तालिबान से बचकर भागी 22 साल की पत्रकार का सनसनीखेज खुलासा, बेटियों के लिए अफगानिस्तान बना जहन्नुम
अफगानिस्तान की एक महिला पत्रकार ने छोटी छोटी बच्चियों के साथ होने वाले विभत्स व्यवहार को लेकर सनसनीखेज खुलासा किया है।
काबुल, अगस्त 12: अफगानिस्तान के करीब 10 प्रांतीय राजधानियों और करीब 60 प्रतिशत हिस्से पर कब्जा करने के बाद अब तालिबानी आतंकियों ने वहशियाना करतूतों को अंजाम देना शुरू कर दिया है। अफगानिस्तान से आ रही रिपोर्ट के मुताबिक तालिबान के आतंकियों ने घर-घर तलाशी अभियान चलाना शुरू कर दिया है और जिस घर के अंदर भी 12 साल की उम्र से ज्यादा की लड़कियां मिलती हैं, उसे तालिबान के आतंकी जबरदस्ती उठा रहे हैं, उनके साथ बलात्कार करते हैं। तालिबान ने कहा है कि इस्लाम की खातिर देश के लोगों को अपनी बेटियां तालिबानी लड़ाकों के हवाले करनी चाहिए और उसके बाद से ही तालिबानी आतंकियों ने उत्पात मचाना शुरू कर दिया है।

बेटियों पर बरपा रहे कहर
तालिबान ने कहा है कि वो अफगानिस्तान में जिहाद कर रहे हैं और उनके कमांडर जिहादी है। डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान के जिहादी कमांडरों ने अपने कब्जे वाले क्षेत्रों में इमामों को आदेश दिया है कि वे अपने लड़ाकों की शादी के लिए 12 साल से 45 वर्ष की अविवाहित महिलाओं की लिस्ट उन्हें सौंपे। इमामों को कहा गया है कि 12 साल की ज्यादा उम्र की लड़कियों को तालिबान के हवाले कर उन्हें अफगानिस्तान में जिहाद करने में मदद करे। वहीं, डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक तालिबान के लड़ाके किसी शहर पर कब्जा करने के बाद घरों में तलाशी अभियान चलाते हैं और छोटी-छोटी बच्चियों से बलात्कार करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान के लोग अफगानिस्तान में कम उम्र की बेटियों के साथ जो बर्ताव करते हैं, वो रूह कंपाने वाला है।
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महिला पत्रकार का खुलासा
अफगानिस्तान की एक महिला पत्रकार ने छोटी छोटी बच्चियों के साथ होने वाले विभत्स व्यवहार को लेकर सनसनीखेज खुलासा किया है। महिला पत्रकार ने अंडरग्राउंड रहकर तालिबानी सोच और तालिबानी आतंकियों द्वारा मचाए जा रहे आतंक को लेकर ऐसी बातें बयां की हैं, जो दिल दहलाने के लिए काफी है। महिला पत्रकार ने कहा है कि वो अपने चाचा के साथ कहीं छिपी हुई है और कहा है कि अगर उसके बारे में तालिबान को जानकारी मिलती है, तो उसकी जान ले ली जाएगी। 22 साल की अफगान महिला पत्रकार ने कहा है कि तालिबान के आतंकियों ने जब उसके मोहल्ले पर हमला किया था, तो वो किसी तरह बुर्का पहनकर भागने में कामयाब रही और वो एक गांव में छिप गई। लेकिन, मुखबिरों के जरिए तालिबानी आतंकियों को फिर उसकी खबर मिल गई। जिसके बाद वो उत्तरी अफगानिस्तान में कहीं छिपी हुई है।

क्या कभी घर आ पाऊंगी ?
महिला पत्रकार ने गार्जियन अखबार से बात करते हुए कहा कि ''क्या अब मैं कभी अपने शहर लौट पाऊंगी? क्या मैं अब कभी भी अपने परिवार से, अपने मां-बाप से मिल पाऊंगी? 22 साल की महिला पत्रकार ने कहा कि अब वो कहां जाएगी, कैसे अपनी जान बचाएगी और कैसे जिंदा रहेगी, उसे कुछ नहीं पता है। महिला पत्रकार ने कहा कि अगर उसे तालिबान के आतंकी पकड़ लेते हैं, तो उसे काफी प्रताड़ित किया जाएगा और फिर उसे मार दिया जाएगा।

