'तबलीगी जमात आतंकवाद के दरवाजों में से एक है'...इस आरोप में सऊदी अरब ने लगाया प्रतिबंध

रियाद, 10 दिसंबर: सऊदी अरब सरकार ने सुन्नी मुस्लिम संगठन तबलीगी जमात पर अपने देश में पाबंदी लगा दी है और इसे 'आतंकवाद के दरवाजों में से एक' करार दिया है। सऊदी सरकार ने मस्जिदों के मौलानाओं से कहा है कि शुक्रवार से लोगों को तबलीगी जमात के बारे में चेतावनी देना शुरू कर दें, क्योंकि 'ये समाज के लिए खतरा हैं।' सऊदी अरब के इस्लामिक मामलों के मंत्रालय ने कई सारे ट्वीट करके अलग-अलग प्वाइंट में विस्तार से बताया है कि इस 'कट्टरपंथी' को वह क्यों प्रतिबंधित कर रहा है।

 Saudi Arabia banned Tablighi Jamaat, calling it a door to terrorism and a danger for society

सऊदी अरब में तबलीगी जमात पर प्रतिबंध
सऊदी अरब के इस्लामिक मामलों के मंत्रालय ने ट्विटर के जरिए कहा है कि, 'इस्लामिक मामलों के मंत्री डॉक्टर अब्दुललतीफ अल अलशेख ने मस्जिदों के मौलानाओं और मस्जिदों को निर्देश दिए हैं कि शुक्रवार की प्रेयर अस्थाई रखें ताकि अगले शुक्रवार का उपदेश (तबलीगी और दावाह ग्रुप ) को चेतावनी देने के लिए आवंटित किया जाए, जिसे (अल अहबाब) कहते हैं।'(तस्वीर-प्रतीकात्मक)

'यह आतंकवाद के दरवाजों में से एक है'
एक नहीं कई ट्वीट के जरिए तबलीगी जमात के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया गया है कि सऊदी सरकार ने मस्जिदों के मौलानाओं को निर्देश दिए हैं कि वह तबलीगी जमात की बड़ी गलतियों के बारे में लोगों को जानकारी दें- '1-गुमराह करने का ऐलान, इस ग्रुप से भटकाव और खतरा और यह आतंकवाद के दरवाजों में से एक है, चाहे यह कुछ भी दावा करे। 2-इनकी सबसे बड़ी गलतियों के बारे में बताएं।'

 Saudi Arabia banned Tablighi Jamaat, calling it a door to terrorism and a danger for society

'यह समाज के लिए खतरा हैं'
सऊदी अरब की सरकार ने मस्जिदों और मौलानों से यह भी कहा है कि लोगों को यह जानकारी दें कि सऊदी अरब में इन कट्टरपंथी समूहों के साथ (तबलीगी और दाबाह समूह) ताल्लकु रखना प्रतिबंधित है। '3- बताएं कि यह समाज के लिए खतरा हैं। 4- बयान दें कि कट्टरपंथी समूहों के साथ संबंध तबलीगी और दाबाह समूह समेत सऊदी अरब राज्य में प्रतंबिधित है।'

 Saudi Arabia banned Tablighi Jamaat, calling it a door to terrorism and a danger for society

क्या है तबलीगी जमात ?
तबलीगी जमात मुसलमानों का एक रूढ़ीवादी संगठन है, जिसका संगठन अब पूरी दुनिया में फैल चुका है। इसकी शुरूआत 1927 में मेवात इलाके से मौलाना मोहम्मद इलियास कंधालवी ने की थी। 1950 के बाद से यह भारत के दूसरे इलाकों से लेकर पूरे विश्व में फैल गया। पिछले साल यह संगठन तब चर्चा में आया था, जब कोविड की पहली लहर के दौरान दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में एक साथ बहुत ज्यादा संख्या में तबलीगी जुटे हुए थे।

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