Trump Iran Attack Delay: ईरान पर हमले को लेकर अमेरिका नरम? ट्रंप बोले- डील के करीब पहुंची बातचीत
Trump Iran Attack Delay: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि उन्होंने ईरान पर प्रस्तावित हमले को फिलहाल कुछ समय के लिए टाल दिया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बहुत बड़ी बातचीत चल रही है और उम्मीद है कि हालात कूटनीतिक तरीके से सुलझ सकते हैं।
ट्रंप के मुताबिक सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कुछ अन्य देशों ने अमेरिका से आग्रह किया था कि वह कुछ दिनों तक सैन्य कार्रवाई रोक दे, क्योंकि उन्हें लगता है कि बातचीत किसी समझौते तक पहुंच सकती है।

उम्मीद है हमला हमेशा के लिए टल जाए-ट्रंप
18 मई को पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा-मैंने ईरान पर हमले को कुछ समय के लिए टाल दिया है। उम्मीद है कि शायद हमेशा के लिए टल जाए, लेकिन फिलहाल थोड़े समय के लिए रोका गया है क्योंकि ईरान के साथ बहुत बड़ी बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों ने अमेरिका से दो-तीन दिन का समय मांगा था ताकि बातचीत को अंतिम रूप दिया जा सके।
ट्रंप ने कहा कि सऊदी अरब, कतर, UAE और कुछ अन्य देशों ने मुझसे अनुरोध किया कि हम कार्रवाई कुछ दिनों के लिए रोक दें। उनका मानना है कि समझौता काफी करीब है। यह सकारात्मक संकेत है, लेकिन देखना होगा कि इसका कोई ठोस नतीजा निकलता है या नहीं।
US Iran Conflict: ईरान परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका सख्त
ट्रंप ने अपने बयान में साफ किया कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं देगा। उन्होंने कहा-हमारे पास दुनिया की सबसे ताकतवर सेना है और हम ईरान को न्यूक्लियर वेपन नहीं बनाने देंगे। ट्रंप ने चीन यात्रा और राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि शी ने अमेरिकी सेना की तारीफ की थी।
खाड़ी देश मध्यस्थता में जुटे,CENTCOM ने ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी जारी रखने की बात कही
ट्रंप ने बताया कि कई देश सीधे अमेरिकी अधिकारियों और ईरान से बातचीत कर रहे हैं ताकि संकट को कूटनीतिक तरीके से हल किया जा सके। प्रेसिडेंट ट्रंप ने कहा कि अगर बिना बमबारी किए समाधान निकल जाए तो मुझे बहुत खुशी होगी। इस बयान से साफ संकेत मिला है कि अमेरिका फिलहाल सैन्य कार्रवाई के बजाय बातचीत के रास्ते को भी खुला रखना चाहता है।
इस बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा है कि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों के खिलाफ अपनी सख्त नाकेबंदी जारी रखे हुए है। CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा-"अमेरिकी सेना ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी को सख्ती से लागू कर रही है। अब तक 85 व्यावसायिक जहाजों को रास्ता बदलने के लिए मजबूर किया गया है।"
ईरान का शांति प्रस्ताव अमेरिका ने ठुकराया
रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने हाल ही में पश्चिम एशिया संकट को रोकने के लिए एक संशोधित शांति प्रस्ताव भेजा था, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने उसे अपर्याप्त बताते हुए खारिज कर दिया। Axios की रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ईरान के नए प्रस्ताव में पहले के मुकाबले बहुत कम बदलाव थे और यह अमेरिका की मुख्य शर्तों को पूरा नहीं करता। बताया गया है कि यह प्रस्ताव पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिए रविवार रात अमेरिका तक पहुंचाया गया था।
बढ़ते तनाव के बीच दुनिया की नजर अमेरिका-ईरान वार्ता पर
पश्चिम एशिया में जारी तनाव, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर पूरी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत पर टिकी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बातचीत विफल होती है तो क्षेत्र में बड़ा सैन्य टकराव हो सकता है, जिसका असर वैश्विक तेल बाजार, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पड़ सकता है। हालांकि फिलहाल ट्रंप के ताजा बयान से यह संकेत जरूर मिला है कि अमेरिका कुछ समय के लिए कूटनीतिक समाधान को मौका देना चाहता है।














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