US Embassy Attack Karachi: पाकिस्तानियों का वीजा और ग्रीन कार्ड होगा रद्द? अमेरिका में उठी सबसे बड़ी मांग
US Embassy Attack Karachi: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव की आंच अब पाकिस्तान तक पहुंच गई है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत के विरोध में कराची स्थित अमेरिकी दूतावास पर हिंसक प्रदर्शन हुए, जिसके बाद अमेरिका में पाकिस्तानियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी है।
अमेरिकी दक्षिणपंथी कार्यकर्ता लॉरा लूमर ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो से अपील की है कि सभी पाकिस्तानियों के वीजा और ग्रीन कार्ड तुरंत रद्द कर दिए जाएं। कराची में हुई झड़पों में कई प्रदर्शनकारियों के मारे जाने की खबर है, जिससे दोनों देशों के राजनयिक संबंधों में भारी कड़वाहट आ गई है।

US Marine Karachi Fire: कराची में हिंसा और दूतावास पर हमला
ईरान पर अमेरिकी हमले के विरोध में कराची में प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर जमा हो गई। प्रदर्शन इतना उग्र था कि लोगों ने सुरक्षा घेरा तोड़कर परिसर के भीतर घुसने की कोशिश की। खबरों के मुताबिक, इस हिंसक झड़प में छह प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और करीब 20 लोग घायल हुए हैं। हालांकि, अभी यह पूरी तरह साफ नहीं है कि गोलियां अमेरिकी मरीन ने चलाईं या स्थानीय पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया।
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Pakistan Green Card Cancellation: वीजा और ग्रीन कार्ड रद्द करने की मांग
अमेरिकी एक्टिविस्ट लॉरा लूमर ने इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने अमेरिकी विदेश विभाग और विदेश मंत्री मार्को रुबियो को टैग करते हुए मांग की है कि पाकिस्तानियों को दिए गए सभी वीजा और ग्रीन कार्ड निलंबित किए जाएं। लूमर का तर्क है कि जो देश अमेरिकी दूतावासों पर हमला करने वाली भीड़ का समर्थन करता है, उसके नागरिकों को अमेरिका में रहने का हक नहीं होना चाहिए। इस मांग ने अमेरिका में रह रहे पाकिस्तानी समुदाय में चिंता बढ़ा दी है।
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Anti-US Protests Pakistan: 'आतंकवाद का गढ़' बताकर पाकिस्तान की घेरेबंदी
लॉरा लूमर ने अपनी पोस्ट में पाकिस्तान पर तीखे आरोप लगाते हुए उसे कट्टरपंथ का केंद्र बताया। उन्होंने याद दिलाया कि पाकिस्तान ने ही ओसामा बिन लादेन को शरण दी थी और यह देश लगातार अमेरिका व भारत के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देता है। लूमर के अनुसार, कराची की घटना कोई मामूली विरोध नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। उन्होंने पाकिस्तानी प्रदर्शनकारियों को 'आतंकवादी' करार देते हुए कहा कि जो लोग अमेरिकी मरीन पर हमला करेंगे, उन्हें मौके पर ही जवाब दिया जाएगा।
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अमेरिकी विदेश विभाग का रुख और भविष्य का संकट
फिलहाल अमेरिकी विदेश विभाग ने वीजा रद्द करने जैसी किसी भी मांग पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। लेकिन कराची में हुई हिंसा ने पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि को गहरा धक्का पहुंचाया है। कराची पाकिस्तान का आर्थिक केंद्र है और वहां अमेरिकी दूतावास की सुरक्षा में सेंध लगना एक बड़ी कूटनीतिक विफलता मानी जा रही है। अगर अमेरिका वीजा नियमों में सख्ती बरतता है, तो इसका असर हजारों छात्रों और नौकरीपेशा पाकिस्तानियों पर पड़ेगा, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और गहरा सकता है।












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