साल के लिए चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया था। 2023 के प्राइमरी चुनावों में मारिया को 90% से अधिक वोट मिले थे, जिससे यह साफ था कि वे जनता की पहली पसंद हैं। मादुरो ने उन्हें फर्जी मामलों में उलझाकर राजनीति से बाहर करना चाहा, लेकिन यही कदम उनके पतन की सबसे बड़ी वजह बना और मारिया एक जन-नायक बनकर उभरीं।
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US strike on Venezuela: कैसे पलटा तानाशाही का तख्ता?
चुनाव लड़ने पर रोक लगने के बाद मारिया ने हार मानने के बजाय एक मास्टरस्ट्रोक खेला। उन्होंने खुद के बजाय शांत स्वभाव के पूर्व राजनयिक एडमंडो गोंजालेज को चुनाव मैदान में उतारा। सड़कों पर रैलियां मारिया कर रही थीं और वोट गोंजालेज को मिल रहे थे। जुलाई 2024 के चुनावों में जब मादुरो ने धांधली कर खुद को विजेता घोषित किया, तब मारिया की टीम ने मतदान केंद्रों से सबूत जुटाकर मादुरो की हार को दुनिया के सामने साबित कर दिया, जिससे अमेरिकी हस्तक्षेप का रास्ता साफ हुआ।
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2025 में नोबेल शांति पुरस्कार से किया गया सम्मानित
अक्टूबर 2025 में मारिया को दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित नोबेल शांति पुरस्कार (Venezuela Nobel Peace Prize 2025) से नवाजा गया। नोबेल कमेटी ने उन्हें "लोकतंत्र की लौ जलाए रखने वाली साहसी महिला" बताया। इससे पहले उन्हें यूरोपीय संघ का सखारोव पुरस्कार भी मिल चुका है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय मचाडो को वेनेजुएला में शांतिपूर्ण सत्ता परिवर्तन की सबसे बड़ी उम्मीद मानता है। उनकी अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता ही आज उन्हें मादुरो के बाद देश के नेतृत्व के लिए सबसे प्रबल उम्मीदवार बनाती है।












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