खुशखबरी के बाद WHO ने दी ओमिक्रॉन पर बड़ी चेतावनी, अब किस करवट बैठेगा कोरोना?
डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने नये साल के संबोधन में इस साल के अंत तक कोरोना वायरस के अंत की उम्मीद जताई थी, लेकिन अब फिर से नये वेरिएंट के आने की चेतावनी दी गई है।
वॉशिंगटन, जनवरी 05: खुशखबरी के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन यानि डब्ल्यूएचओ ने ओमिक्रॉन वेरिएंट को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। यूरोप में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मंगलवार को चेतावनी दी है कि, दुनिया भर में ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों की वजह से दुनिया में एक नया वेरिएंट आ सकता है, जो और भी ज्यादा खतरनाक है और संक्रमणकारी हो सकता है।

तेजी से फैल रहा है ओमिक्रॉन
कोरोना वायरस का ओमिक्रॉन वेरिएंट काफी तेजी के साथ दुनियाभर में फैल रहा है और पिछले एक हफ्ते में पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के एक करोड़ से ज्यादा नये मरीज मिले हैं और ओमिक्रॉन वेरिएंट जंगल की आग की तरफ फैल रही है, ऐसे में एक बड़ी उम्मीद ये जरूर है, कि दुनिया में हर्ड इम्युनिटी आ सकती है या फिर ओमिक्रॉन वेरिएंट से इतने ज्यादा लोग संक्रमित हो जाएंगे, कि उनके अंदर कोरोना वायरस का एंटीबॉडी पैदा हो सकता है और ये महामारी खत्म हो सकती है और इंसानी जीवन सामान्य हो सकता है, लेकिन डब्ल्यूएचओ के वरिष्ठ आपात अधिकारी कैथरीन स्मॉलवुड ने एएफपी से बात करते हुए चेतावनी दी है कि, संक्रमण की बढ़ती रफ्तार दुनिया पर विपरीत असर भी डाल सकती है।

डब्ल्यूएचओ अधिकारी की चेतावनी
डब्ल्यूएचओ के वरिष्ठ आपात अधिकारी कैथरीन स्मॉलवुड ने कहा कि, "जितना अधिक ओमिक्रॉन फैलता है, उतना ही यह प्रसारित होता है और जितना अधिक यह फैल रहा है, उतनी ही ज्यादा संभावना इस बात की है, कि वो कहीं अपना एक नया वेरिएंट ना बना ले।'' उन्होंने कहा कि, ''अब ओमिक्रॉन घातक है और यह मृत्यु का कारण बन सकता है... शायद डेल्टा से थोड़ा कम, लेकिन कौन कह सकता है कि अगला वेरिएंट कैसा हो सकता है।'' डब्ल्यूएचओ अधिकारी ने कहा कि, ''महामारी की शुरुआत के बाद से यूरोप ने 10 करोड़ से ज्यादा कोरोना संक्रमित मरीजों की पुष्टि की है और 2021 के अंतिम सप्ताह में 50 लाख से ज्यादा नये मरीज मिले हैं, जिसमें हमें बौना साबित कर दिया है''।

'खतरनाक फेज से गुजर रही दुनिया'
डब्ल्यूएचओ अधिकारी ने कहा कि, "हम एक बहुत ही खतरनाक चरण में हैं, हम पश्चिमी यूरोप में संक्रमण दर में काफी वृद्धि देख रहे हैं, और इसका पूरा प्रभाव अभी तक स्पष्ट नहीं है"। स्मॉलवुड ने यह भी कहा कि, डेल्टा की तुलना में ओमिक्रॉन संस्करण के साथ "व्यक्तिगत स्तर पर अस्पताल में भर्ती होने का जोखिम शायद कम होता है, लेकिन कुल मिलाकर, ओमिक्रॉन विश्व के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है''। उन्होंने कहा कि, ''जब आप देखते हैं कि मामलों में इतनी तेजी से वृद्धि हुई है, तो गंभीर बीमारी वाले बहुत अधिक लोगों को ये बीमारी हुई होगी और ऐसे मरीजों को अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ता होगा और संभवत: बहुतों की मौत भी हो जाती होगी"। आपको बता दें कि, डब्ल्यूएचओ अधिकारी की चेतावनी के बीच ब्रिटेन में पिछले 24 घंटे में 2 लाख से ज्यादा तो अमेरिका में 10 लाख से ज्यादा नये मरीज मिले हैं।

डब्ल्यूएचओ चीफ ने दी थी खुशखबरी
आपको बता दें कि, नये साल के मौके पर देशों को संबोधित करते हुए डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस घेब्रेयसस ने उम्मीद जताई थी कि, वैश्विक महामारी का 'तीव्र' चरण इस साल समाप्त हो जाना चाहिए, बशर्ते दुनिया के हर देश वैक्सीन साझा करें और एक साथ काम करें। गुरुवार को कोरोना वायरस को लेकर रखी गई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए डब्ल्यूएचओ चीफ ने हालांकि, चेतावनी भी दी थी कि, ओमिक्रॉन संस्करण से दुनिया भर कोरोना वायरस के 'मामलों की सुनामी' होने की संभावना है। लेकिन उन्होंने अपने नए साल की पूर्व संध्या के संदेश में एक उम्मीद जताई थी।

वैक्सीन को लेकर रखी शर्त
डब्ल्यूएचओ प्रमुख घेब्रेयसस ने कहा था कि, 'यदि हम वैक्सीन को लेकर असमानता को समाप्त कर देते हैं, तो हम महामारी को समाप्त कर देंगे और हम उस 'खराब सपने' को खत्म करने में कामयाब हो जाएंगे, जिनसे हम पिछले दो सालों से गुजर रहे हैं।'' डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने जोर देकर कहा कि, ये कोई मुश्किल काम नहीं है, ये पूरी तरह से संभव है। उन्होंने कहा कि, '''जैसे ही हम महामारी के तीसरे वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं, मुझे विश्वास है कि ये वो साल होने वाला है, जब हम कोरोना महामारी को समाप्त कर देंगे, लेकिन केवल तभी, जब हम इसके खिलाफ एक साथ लड़ेंगे।'
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वैक्सीन को लेकर चेतावनी
डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा कि, ''साल 2022 में सभी देशों के बीच कोरोना वायरस वैक्सीन को लेकर एक समझौता होना चाहिए, जिसमें वैश्विक महामारी को लेकर वैक्सीन की पहुंच हर देश तक हो, इसे सुनिश्चित करना चाहिए और दुनिया को महामारी और महामारियों को रोकने, पता लगाने और तेजी से प्रतिक्रिया करने की आवश्यकता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि, हर देश को अपने अपने यहां प्राइमरी हेल्थ केयर सुविधाएं मजबूत करने पर इस साल निवेश करना चाहिए। उन्होंने कहा कि, 'मेरा मानना है कि, अगर इस साल हम ऐसा करने में कामयाब होते हैं, तो इस साल के अंत तक हमारी जिंदगी पहले की ही तरह सामान्य हो सकती है'।












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