महिलाओं की स्थिति काफी खराब
महिला पत्रकार ने कहा कि कुछ दिन पहले तालिबान ने मेरे पूरे प्रांत पर कब्जा कर लिया है और मैं लगातार भाग रही हूं। महिला पत्रकार ने कहा कि ''मुझे पता है कि अगर तालिबान के आतंकी मुझे पकड़ लेते हैं तो या तो मुझे किसी आतंकवादी की बीवी बनना होगा या फिर मेरे साथ वो बलात्कार करेंगे''। महिला पत्रकार ने कहा कि ''मैं एक न्यूज जर्नलिस्ट हूं और मुझे काफी लोग जानते हैं, जिसकी वजह से मेरा छिपना काफी मुश्किल हो रहा है। तालिबानी आतंकी लगातार मुझे और मेरे साथी की तलाश कर रहे हैं''। अफगानिस्तान की महिला पत्रकार ने कहा कि ''मेरे मैनेजर ने पिछले वीकेंड पर मुझे फोन किया था और कहीं छिप जाने के लिए कहा था। मेरे मैनेजर ने मुझे कहा कि खासकर महिलाओं को तालिबान से बचकर रहना चाहिए और अगर वो किसी भी तरह से सरकारी नियंत्रण वाले क्षेत्र तक पहुंच सके तो पहुंच जाए।

जवान महिला की हत्या
वहीं, इसी हफ्ते महिला की तालिबान ने ली जान अफगानिस्तान में 'रेडियो आज़ादी' की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि "तालिबान के नियंत्रण वाले समर कांड गांव में एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई।" पुलिस के अनुसार, 21 साल की महिला की पहचान नाज़नीन के रूप में हुई है। महिला पर उस समय हमला किया गया, जब वह घर से अकेले निकलकर मजार-ए-शरीफ के लिए वाहन में सवार होने वाली थी। पुलिस ने यह भी कहा कि हमले के समय नाज़नीन ने बुर्का पहना हुआ था, फिर भी उसकी हत्या सिर्फ इसलिए कर दी, क्योंकि उसने कुछ टाइट कपड़े पहने हुए थे और उसके साथ कोई पुरूष रिश्तेदार नहीं था। तालिबान के नियंत्रण में रहने वाले अफगानों ने कहा है कि तालिबान ने महिलाओं के बाहर काम करने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

महिलाओं के लिए तालिबान के नियम
तालिबान ने अफगानिस्तान के उत्तरपूर्वी प्रांत तखर में हाल ही में कब्जा किए गए जिलों में नए कानून और नियम जारी कर दिए हैं, जिनमें महिलाओं को अकेले घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी गई है. वहीं पुरुषों को दाढ़ी बढ़ाने का आदेश दिया गया है। अफगानिस्तान की एरियाना न्यूज ने तखर में नागरिक समाज के कार्यकर्ताओं का हवाला देते हुए कहा कि तालिबान ने लड़कियों के लिए दहेज के नियम भी तय कर दिए हैं। एरियाना न्यूज ने तखर में एक नागरिक सामाजिक कार्यकर्ता मेराजुद्दीन शरीफी के हवाले से कहा है कि, "तालिबान ने एक बयान में महिलाओं से एक रिश्तेदार (मोहरम) के बिना बाहर नहीं निकलने का हुक्म किया है। साथ ही पूरूषों के लिए तालिबान ने दाढ़ी रखना अनिवार्य कर दिया है।" शरीफी ने यह भी कहा कि "तालिबान बिना सबूत के मुकदमे भी चलाना शुरू कर चुका है"।

तालिबान का दहशत वाला कानून
तालिबान ने अतीत में इस्लामी शासन को बेहद कठोरता से लागू किया था और एक बार फिर से तालिबान ने इस्लामी कानून को लागू करने का ऐलान कर दिया है। अतीत में तालिबान ने इस्लामी कानून के तहत लड़कियों की पढ़ाई को बंद करवा दिया था और महिलाओं को अकेले घरों से निकलने पर पाबंदी लगा दी गई थी। 2001 में अमेरिकी सेना के अफगानिस्तान आने से पहले तालिबान ने पूरे अफगानिस्तान में जंगल राज कायम कर दिया था और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर बर्बर कार्रवाई की जाती थी। महिलाओं की सड़कों पर पिटाई की जाती थी, यातनाएं दी जाती थी और तालिबान की इस्लामी पुलिस महिलाओं पर सख्ती से तालिबानी कानून लागू करती थी।












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